आज पूरा देश एक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है: नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन व
मुंबई में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत अपने युवाओं के लिए अनगिनत अवसर प्रदान करता है, उन्होंने हाल ही में शुरू की गई 60,000 करोड़ रुपये की पीएम सेतु योजना का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य देश भर के विभिन्न आईटीआई को उद्योग जगत से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि आज से महाराष्ट्र सरकार ने सैकड़ों आईटीआई और तकनीकी स्कूलों में नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। श्री मोदी ने कहा कि इन पहलों के ज़रिए छात्रों को ड्रोन, रोबोटिक्स, विद्युत-चालित वाहन, सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसी उभरती तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।

श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “आज पूरा देश एक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है— एक ऐसा भारत जो गति और प्रगति दोनों से परिभाषित होता हो, जहां जन कल्याण सर्वोपरि हो और सरकारी योजनाएं नागरिकों के जीवन को आसान बनाती हों।”

उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में इसी भावना ने देश के हर कोने में विकास प्रयासों का मार्गदर्शन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती हैं, जब बुलेट ट्रेन परियोजनाओं को गति मिलती है, जब चौड़े राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नए शहरों को जोड़ते हैं, जब पहाड़ों को चीरकर लंबी सुरंगें बनाई जाती हैं और जब ऊंचे समुद्री पुल दूर के तटों को जोड़ते हैं, तो भारत की गति और प्रगति स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रगति भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को नए पंख देती है।

श्री मोदी ने कहा कि आज के कार्यक्रम ने भारत की विकास यात्रा की गति को जारी रखा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक ऐसी परियोजना है जो एक विकसित भारत के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नया हवाई अड्डा महाराष्ट्र के किसानों को यूरोप और मध्य पूर्व के सुपरमार्केट से जोड़ेगा, जिससे ताजी उपज, फल, सब्जियां और मत्स्य उत्पाद तेज़ी से वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा आस-पास के लघु और मध्यम उद्योगों की निर्यात लागत को कम करेगा, निवेश को बढ़ावा देगा और नए उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहित करेगा।

पदभार ग्रहण करने के बाद 2014 में दिए गए अपने संबोधन को याद करते हुए श्री मोदी ने अपना विज़न दोहराया कि हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा करने में सक्षम होने चाहिए। इस सपने को साकार करने के लिए देश भर में नए हवाई अड्डों का निर्माण आवश्यक था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मिशन को गंभीरता से लिया है और पिछले ग्यारह वर्षों में एक के बाद एक नए हवाई अड्डों का

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 08 अक्टूबर, 2025 को महाराष्ट्र के मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के दौरान एक प्रदर्शनी का दौरा किया और दिव्यांग बच्चों के साथ बातचीत की

हमारी सरकार के लिए राष्ट्र और उसके नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। आज का भारत पूरी ताकत से जवाब देता है और दुश्मन की ज़मीन पर हमला करता है, जैसाकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया भर में देखा और स्वीकार किया गया था

निर्माण किया गया है। 2014 में भारत में केवल 74 हवाई अड्डे थे; आज यह संख्या 160 को पार कर गई है।

भारत दुनिया का सबसे युवा देश

श्री मोदी ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और इसकी ताकत इसके युवाओं में निहित है।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर सरकारी नीति युवाओं के लिए रोज़गार के अधिकतम अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। उन्होंने 76,000 करोड़ रुपये की वधावन पत्तन परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि अवसंरचना में निवेश बढ़ने से रोज़गार सृजन होता है।

यह उल्लेख करते हुए कि आज मेट्रो लाइन का उद्घाटन हुआ है, लेकिन यह मेट्रो कुछ पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यों की याद दिलाती है, श्री मोदी ने इसके शिलान्यास समारोह में अपनी भागीदारी को याद किया, जिसने मुंबई के लाखों परिवारों में मुश्किलें कम होने की उम्मीद जगाई थी। उन्होंने टिप्पणी की कि बाद की सरकार ने इस परियोजना को रोक दिया, जिससे देश को हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कई वर्षों तक असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मेट्रो लाइन के पूरा होने से दो से ढाई घंटे का सफ़र अब सिर्फ़ 30 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में जहां हर मिनट मायने रखता है, नागरिकों को तीन-चार साल तक इस सुविधा से वंचित रखा गया, उन्होंने इसे घोर अन्याय बताया।

आज का भारत पूरी ताकत से जवाब देता है

श्री मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक राजधानी और सबसे जीवंत शहरों में से एक ‘मुंबई’ को 2008 के हमलों में आतंकवादियों ने निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उस समय सत्ता में रही सरकार ने कमज़ोरी का संदेश दिया और आतंकवाद के आगे घुटने टेक दिए। श्री मोदी ने विपक्षी दल के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री द्वारा हाल ही में किए गए एक खुलासे का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मुंबई हमलों के बाद भारत के सशस्त्र बल पाकिस्तान पर हमला करने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस कार्रवाई का समर्थन करता है। हालांकि, विपक्षी नेता के अनुसार सरकार ने एक विदेशी दबाव के कारण सैन्य कार्रवाई रोक दी।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल से यह स्पष्ट करने की मांग की कि इस निर्णय को किसने प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय ने मुंबई और राष्ट्र की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विपक्षी दल की कमज़ोरी ने आतंकवादियों को बढ़ावा दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया, जिसकी कीमत देश को निर्दोष लोगों की जान देकर चुकानी पड़ी।

श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार के लिए राष्ट्र और उसके नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है।” उन्होंने कहा कि आज का भारत पूरी ताकत से जवाब देता है और दुश्मन की ज़मीन पर हमला करता है, जैसाकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया भर में देखा और स्वीकार किया गया था।

यह कहते हुए कि सरकार नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने और राष्ट्र को मज़बूत बनाने के लिए कदम उठाना जारी रखेगी, श्री मोदी ने सभी से स्वदेशी अपनाने और गर्व से इस बात को कहने का आग्रह किया, “यह स्वदेशी है”; एक ऐसा मंत्र जो हर घर और बाज़ार में गूंजना चाहिए।

श्री मोदी ने यह कहते हुए अपने संबोधन का समापन किया कि भारत के विकास को गति देने में महाराष्ट्र हमेशा से सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की उनकी सरकारें महाराष्ट्र के प्रत्येक शहर और गांव की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अथक प्रयास करती रहेंगी।

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री श्री रामदास अठावले, श्री राममोहन नायडू किंजरापु, श्री मुरलीधर मोहोल, भारत में जापान के राजदूत श्री केइची ओनो तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।