‘विकसित केरलम् सम्मेलन’, तिरुवनंतपुरम (केरल)
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 12 जुलाई, 2025 को केरल के तिरुवनंतपुरम में भाजपा केरल प्रदेश के कार्यालय का उद्घाटन किया और ‘विकसित केरलम् सम्मेलन’ को संबोधित किया। श्री शाह ने बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख किया और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘विकसित केरलम्’ व ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को पूरा करने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा केरल प्रदेश के अध्यक्ष श्री राजीव चंद्रशेखर, केन्द्रीय मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन, भाजपा केरल प्रदेश प्रभारी श्री प्रकाश जावड़ेकर, सह-प्रभारी श्रीमती अपराजित सारंगी एवं अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
श्री शाह ने भाजपा के भव्य कार्यालय का उद्घाटन करते हुए उन सैकड़ों कार्यकर्ताओं को याद किया, जिन्होंने अपनी जान देकर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि कार्यालय का उद्घाटन उनके लिए व्यक्तिगत रूप से विशेष क्षण है, क्योंकि भारतीय
अन्य राजनीतिक दलों के लिए कार्यालय मात्र एक काम करने की जगह होता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्यालय एक पवित्र स्थल होता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह मंदिर के समान होता है
जनसंघ के समय से लेकर आज तक की इस यात्रा में ऐसे कई पड़ाव आए हैं जो संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि यह कार्यालय केवल संगठन का केंद्र न बनकर, केरल में एनडीए की सरकार बनाने की दिशा में एक सशक्त शुरुआत होगी। अन्य राजनीतिक दलों के लिए कार्यालय मात्र एक काम करने की जगह होता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्यालय एक पवित्र स्थल होता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह मंदिर के समान होता है। कार्यालय के बिना पार्टी की विचारधारा कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंच सकती और विचारधारा के बिना भारतीय जनता पार्टी में एक कार्यकर्ता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। भाजपा कार्यकर्ता दिन-रात कार्यालय में पार्टी के आदर्शों और सिद्धांतों के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय केवल एक संरचना नहीं, बल्कि संगठनात्मक चेतना का प्रतीक है। भाजपा की मान्यता है कि जिस प्रकार संगठन के मूलभूत विचार जनता से जुड़े हैं, उसी प्रकार कार्यालय भी जनता और कार्यकर्ता के बीच एक सशक्त सेतु बनकर कार्य करता है।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ की संकल्पना देश के 140 करोड़ नागरिकों के समक्ष रखी है और इस विकसित भारत का मार्ग, विकसित केरल से होकर ही जाता है। दक्षिण भारत के शक्तिशाली राज्यों के समग्र विकास के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। इस दिशा में यदि कोई राज्य सांस्कृतिक समन्वय, प्राचीन विरासत और आधुनिकता का सामंजस्य स्थापित कर आगे बढ़ सकता है, तो वह केवल और केवल महान केरल ही है। यह राज्य विविध संस्कृतियों का संगम है, जो विकास की धारणा को अपनी समृद्ध परंपराओं के साथ जोड़ते हुए एक नई दिशा में अग्रसर हो सकता है और यही वह ताकत है जो विकसित भारत की नींव को मजबूत बनाएगी। आज से भारतीय जनता पार्टी ने केरल में एक नए युग की शुरुआत की है। जिस आधार पर हम ‘विकसित केरलम्’ की परिकल्पना करते हैं, उसके मूल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के तीन प्रमुख सिद्धांत निहित हैं। पहला सिद्धांत है, भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था, दूसरा सिद्धांत यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। तीसरा सिद्धांत है कि वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार किया जाए।
उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों कैडर आधारित पार्टी है। लेकिन इन दोनों में एक बड़ा फर्क है, कम्युनिस्ट पार्टी के लिए केरल का विकास से ऊपर है कैडर का विकास, वहीं भाजपा के लिए ‘विकसित केरलम्’ सबसे ऊपर है। केरल की जनता ने एलडीएफ और यूडीएफ दोनों को कई वर्षों तक मौका दिया, लेकिन इन दोनों ने सिर्फ हिंसा, भ्रष्टाचार, वोट बैंक की राजनीति, तुष्टीकरण और देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया।
श्री शाह ने कहा कि ‘विकसित केरलम्’ के संकल्प को साकार करने के लिए जब‑जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता केरल की जनता के बीच पहुंचे, भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने केरल की जनता से आग्रह करते हुए कहा कि आगामी लोकल बॉडी चुनाव में भाजपा और एनडीए 21,000 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और भाजपा का लक्ष्य 25 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त करने का है। इसलिए आज से लेकर नवंबर तक का सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को अपना समय ‘विकसित केरलम्’ के लिए समर्पित करना है।

