श्री हिमंत बिश्व शर्मा 10 मई, 2026 को सर्वसम्मति से भाजपा एवं एनडीए विधायक दल के नेता चुने गए। यह बैठक भाजपा केंद्रीय पर्यवेक्षक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा एवं केंद्रीय सह पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में संपन्न हुई।
श्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “श्री हिमंत बिश्व शर्माजी को भाजपा एवं एनडीए विधायक दल के नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार विकास, स्थिरता और जनकल्याण को अपना आशीर्वाद दिया है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ‘विकसित असम’ के संकल्प को साकार करते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
श्री हिमंत बिश्व शर्मा ने कहा, “आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने लगातार दूसरी बार असम की जनता की सेवा करने के लिए उनके ‘मुख्य सेवक’ के रूप में मुझ पर अपना विश्वास जताया है। श्री नितिन नवीन जी और आदरणीय अमित शाह जी का भी मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे निरंतर अपना मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश प्रदान किया है। मैं एनडीए परिवार के सभी नवनिर्वाचित विधायकों—असम भाजपा, असम गण परिषद् और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट—के प्रति भी अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। उन्होंने मुझे एनडीए विधायक दल का नेता चुना और एक ‘विकसित’ तथा ‘सुरक्षित’ असम के निर्माण के जनादेश को पूरा करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। मां कामाख्या के आशीर्वाद और असम की जनता के सहयोग से मैं उस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं, जिसकी शुरुआत हमारी पार्टी ने वर्ष 2016 में ‘आई असम’ (मातृभूमि असम) की सेवा के संकल्प के साथ की थी और मैं 24 घंटे, सातों दिन इसकी सेवा में समर्पित रहूंगा।”

डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा : जीवन परिचय
• डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा का जन्म 1 फरवरी, 1969 को असम के जोरहाट में लेखक श्री कैलाश नाथ शर्मा और साहित्यकार श्रीमती मृणालिनी देवी के घर हुआ था।
• उन्होंने कॉटन कॉलेज और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से क्रमशः राजनीति विज्ञान में अपनी बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की।
• उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एलएल.बी. और पीएच.डी. की डिग्रियां भी प्राप्त की।
• कॉटन कॉलेज में अपने अध्ययन के दौरान वे छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और लगातार तीन बार कॉलेज के छात्र संघ के महासचिव चुने गए।
• मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने 1996 से 2001 के बीच गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकालत की।
• श्री शर्मा ने 2001 में जालुकबारी से विधायक के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने 14 वर्षों से अधिक समय तक स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त सहित कई महत्वपूर्ण कैबिनेट पद संभाले और राज्य की शिक्षा तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाई।
• मई, 2021 में उन्होंने असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके प्रशासन ने व्यापक बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
• 2026 के विधानसभा चुनावों में निर्णायक जीत के बाद श्री शर्मा ने 12 मई, 2026 को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

