प्रधानमंत्री ने इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम को किया संबोधित
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में देश के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अद्भुत चर्चा हुई होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कि ये चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया को भारत पर भरोसा है।
श्री मोदी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था 90 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसका श्रेय उन्होंने निरंतर वृद्धि हासिल करने को दिया और आश्वासन दिया कि यह भविष्य में भी जारी रहेगा।
श्री मोदी ने कहा कि ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ (सुधार, निष्पादन और परिवर्तन) हमारा मंत्र रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों ने पिछले 10 वर्षों में सरकार की सेवा भावना और देश की उपलब्धियों को देखा है।
हाल की उपलब्धियां गिनाते हुए श्री मोदी ने गरीबों के लिए 3 करोड़ पक्के मकान, एकीकृत पेंशन योजना, कृषि बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 1 लाख करोड़ का फंड, किसानों के लिए कई बीजों के बेहतर गुणवत्ता वाले संस्करणों की शुरुआत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2 लाख करोड़ रुपये का पीएम पैकेज, जिसका सीधा फायदा 4 करोड़ से ज्यादा युवाओं को मिलेगा।
1 लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान कोष
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार भारत को कौशल, ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए उद्योग और शिक्षा जगत को भागीदार बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष के बजट में इस पर बहुत जोर दिया गया है, जिसका असर 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान कोष के रूप में देखने को मिला है। श्री मोदी ने मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों द्वारा विदेश में पढ़ाई पर भारी मात्रा में पैसा खर्च करने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार लोगों को अत्यधिक खर्च से बचाने के लिए भारत में शीर्ष विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर खोलने जैसे कदम उठा रही है।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आजादी के बाद पहले 7 दशकों में 80 हजार की तुलना में पिछले दशक में लगभग 1 लाख नई एमबीबीएस-एमडी सीटें बढ़ाई गईं। उन्होंने इस साल के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान अगले 5 वर्षों में 75 हजार नई मेडिकल सीटें बढ़ाने की घोषणा का भी जिक्र किया।
‘विकसित भारत’ के एक अन्य महत्वपूर्ण स्तंभ पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने हरित ऊर्जा क्षेत्र के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने जी-20 में भारत की सफलता पर प्रकाश डाला, जहां हरित हाइड्रोजन पहल को सभी देशों से समर्थन मिला और 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन के उत्पादन की क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उसी वर्ष तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की।
‘आज का भारत’ अवसरों की भूमि है
श्री मोदी ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में 1,000 करोड़ रुपये के आवंटन के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों की भूमि है और हमें विश्वास है कि भारत का भविष्य और भी उज्ज्वल होगा।
अपने समापन भाषण में श्री मोदी ने 2047 तक भारत के विकसित भारत बनने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने सभी नागरिकों और हितधारकों को इस यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और भारत में और अधिक कंपनियों को वैश्विक ब्रांड बनते देखने की उम्मीद जताई। श्री मोदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत दुनिया भर में हर क्षेत्र में नेतृत्व करे। उन्होंने आश्वासन दिया कि हम एक स्थिर नीतिगत व्यवस्था और विकास को सुगम बनाने, सुधार करने और उसे प्रदान करने का भरोसा देते हैं। श्री मोदी ने सभागार में मौजूद लोगों से कहा कि आपको नवाचार करने, बेहतर प्रदर्शन करने, सकारात्मक आलोचना करने और उच्च गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने का वादा करना चाहिए।

