राजस्थान अपनी सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक किलों और रेगिस्तानी परिदृश्य के लिए विश्व विख्यात है। लेकिन अब राज्य ने आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति के क्षेत्र में नई पहचान बनाने का दृढ़ संकल्प लिया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 का आयोजन किया। जिसका सुभारम्भ शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 9 दिसम्बर, 2024 को गुलाबी नगर जयपुर में किया। यह समिट राजस्थान को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने और समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
Reform-Perform-Transform के मंत्र पर कार्य करते हुए विगत 10 वर्षों में मोदी सरकार में भारत में जो प्रगति हुई है, वह हर क्षेत्र में दिख रही है। भारत की इस ऐतिहासिक सफलता लोकतंत्र, जनसांख्यिकी, डिजिटल डाटा और वितरण की शक्ति को दर्शाती है। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभाने वाला है। डबल इंजन की सरकार में राजस्थान उभरता हुआ राज्य होने के साथ ही विश्वसनीय भी है। राजस्थान ग्रहणशील है और जानता है कि समय के साथ स्वयं को कैसे बेहतर किया जाए। राजस्थान चुनौतियों का सामना करने और नए अवसर सृजित करने का दूसरा नाम है। इसी कड़ी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट राजस्थान के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है।
राजस्थान, दिल्ली और मुंबई जैसे economy के दो बड़े सेंटर्स को जोड़ता है। राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के पोर्ट्स को, नॉर्दन इंडिया से जोड़ता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का 250 किलोमीटर हिस्सा भी राजस्थान में है। इससे राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा ऐसे जिलों को बहुत फायदा होगा। Dedicated freight corridor जैसे आधुनिक रेल नेटवर्क का 300 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में है। ये कॉरिडोर, जयपुर, अजमेर, सीकर, नागौर और अलवर जिलों से होकर गुजरता है। कनेक्टिविटी के इतने बड़े प्रोजेक्ट्स का सेंटर होने के कारण राजस्थान निवेश के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन है।
राजस्थान में हेरिटेज टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म, इको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, बॉर्डर एरिया टूरिज्म की अथाह संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में निवेश, राजस्थान के टूरिज्म सेक्टर को ताकत देगा और राजस्थान को विकसित भारत का विकसित राजस्थान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
निवेश आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदम:
भजन लाल शर्रामा की नेतृत्जव वाली राजस्थांन सरकार ने इस समिट के जरिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए। चार महीने में आठ अंतर्राष्ट्रीय, दो राष्ट्रीय और आठ विभागीय प्री-समिट का आयोजन किया गया। यह पहली बार हुआ कि स्थानीय निवेशकों को भी साथ जोड़ने के लिए 50 जिलों में इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया। यह प्रयास राज्य की औद्योगिक नीति को धरातल पर लाने में सहायक साबित हुआ।
इस समिट में ₹35 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार ने 5 वर्षों में राजस्थान को $350 बिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूंजीगत व्यय में 65% की वृद्धि की गई है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 (RIPS-2024) के तहत संतुलित और समावेशी विकास के साथ रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।
नई नीतियों के अंतर्गत “एक जिला-एक उत्पाद नीति,” नवीन खनिज नीति, एमएसएमई पॉलिसी-2024, एवीजीसी-एक्सआर नीति, और राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 को लागू किया गया। इसके अतिरिक्त, अक्षय ऊर्जा और परंपरागत ऊर्जा परियोजनाओं के लिए संयुक्त उद्यम (JV) के माध्यम से ₹1.60 लाख करोड़ के निवेश को प्रोत्साहित किया गया।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत जोधपुर, पाली, और मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक अंशपूंजी प्रदान की गई। इसके अलावा, 11 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए ₹1282 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है।
किसानों की खुशहाली के लिए ऐतिहासिक पहल:
राजस्थान सरकार ने किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 65 लाख से अधिक किसानों को ₹653.40 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। किसानों को ₹2400 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद में बोनस राशि प्रदान की गई।
मोबाइल वेटनरी सेवा-1962 के जरिए पशुपालकों को उनके द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसानों को डेयरी और पशुपालन से संबंधित उपकरणों की खरीद के लिए एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त अल्पकालिक ऋण दिया गया। साथ ही, बिजली बिलों में ₹20,505 करोड़ का अनुदान देकर किसानों को राहत प्रदान की गई।
कृषि कनेक्शनों के विद्युत भार को बढ़ाने के लिए “स्वैच्छिक भार वृद्धि योजना” लागू की गई। गेहूं के समर्थन मूल्य पर अतिरिक्त ₹125 का बोनस देकर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया।
महिला सशक्तीकरण: नए आयाम
महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में राजस्थान सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। गरीब परिवारों की बालिकाओं के जन्म पर ₹1 लाख का सेविंग बॉन्ड प्रदान करने के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की गई। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मात्र ₹450 में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया। राज्य में सार्वजनिक स्थलों पर 14,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को ₹2400 करोड़ का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया। राजीविका योजना के तहत महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध कराए गए।
सुशासन और पारदर्शिता की पहल:
राज्य सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए कई कदम उठाए। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2024 तक अपराधों में 7.76% की कमी दर्ज की गई। महिला अत्याचार के मामलों में 10.18% और अनुसूचित जाति/जनजाति के अपराधों में 14.28% की गिरावट आई।
पेपर लीक मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआई भर्ती परीक्षा और अन्य घोटालों में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। भ्रष्टाचार रोकने के लिए फर्टिलाइजर घोटाले, खनन घोटाले और आईटी घोटाले की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।
केंद्रीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन:
राजस्थान ने केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत गंभीर बीमारियों के लिए कैशलेस उपचार और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त सोनोग्राफी सुविधा प्रदान की गई। जल जीवन मिशन के तहत 10.22 लाख ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया गया।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत राज्य ने दस्तकारों को ऋण और प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाया। करीब 20 लाख से अधिक पंजीकरण के साथ राजस्थान इस योजना में देश में छठे स्थान पर है। इसके अलावा, संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के जरिए 21 जिलों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा दी जा रही है।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 राजस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समिट राज्य को न केवल औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बना रहा है, बल्कि किसानों, महिलाओं और आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। राजस्थान अब केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक नहीं, बल्कि आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का आदर्श राज्य बनने की ओर अग्रसर है। सबका सामूहिक प्रयास की भावना ही, विकसित राजस्थान और विकसित भारत बनाएगी।
(उपरोक्त लेख लेखक के निजी विचार हैं.)