नरेन्द्र मोदी का ऑडियो लाइब्रेरी बनाने का सुझाव

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मोदी स्टोरी                                                                —अरविंद संत, एनआरआई-यूएसए

श्री नरेन्द्र मोदी को 1990 के दशक में अमेरिकी सरकार द्वारा न्यूयॉर्क में युवा प्रतिनिधियों की एक बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम के बाद श्री मोदी ने अमेरिका में बसे प्रवासी भारतीय से मिलने के लिए 15 दिनों का दौरा किया। उस समय अमेरिका में रहने वाले भारतीय श्री अरविंद संत बताते हैं कि उन 15 दिनों के दौरान मुझे श्री मोदी को शहरों में घुमाने का सम्मान मिला। जब श्री मोदीजी न्यूयॉर्क आए, तो उन्होंने शहर के सभी कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की व्यवस्था की। वे हमारे घर भी आए।

श्री संत कहते हैं, “गाड़ी चलाते समय श्री मोदी ने मुझसे रेडियो चालू करने और भाषण चलाने को कहा, जो कि काफी असामान्य था। उन्होंने एक ऑडियो लाइब्रेरी बनाने के विचार पर भी चर्चा की, जहां लोग महान नेताओं के भाषण सुन सकें। यह अपने समय से बहुत आगे की अवधारणा थी।”

अगले 15 दिनों तक श्री मोदी पूरे अमेरिका में यात्रा करते रहे और कुछ कॉलेजों का दौरा किया। वह छात्रों से मिलकर उनकी तकनीकी रुचियों पर चर्चा करने और विकास की अवधारणा को लेकर उनके विचार जानने के लिए उत्सुक थे। हालांकि, उस समय वह केवल आरएसएस प्रचारक थे, लेकिन श्री नरेन्द्र मोदी का युवाओं से जुड़ने और तकनीक पर चर्चा करने का जुनून बेहद प्रभावी था।

वह अभी तक कोई बड़ी राजनीतिक हस्ती नहीं थे, लेकिन उनकी जिज्ञासा एवं हर किसी से सीखने की इच्छा, चाहे वह युवा छात्र हों या अनुभवी पेशेवर, अलग थी। “नई अंतर्दृष्टि प्राप्त करने और ज्ञान साझा करने की उनकी ललक बेहद ही प्रभावी थी।” श्री मोदी की अमेरिकी यात्रा ने प्रवासी भारतीय से जुड़ने और भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी एवं शिक्षा का उपयोग करने के उनके दृष्टिकोण को आकार देने में मदद की।