देश में 2015 से 2023 तक टीबी के मामलों में 17.7% की उल्लेखनीय गिरावट

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प्रधानमंत्री ने क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रगति की सराहना की

पेदिक (टीबी) उन्मूलन की दिशा में भारत की समर्पित यात्रा को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है, जिसमें 2015 से 2023 तक टीबी के मामलों में उल्लेखनीय 17.7% की गिरावट आई है, यह दर वैश्विक औसत गिरावट 8.3% से दोगुनी है, जैसाकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी वैश्विक तपेदिक रिपोर्ट 2024 में बताया है। यह मील का पत्थर भारत के राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के प्रभाव को जाहिर करता है, जो एक व्यापक रणनीति है जो 2025 तक टीबी उन्मूलन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक निदान, निवारक देखभाल, रोगी सहायता और एक क्रॉस-सेक्टर साझेदारी है।

क्षय रोग उन्मूलन में भारत के प्रयासों को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तीन नवंबर को क्षय रोग (टीबी) के मामलों में कमी लाने के संबंध में देश की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2015 से 2023 के दौरान क्षय रोग के मामलों में 17.7 प्रतिशत तक की कमी लाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को मान्यता दिए जाने से संबंधित केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “सराहनीय प्रगति! टीबी के मामलों में कमी भारत के समर्पित और अभिनव प्रयासों का परिणाम है। सामूहिक भावना के माध्यम से हम टीबी मुक्त भारत की दिशा में काम करते रहेंगे।”

उल्लेखनीय है कि ‘2025 तक टीबी को समाप्त करने’ के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को पहली बार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च, 2018 में नई दिल्ली में आयोजित ‘टीबी समाप्त शिखर सम्मेलन’ के दौरान व्यक्त किया था और विश्व टीबी दिवस 2023 पर वाराणसी में ‘एक विश्व टीबी शिखर सम्मेलन’ में इसकी पुष्टि की गई थी। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने टीबी के लिए निर्णायक और पुनर्जीवित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, भारत गांधीनगर घोषणापत्र का भी हस्ताक्षरकर्ता है, जो स्वास्थ्य मंत्रियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रीय कार्यालय का संयुक्त घोषणापत्र है, जिस पर अगस्त, 2023 में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 2030 तक ‘टीबी को समाप्त करने के लिए निरंतरता, गति और नवाचार’ पर उच्च स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक में हस्ताक्षर किए गए थे।

कोविड-19 महामारी के बाद भारत ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से टीबी को खत्म करने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया, जो राष्ट्रीय रणनीतिक योजना (एनएसपी) 2017-25 के साथ जुड़ा हुआ एक कार्यक्रम है। 2023 में प्रमुख उपलब्धियों में लगभग 1.89 करोड़ स्पुतम स्मीयर परीक्षण और 68.3 लाख न्यूक्लिक एसिड प्रवर्धन परीक्षण शामिल हैं, जो सभी स्वास्थ्य सेवा स्तरों पर निदान तक पहुंच का विस्तार करने के लिए कार्यक्रम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।