आपस में ही सिरफुटौव्वल करने वाली महाठगबंधन बिहार को सुरक्षित और समृद्ध नहीं रख सकता: अमित शाह

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रविवार को बिहार के देवरिया पूर्व (मुजफ्फरपुर) और महुआ (वैशाली) में आयोजित विशाल रैलियों को संबोधित किया और एनडीए प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजयी बनाते हुए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के हाथ मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अरविंद पासवान, साहिबगंज से भाजपा प्रत्याशी श्री राजू सिंह, बरूराज से भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर अरुण सिंह, पारु से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी श्री मदन चौधरी, महुआ से लोजपा (आर) के प्रत्याशी श्री संजय सिंह सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।

श्री शाह ने कहा कि मुजफ्फरपुर की भूमि प्राचीन तिरहुत और मिथिला का गौरवशाली हिस्सा रही है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाया ही, अब सीतामढ़ी में भव्य सीता माता का मंदिर भी बनवाने जा रहे हैं, जिसकी लागत ₹850 करोड़ है। सीता माता का मंदिर बनने के बाद अयोध्या और सीतामढ़ी को वंदे भारत ट्रेन से जोड़कर पूरे बिहार का टूरिज्म बढ़ाया जाएगा। 6 नवंबर को मुजफ्फरपुर और वैशाली की जनता को मतदान करना है। यहां एनडीए के सभी प्रत्याशियों को जिताने के लिए जनता को आगामी चुनाव में वोट डालना है। बिहार की जनता को अपना वोट किसी प्रत्याशी को केवल विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं देना। जनता को अपना वोट बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए देना है। लालू-राबड़ी के समय में 15 साल में बिहार का जो पतन हुआ वही जंगलराज अब कपड़े, चेहरा और भेष बदलकर फिर से आने वाला है। यदि मुजफ्फरपुर की जनता हजारों की संख्या में आए और तय करें कि एनडीए के साथियों को जिताना है तो जंगलराज को कोई भी वापस नहीं ला सकता।

श्री शाह ने कहा कि इस चुनाव में एनडीए का गठबंधन पांच पांडवों की तरह मजबूती के साथ चुनावी रण में उतरा है, भारतीय जनता पार्टी, जदयू, लोजपा(आर), HAM और आरएलएम, ये पांचों दल मिलकर बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन में आपसी कलह और तू-तू मैं-मैं चल रही है। जिस गठबंधन में एकता ही न हो, वह बिहार को एकजुट, सुरक्षित और समृद्ध कैसे रख सकता है? बिहार को एक करने, सुरक्षित रखने और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य केवल मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ही कर सकती है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जोड़ी ने बिहार को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का काम किया है। इस जोड़ी ने बोधगया में आईआईएम, भागलपुर में IIIT की स्थापना की, दरभंगा और पटना में एम्स की सौगात दी, पटना मेट्रो का उद्घाटन किया और पूर्णिया एयरपोर्ट को चालू कराया। एशिया का सबसे बड़ा और चौड़ा पुल बिहार में बना है, ₹30,000 करोड़ की लागत से नवीनगर में पावर प्लांट तैयार हुआ है और ₹25,000 करोड़ की लागत से भागलपुर में थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इसके साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ है और अमृत भारत योजना के तहत बिहार के 98 रेलवे स्टेशनों को पुनर्निर्माण का कार्य जारी है। जंगलराज से बाहर निकालकर बिहार को विकास की दिशा में ले जाने का काम मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिलकर किया है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही मुजफ्फरपुर की ‘लिची’ आज देश और दुनिया में अपनी मिठास फैलाने का काम कर रही है। हाल ही में मोदी सरकार ने जीएसटी में कमी की है, जिससे लीची और उसके प्रोसेसिंग पर लगने वाला टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इस निर्णय से लीची किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुजफ्फरपुर की लीची अब विदेशों में निर्यात भी हो रही है, जो मोदी सरकार के प्रयासों का परिणाम है। मुजफ्फरपुर और पूरे बिहार में जितने विकास के कार्य हुए हैं, वह  मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के कारण संभव हुआ है। लालू-राबड़ी के शासन में ऐसा विकास कभी नहीं हो सकता। ये केवल और केवल मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जोड़ी ही कर सकती है।

श्री शाह ने कहा कि लालू-राबड़ी के शासनकाल में बिहार में किस प्रकार की अराजकता थी, इसका उदाहरण गोपालगंज के जिलाधिकारी कृष्णैया की पिट-पीटकर की गई हत्या से मिलता है। अगर दुर्भाग्यवश लालू यादव के बेटे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे, एक अपहरण उद्योग चलाने वाला मंत्रालय, दूसरा रंगदारी का मंत्रालय और तीसरा हत्या और अपराध को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय। इसके विपरीत, अगर जनता मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी तो बिहार को बाढ़ से मुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार का लक्ष्य विकास, सुशासन और सुरक्षा है, जबकि लालू परिवार की राजनीति केवल स्वार्थ और परिवारवाद पर टिकी हुई है। लालू यादव और सोनिया गांधी, दोनों को न देश की चिंता है, न जनता की। लालू यादव की बस यही इच्छा है कि उनका बेटा मुख्यमंत्री बने और सोनिया गांधी चाहती हैं कि उनका बेटा प्रधानमंत्री बने। मगर न तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन सकते हैं और न राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं, क्योंकि दोनों जगहें पहले से भरी हैं। बिहार में श्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और दिल्ली में आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, इसलिए लालू यादव और सोनिया गांधी की इच्छाएं कभी पूरी नहीं हो सकती।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हाजीपुर स्वर्गीय रामविलास पासवान जी की कर्मस्थली रही है। 1977 में पासवान जी यहीं से सांसद बने थे और पासवान जी ने जीत का जो रिकॉर्ड बनाया, उसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है। वैशाली की धरती वही धरती है जहां से जनसेवा और सामाजिक न्याय की एक नई धारा शुरू हुई थी। एक ओर वे पार्टियां हैं जो फिर से जंगलराज लाना चाहती हैं और दूसरी ओर एनडीए की सरकार है, जो बिहार को विकास और रोजगार की दिशा में आगे ले जा रही है। हाजीपुर में 1243 एकड़ भूमि पर एक बड़े औद्योगिक पार्क की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जो हजारों युवाओं को रोजगार देगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ जंदाहा, राजापाकर और महुआ जैसे इलाकों को मिलने वाला है। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाइवे को ₹670 करोड़ की लागत से बनाया गया है, वैशाली में ₹1000 करोड़ की लागत से नया औद्योगिक क्षेत्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें लाखों करोड़ रुपये का निवेश आएगा। हाजीपुर में ₹5000 करोड़ से डबल विकल्प फ्लाईओवर का निर्माण हुआ है और कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच छह लेन का गंगा पुल भी बनाया गया है। गांधी सेतु का पुनर्निर्माण पूरा किया गया है, बेतिया-पटना हाईवे का निर्माण जारी है और गंडक नदी पर एक नया पुल बन रहा है।

श्री शाह ने कहा कि आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे वैशाली जिले से होकर गुजरेगा, जिससे यहां के लोगों को तेज और आधुनिक कनेक्टिविटी मिलेगी। वैशाली को वंदे भारत ट्रेन का लाभ भी नरेंद्र मोदी जी ने दिया है, जिससे यात्रा और पर्यटन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। बहुत जल्द ही महुआ में मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हाजीपुर में देश का तीसरा खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता प्रबंधन संस्थान स्थापित किया गया है, जिससे स्थानीय उद्योगों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सदर अस्पताल का आधुनिकीकरण किया गया है और 130 करोड़ रुपये की लागत से हाजीपुर नगर परिषद क्षेत्र में स्टॉर्म वाटर जल निकासी योजना बनाई गई है, जिससे शहर में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान होगा। इन तमाम योजनाओं और परियोजनाओं से यह सिद्ध होता है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ही विकास, रोज़गार और सुशासन का वास्तविक पर्याय है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गरीब महिलाओं के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन लाया है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की गरीब माताओं और बहनों को धुएं वाले चूल्हों से मुक्ति दिलाई तथा मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बिहार की महिलाओं को जंगलराज के डर और असुरक्षा से आजादी दी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संसद और विधानसभा में माताओं-बहनों को 33% आरक्षण देकर राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया, वहीं मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पंचायत और सरपंच के चुनावों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को स्थानीय शासन में निर्णायक भूमिका दी। मोदी-नीतीश की जोड़ी ने ही बिहार के गांव-गांव और घर-घर तक बिजली पहुंचाई और नए विद्युत संयंत्रों की स्थापना कर राज्य को उजाला और विकास की राह पर अग्रसर किया। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और धारा 370 को हटाना देश की एकता के लिए आवश्यक था। लेकिन आजादी के 70 वर्षों तक कांग्रेस, आरजेडी, सपा, बसपा और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों ने धारा 370 को हटाने नहीं दिया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अगस्त 2019 को धारा 370 का कलंक मिटाकर कश्मीर को पूरी तरह भारत के साथ जोड़ दिया। सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में जब आतंकवादी हमले होते थे, तब आतंकवादियों को बिरयानी खिलाई जाती थी। लेकिन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शासन में पुलवामा और पुंछ हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में 10 दिनों के अंदर ऑपरेशन ‘सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान की धरती में घुसकर आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को न केवल सुरक्षित बनाया, बल्कि समृद्धि तथा आत्मगौरव के मार्ग पर अग्रसर किया है।

श्री शाह ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार के गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन किया है। बिहार की 1 करोड़ 17 लाख माताओं को गैस सिलिंडर दिया गया और 1 करोड़ 50 लाख गरीब परिवारों को घर में शौचालय की सुविधा मिली। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने विधवा पेंशन को ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 कर दिया और 1 करोड़ 41 लाख जीविका दीदियों के खातों में ₹10,000 की सहायता राशि जमा कराई गई। हाल ही में आरजेडी के एक सांसद चुनाव आयोग के पास जाकर यह कहने गए कि यह पैसा क्यों दिया जा रहा है, इसे वापस ले लिया जाए। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लें, यह मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जोड़ी है, किसी में इतनी ताकत नहीं कि गरीबों के खाते में आया पैसा वापस ले सके। हाल ही में एनडीए का संकल्प पत्र जारी हुआ है, जिसमें यह तय किया गया कि आने वाले पांच वर्षों में जीविका दीदियों के खातों में ₹2 लाख तक की राशि दी जाएगी। एनडीए सरकार ने ममता कार्यकर्ताओं, आशा बहनों और रसोइयों का वेतन बढ़ाने के साथ-साथ बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति दी है। बिहार आज वह राज्य बन गया है जो विदेशों में रेल इंजन भेज रहा है। सारण में बने इंजन अफ्रीकी देशों को निर्यात किए गए हैं। ₹1339 करोड़ की लागत से गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाया गया है, बेगूसराय में पीएम मित्र पार्क स्थापित किया गया है और मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 44 हजार लाभार्थियों को ₹3100 करोड़ की सहायता दी गई है। 

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर के लिए ₹20,000 करोड़ की लागत से मेगा फूड पार्क बनाया जा रहा है। इसके अलावा ₹3000 करोड़ से मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन रोड का निर्माण किया गया है। मुजफ्फरपुर से पूर्णिया, गोपालगंज, हाजीपुर और समस्तीपुर तक हाईवे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। हल्दिया-रक्सौल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम भी मुजफ्फरपुर से शुरू किया गया है। मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय रूप देने का कार्य चल रहा है और आने वाले समय में मुजफ्फरपुर के लोग अपने बच्चों के साथ मेट्रो की सवारी भी कर पाएंगे। ₹570 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर में कैंसर अस्पताल को मंजूरी दी गई है और ₹150 करोड़ से मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण पूरा हो चुका है। एनडीए के संकल्प पत्र में यह तय किया गया है कि बिहार के 1 करोड़ युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ा जाएगा। हर जिले में मेगा स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत ₹6000 के साथ-साथ बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹3000 मिलेंगे, जिससे कुल ₹9000 वार्षिक सहायता दी जाएगी। 50 लाख गरीबों के लिए नए मकान बनाए जाएंगे, विश्वस्तरीय सड़कों और अवसंरचना का विकास किया जाएगा और ईबीसी वर्ग की जातियों को स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही गरीब छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का कार्य एनडीए सरकार सुनिश्चित करेगी।

श्री शाह ने कहा कि लालू एंड कंपनी और राहुल एंड कंपनी ने मिलकर देश में 12 लाख करोड़ रुपये के घपले, घोटाले और भ्रष्टाचार किए हैं। बिहार की जनता को एनडीए के सभी प्रत्याशियों के पक्ष में बटन दबाकर इन भ्रष्ट ताकतों को पूरी तरह समाप्त करना है। भाजपा और एनडीए की सरकार बिहार में कभी भी भ्रष्टाचार और जंगलराज को लौटने नहीं देगी। एनडीए सरकार का लक्ष्य एक “बाढ़ मुक्त बिहार” बनाना है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के बजट में कोसी से लेकर गंगा और गंडक तक सभी नदियों के लिए सिंचाई व्यवस्था की विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना के तहत अब बाढ़ का पानी तबाही फैलाने के बजाय किसानों के खेतों में पहुंचेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसान समृद्ध होंगे। बाढ़ मुक्त बिहार का यह संकल्प आने वाले दिनों में महुआ और पूरे राज्य के विकास की दिशा तय करेगा। 550 वर्षों तक पहले मुगलों ने, फिर अंग्रेजों ने, और बाद में कांग्रेस और लालू जैसे दलों ने मिलकर श्रीराम मंदिर के निर्माण को लटकाया, भटकाया और अटकाया। लेकिन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा कर सदियों पुराना स्वप्न साकार किया और पूरे देश में “जय श्रीराम” का उद्घोष गूंजा। बिहार में 100 एमएसएमई पार्क और 50,000 से अधिक कुटीर उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार दोनों बढ़ेंगे। कृषि अवसंरचना में ₹1 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा और ₹5,000 करोड़ की लागत से बिहार के स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब लालू यादव केंद्र सरकार में मंत्री थे, तब वर्ष 2004 से 2014 तक उन्होंने बिहार को क्या दिया? सोनिया गांधी-मनमोहन सिंह सरकार के 10 साल के कार्यकाल में बिहार को मात्र ₹2 लाख 80 हजार करोड़ दिए गए, जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से 2025 तक बिहार के विकास के लिए ₹18 लाख 15 हजार करोड़ का अनुदान दिया है। यह अंतर बताता है कि मोदी सरकार ने बिहार के विकास को कितना प्राथमिकता दी है। मोदी सरकार ने 8 करोड़ 52 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया, 87 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया, जो अब ₹6000 से बढ़कर ₹9000 वार्षिक हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 44 लाख लोगों को घर मिल चुके हैं और 50 लाख नए घरों के निर्माण का कार्य चल रहा है। 1 करोड़ माताओं को गैस सिलिंडर दिया गया, 3 करोड़ 53 लाख लाभार्थियों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिला और जल जीवन मिशन के अंतर्गत 1 करोड़ 7 लाख घरों तक पीने का पानी पहुंचाया गया। साथ ही, बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना भी की गई, जिससे स्थानीय किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। लालू यादव और आरजेडी ने अपने शासनकाल में सिर्फ घोटाले ही किए। चारा घोटाला, लैंड फॉर जॉब घोटाला, होटल बेचने का घोटाला, अलकतरा घोटाला, बाढ़ राहत घोटाला और भर्ती घोटाला जैसे घोटाले भ्रष्टाचार के उदाहरण हैं। लालू यादव का शासन घोटालों का प्रतीक बन गया था, जबकि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के 20 वर्षों और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्षों के शासन में किसी भी नेता पर चार आने का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। भाजपा और एनडीए की सरकार ने पारदर्शिता, ईमानदारी और विकास को केंद्र में रखकर काम किया है। एक बार फिर एनडीए सरकार बनाइए, क्योंकि यही सरकार पूरे बिहार को बाढ़-मुक्त, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। 6 तारीख को मतदान है, सवेरे सभी लोगों ने पहले मतदान करना है और फिर जलपान करना है। श्री शाह ने आह्वान किया कि मुजफ्फरपुर और वैशाली की जनता एकजुट होकर एनडीए के सभी प्रत्याशियों को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाए, ताकि बिहार में विकास और सुशासन की यह यात्रा और भी मजबूत हो सके।