बिहार लालटेन युग से निकलकर एलईडी युग में पहुंच गया है: जगत प्रकाश नड्डा

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज बुधवार को बिहार के मधुबन और नरकटियागंज में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित किया। श्री जगत प्रकाश नड्डा ने लालू यादव और रावड़ी देवी के शासन में हुए अपराध, घोटालों और जंगलराज की जमकर आलोचना की और बिहार की जनता से अपील की कि बिहार में जंगलराज की वापसी को रोकने के लिए एनडीए के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजय बनाएं। कार्यक्रम के दौरान मंच पर केंद्रीय मंत्री श्री सतीश चंद्र दूबे, सांसद श्रीमती लवली आनंद व डॉ. संजय जयसवाल, पूर्व सांसद श्रीमती रमा देवी, भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजकुमार चाहर, जद(यू) जिला अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी, मधुबन से भाजपा प्रत्याशी श्री राणा रणधीर सिंह, नरकटियागंज से भाजपा प्रत्याशी श्री संजय पांडे, सिकटा से जदयू प्रत्याशी श्री समृद्ध वर्मा, समेत अन्य नेतागण उपस्थित रहे।

श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की मेहनत से बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है और विकास के पथ पर अग्रसर है। जनता में जो उत्साह और उमंग है, वह इस बात का प्रमाण है कि जनता ने 11 तारीख को श्री रणधीर सिंह को विजयी बनाकर विधानसभा भेजने का निश्चय कर लिया है। यह चुनाव केवल श्री राणा रणधीर सिंह का नहीं है और न ही केवल मधुबन क्षेत्र के विकास का चुनाव है। यह चुनाव बिहार को विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ाने और प्रदेश में स्थिरता लाने का चुनाव है। अगर बिहार लालटेन युग से निकलकर एलईडी युग में पहुंचा है, तो यह मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की मेहनत और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद का परिणाम है। आज बिहार अंधकार से निकलकर उजाले की दिशा में बढ़ रहा है, यह परिवर्तन विकास की नई गति का प्रतीक है। 11 तारीख को हर मतदाता को अपनी जिम्मेदारी निभानी है। यदि उजाले का आनंद लेना है तो अंधकार की त्रासदी को याद रखना होगा। अगर पूर्णिमा की चमक का आनंद लेना है तो अमावस्या की अंधेरी रात को याद रखना होगा। आज बिहार को सुशासन और विकास के मार्ग पर देखना है, तो लालू यादव के जंगलराज के उस अंधकारमय दौर को याद रखना होगा ताकि यह समझ आए कि आज किस तरह बिहार बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विकास के क्षेत्र में लगातार नए-नए आयाम जोड़े जा रहे हैं और आज देश में विकास के दृष्टिकोण से एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। राजद के शासन में अंधकार युग और जंगलराज था। उस समय दिन में केवल दो घंटे बिजली मिलती थी। मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोग जनरेटर वाले के पास जाते थे और ₹1 देकर मोबाइल चार्ज कराते थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज बिहार में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है और 125 यूनिट तक की बिजली मुफ्त दी जा रही है। इस योजना का लाभ 1 करोड़ 62 लाख लोगों को मिला है। यह बदलता हुआ बिहार का नया युग है। एनडीए का मतलब है, ‘हीरा’। ‘हीरा’ का अर्थ है, एच फॉर हाईवे, आई फॉर इंटरनेट, आर फॉर रेलवे और ए फॉर एयरपोर्ट। आज यही विकास की पहचान बन चुके हैं। बिहार में हाईवे बन रहे हैं, एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है, एलिवेटेड रोड तैयार हो रहे हैं। हर दिशा में विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और बिहार एक नए युग की ओर अग्रसर है।

श्री नड्डा ने कहा कि बक्सर से लेकर भागलपुर तक ₹4,447 करोड़ की लागत से हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना बिहार के विकास का एक बड़ा उदाहरण है। महात्मा गांधी सेतु के बगल में 14.3 किलोमीटर लंबा फोर लेन ब्रिज गंगा के किनारे बन रहा है और इससे पटना पहुंचने में लोगों को सुविधा होगी। इसी तरह विकास की यह कहानी पटना से पूर्णिया एक्सप्रेसवे तक फैली हुई है, जिसे नेशनल एक्सप्रेसवे नंबर 9 घोषित किया गया है। इसके अलावा पटना-आरा-सासाराम एक्सप्रेसवे ₹3,712 करोड़ की लागत से बन रहा है और दरभंगा-आमस एक्सप्रेसवे का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसकी लागत ₹5,000 करोड़ से अधिक है। आज बिहार के 31,000 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है। लालू यादव कहा करते थे कि सड़कें बनेंगी तो पुलिस आ जाएगी और पुलिस आ गई तो लोगों को पकड़कर ले जाएगी, इसलिए सड़कें नहीं बननी चाहिए। वह लालटेन का युग था, जब अंधकार और पिछड़ापन था। आज वही बिहार बदल चुका है, हर गांव सड़कों से जुड़ चुकी है और विकास की गाड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में डिजिटल क्रांति का नया युग शुरू हो चुका है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 38,000 किलोमीटर लंबा ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया गया है और अब तक 8,350 पंचायतें इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं। यह बदलते बिहार की तस्वीर है। आज गांव-गांव में लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर रील बना रहे हैं, गाने डाल रहे हैं और चुनाव पर अपनी राय भी व्यक्त कर रहे हैं। किसी ने कभी नहीं सोचा था कि बिहार के गांवों में यह दृश्य दिखाई देगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की मेहनत से बिहार में रेलवे का बजट 10 गुना बढ़ाया गया है। आज बिहार से 20 वंदे भारत ट्रेनें गुजर रही हैं और 26 वंदे भारत व अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बिहार से शुरू हो रही हैं। इसके साथ ही 98 रेलवे स्टेशन नए सिरे से बनाए जा रहे हैं। बापू धाम मोतिहारी और रक्सौल स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। पटना मेट्रो परियोजना का पहला चरण उद्घाटन के लिए तैयार है और 4.3 किलोमीटर का एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर बन चुका है। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार होकर शुरू हो चुका है, जिससे पटना की पूरी सूरत बदल गई है। बेतिया में ₹14,000 करोड़ की लागत से नया एयरपोर्ट बन रहा है, जबकि दरभंगा एयरपोर्ट से आज 26 उड़ानें संचालित हो रही हैं। बिहार में चार नए एयरपोर्टों पर कार्य जारी है, जो राज्य के विकास और संपर्क को नई ऊंचाई देगा।

श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि बिहार में विकास तेजी से हुआ है और इस विकास की गति को बनाए रखने के लिए एनडीए के सभी प्रत्याशियों को विजयी बनाना जरूरी है। वे विकास की इस निरंतरता के लिए एकजुट होकर एनडीए को समर्थन दें। महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जीविका दीदियों के खातों में ₹10,000 की राशि पहुंचाई जा रही है, और 11 तारीख के बाद मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार 14 तारीख को उनके खातों में ₹2 लाख की अतिरिक्त राशि भेजेंगे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा दिया गया, ममता दीदियों का भत्ता भी बढ़ाया गया और अपंग, विधवा तथा वृद्धा पेंशन को भी तीन गुना कर दिया गया ताकि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके। यह सब यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की संवेदनशील सरकार का परिणाम है। युवाओं के लिए “युवा आयोग” का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से एक करोड़ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। राम-जानकी पथ का निर्माण तेजी से हो रहा है, जो मधुबन, सत्तरघाट, केसरिया, चकिया और मोतिहारी को जोड़ता है। इसके अलावा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में ₹136 करोड़ की लागत से एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और स्टोरेज टर्मिनल का उद्घाटन किया है, जिससे इस क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मेहनत और दृष्टि को देखते हुए बिहार के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य शुरू किया है। आज मुजफ्फरपुर की प्रसिद्ध शाही लीची को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का अभियान चल रहा है। सुधा डेयरी को आधुनिक और वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए केंद्र सरकार विशेष सहायता दे रही है ताकि बिहार की दुग्ध उत्पादक शक्ति को नया विस्तार मिल सके। भागलपुर के सिल्क और मधुबनी की पारंपरिक पेंटिंग को भी विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जब भी विदेश जाते हैं और किसी राष्ट्राध्यक्ष को भारतीय संस्कृति का प्रतीक भेंट करते हैं, तो अक्सर मधुबनी की पेंटिंग उपहार में देते हैं। इससे बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। भागलपुर के शिल्पकारों के हुनर को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास हो रहा है, जिससे राज्य की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल रही हैं। बिहार के प्रसिद्ध मखाने को भी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। इसके लिए “मखाना बोर्ड” का गठन किया गया है और इसमें ₹100 करोड़ की राशि निवेश की गई है। आज मखाना उत्तर बिहार की नई पहचान बन चुका है और विश्व बाजार में अपनी जगह बना रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत बिहार के 8 करोड़ 70 लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है, जिसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या चावल और 1 किलो दाल निःशुल्क दी जा रही है। साथ ही, 3 करोड़ 80 लाख परिवार गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं, यह बदलते बिहार की तस्वीर है। इस प्रगति को और आगे बढ़ाने, बिहार को विकसित राज्य बनाने और विकसित भारत के सपने में बिहार को जोड़ने के लिए एनडीए के सभी उम्मीदवारों को चुनाव में विजयी बनाना आवश्यक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से दूसरी बार देश का स्वास्थ्य मंत्री बनने का अवसर मिला। इससे पहले वे राज्य में भी स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और उस समय लोगों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखकर गहरी चिंता होती थी। कई जनप्रतिनिधि पत्र लिखकर बताते थे कि उनके क्षेत्र में किसी को कैंसर है, किसी को किडनी बदलवानी है या किसी का बाईपास सर्जरी कराना है, लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। जब ऐसे मरीजों को इलाज कराना होता था तो उन्हें अपनी जमीन या मकान बेचना पड़ता था, बच्चों की पढ़ाई तक रुक जाती थी। जब ये सारी बातें आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बताई, तब प्रधानमंत्री जी ने कहा, “नड्डा, कुछ बड़ा सोचो।” उसी सोच का परिणाम है कि आज देशभर की 62 करोड़ जनता को, जिनमें 5 करोड़ 45 लाख बिहारवासी भी शामिल हैं, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हर वर्ष ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। आज किसी सांसद या विधायक को किसी मरीज के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि अब हर गरीब परिवार के पास आयुष्मान भारत कार्ड है। इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हर व्यक्ति को सालाना ₹5 लाख की सहायता मिलती है। यह आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है, जिसने गरीबों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आत्मविश्वास दिया है।

श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि उनका बचपन बिहार में बीता है और वे अच्छी तरह याद करते हैं कि उस समय बहनें घड़ा लेकर दूर-दूर तक पोखरों से पानी भरने जाती थीं। आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से बिहार के 1 करोड़ 60 लाख घरों तक “हर घर नल, हर घर जल” योजना के तहत शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा चुका है। यह वह परिवर्तन है जिसे हर व्यक्ति को समझना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बिहार में 60 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 37 लाख मकान पूरे हो चुके हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अब पूरे देश में 3 करोड़ नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें बिहार को भी बड़ा हिस्सा मिलेगा और राज्य में एक करोड़ से अधिक पक्के घर बनेंगे। आने वाले समय में, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की मेहनत से बिहार में अब कोई भी व्यक्ति कच्ची छत के नीचे नहीं सोएगा, सबके सिर पर पक्की छत होगी। एनडीए सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर तैयार किए हैं। एक करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। एनडीए सरकार का संकल्प है कि एक करोड़ बहनों को “लखपति दीदी” बनाया जाएगा, ताकि हर घर आर्थिक रूप से संपन्न बन सके। किसान सम्मान निधि योजना, जिसके अंतर्गत पहले किसानों को ₹6000 वार्षिक मिलते थे, अब कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के रूप में ₹9000 सालाना कर दी गई है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्री राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज, 50 लाख पक्के मकान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को सशक्त बनाया जा रहा है। यही वह बिहार है जो विकास, स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि श्री राणा रणधीर सिंह का राजनीतिक अनुभव बहुत लंबा और समृद्ध है। वे तीन बार के विधायक रहे हैं और अपने क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम करते रहे हैं। श्री रणधीर सिंह ने फेनहारा प्रखंड भवन ₹30 करोड़ की लागत से बनवाकर जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही फेनहारा थाना भवन ₹6 करोड़ की लागत से बनवाया गया। देवकुलिया में आधुनिक हेल्थ सेंटर का निर्माण ₹26 करोड़ की लागत से कराया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है। मधुबन में आईटीआई कॉलेज ₹30 करोड़ की लागत से बनवाया गया है ताकि युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर मिल सकें। श्री रणधीर सिंह जी के नेतृत्व में अब तक 14 पुलों का निर्माण कराया गया है और कृष्णा नगर से फेनहारा तक की सड़क ₹26 करोड़ की लागत से बन रही है। यह सिर्फ श्री रणधीर सिंह के काम का “ट्रेलर” है, पूरी “फिल्म” अभी बाकी है। श्री नड्डा ने मधुबन की जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर राणा रणधीर सिंह को भारी मतों से विजयी बनाएं और उन्हें विधानसभा भेजें, ताकि विकास का यह सिलसिला और तेजी से आगे बढ़ सके।

श्री नड्डा ने कहा कि जब तक बिहार की जनता यह नहीं समझती कि गुंडा राज और जंगल राज क्या होता है, तब तक सुशासन का असली अर्थ नहीं समझ पाएगी। लालू यादव का शासनकाल ही असली जंगल राज था। आरजेडी के ‘आर’ का अर्थ है रंगदारी, ‘जे’ का मतलब है जंगलराज और ‘डी’ का मतलब है दादागिरी। यानी आरजेडी का मतलब ही है रंगदारी, जंगल राज और दादागिरी और आज भी इनकी दादागिरी खत्म नहीं हुई है। बिहार के लोग शिल्पी गौतम कांड को कभी नहीं भूल सकते। उस घटना में साधु यादव और उनके लोगों का सीधा हस्तक्षेप था और जो आरोपी थे उन्हें छुड़ाया गया था, यह जंगल राज का सबसे बड़ा उदाहरण था। एक आईएएस अधिकारी की पत्नी चम्पा विश्वास के साथ दुष्कर्म हुआ था, उसकी मां और बहन के साथ भी बलात्कार हुआ था और यह घिनौना कृत्य आरजेडी के नेताओं ने किया था। पुलिस ने अपराधियों को बचाया, यह जंगल राज की पहचान थी। चंदा बाबू के तीनों बेटों को एसिड में डालकर निर्ममता से मार दिया गया था, यह भी जंगल राज की भयावह तस्वीर थी। उस समय शहाबुद्दीन का खौफ पूरे इलाके में फैला हुआ था और लालू यादव ने ऐसे व्यक्ति को सांसद बनाया था। यह सब घटनाएं उस जंगल राज की सच्ची झलक थी, जिसमें बिहार को झोंक दिया गया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सबसे भ्रष्ट परिवार लालू प्रसाद यादव का परिवार है। उन्होंने चारा घोटाला किया, जिसके कारण लालू यादव को 36 साल की सजा हुई और वे सजा काट रहे हैं। राबड़ी देवी बेल पर हैं, तेजस्वी यादव बेल पर हैं और मीसा भारती भी बेल पर हैं। इन सबकी जिंदगी जेल और बेल के बीच गुजरने वाली है। ऐसे लोगों को राजनीति में आगे आने नहीं देना चाहिए, क्योंकि ऐसी राजनीति की समाज और देश को कोई जरूरत नहीं है। लालू प्रसाद यादव को बिहार की जनता से कोई मतलब नहीं है। उनके लिए यादव समुदाय का मतलब केवल मीसा भारती, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी यानि की उनका अपना परिवार है। लालू यादव और राबड़ी देवी को अपने परिवार के बाहर कोई दूसरा यादव नजर नहीं आता। समाज और जनता की चिंता भाजपा ही करती है। लालू यादव का गठजोड़ राहुल गांधी के साथ है। राहुल गांधी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते-करते अब देश का ही विरोध करने लगे हैं। राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए, सेना का अपमान किया, एयर स्ट्राइक पर भी प्रश्न खड़े किए और ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल उठाए। हर बार राहुल गांधी ने देश और सेना का अपमान किया। जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, भारत के बारे में गलत बातें करते हैं, देश की छवि को धूमिल करते हैं। तेजस्वी यादव ऐसे मौकों पर मूकदर्शक बने रहते हैं, कोई विरोध नहीं करते। यह गठबंधन नहीं बल्कि “लठबंधन” और “ठगबंधन” है, जो जनता को ठगने के लिए बना है। श्री नड्डा ने अपील की कि अब समय आ गया है कि ऐसे लोगों को घर बैठाया जाए। बिहार के विकास और जनता के काम के लिए एनडीए के सभी प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताकर विधानसभा भेजना चाहिए, यही बिहार और जनता के हित में होगा।