विश्वास, विकास एवं जन-कल्याण के 12 वर्ष नवाचार एवं जन-भागीदारी का राष्ट्रव्यापी अभियान

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     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘12 साल— विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ नाम से एक देशव्यापी अभियान चलाया गया, जिसकी जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अरुण सिंह ने दी। यह अभियान केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन-जन तक पहुंचने की एक व्यापक पहल बन गया। इसके माध्यम से समावेशी विकास, पर्यावरणीय स्थिरता, नागरिक कल्याण तथा राष्ट्र-निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से जनता के समक्ष प्रस्तुत किया गया। राज्यों और जिलों में आयोजित विभिन्न नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से इस अभियान ने लाखों नागरिकों को सरकार की विकास यात्रा से सफलतापूर्वक जोड़ा तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान की।

इस अभियान की शुरुआत देश के सभी 37 संगठनात्मक क्षेत्रों में 20 से 27 मई, 2026 के बीच आयोजित संगठनात्मक कार्यशालाओं की शृंखला के साथ हुई। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य पिछले बारह वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना, जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाना तथा भविष्य की विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार करना था।
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक ‘एक पेड़ मां के नाम’ देशव्यापी अभियान के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन था। छात्रों, शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और स्वयंसेवकों सहित आम नागरिकों ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मीडिया से संवाद भी इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। सरकार की विकास संबंधी उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए देशभर में मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश में आयोजित एक उल्लेखनीय कार्यक्रम में लगभग 450 पत्रकारों ने भाग लिया, जिससे पिछले बारह वर्षों की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने तथा मीडिया के साथ रचनात्मक संवाद स्थापित करने का अवसर मिला।

इस अभियान के दौरान 10 जून, 2026 का दिन विशेष महत्व का रहा, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित रहने वाले भारत के प्रधानमंत्री बने। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में प्रार्थना सभाओं और समाजसेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों, गुरुद्वारों, बौद्ध मठों, रविदास मंदिरों तथा वाल्मीकि मंदिरों में प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए प्रार्थनाएं, हवन तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

जनसंपर्क इस अभियान का प्रमुख आधार रहा। दिल्ली में 624 गैर-सरकारी संगठनों तथा हजारों स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से यमुना के 28 घाटों पर एक साथ व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। भजन-कीर्तन, सामुदायिक भोज तथा पेयजल वितरण जैसे सेवा कार्यक्रमों ने सामाजिक सद्भाव और नागरिक दायित्व के प्रति अभियान की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उत्तर प्रदेश में व्यापक जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत 42,000 से अधिक प्रतिष्ठित नागरिकों तक पहुंच बनाई गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुद्धिजीवियों, पेशेवरों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं से संबंधित साहित्य वितरित किया।

महाराष्ट्र में मॉल और रेलवे स्टेशनों सहित 409 प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया, जिनमें पिछले बारह वर्षों के दौरान सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
इस अभियान की सबसे प्रभावशाली पहलों में से एक विभिन्न राज्यों में आयोजित ‘जन कल्याण शिविर’ रहे। अकेले मध्य प्रदेश में 726 शिविरों के माध्यम से 25 लाख से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई की गई तथा लगभग 94 प्रतिशत मामलों का समाधान किया गया। गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इसी प्रकार के कल्याणकारी शिविर आयोजित किए गए, ताकि सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें, शिकायतों का त्वरित समाधान हो तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक सरलता से पहुंच सके।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना भी इस अभियान का एक प्रमुख केंद्रबिंदु रहा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सैकड़ों कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जबकि जयपुर में आयोजित एक विशाल कार्यशाला में लगभग 5,500 लोगों ने भाग लिया।

इस अभियान का समापन 21 जून, 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रव्यापी आयोजन के साथ हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर लगभग 35,000 लोगों के साथ सामूहिक योग सत्र का नेतृत्व किया। योग दिवस से पूर्व देशभर में 7,000 से अधिक योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया गया तथा लोगों को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

‘12 साल— विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के’ अभियान ने यह प्रदर्शित किया कि सक्रिय जनभागीदारी, नवाचारपूर्ण जनसंपर्क, पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा तथा पारदर्शी संवाद के माध्यम से सुशासन को किस प्रकार और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। विकास की उपलब्धियों को नागरिक सहभागिता के साथ जोड़ते हुए इस अभियान ने आत्मनिर्भर, समावेशी और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान की।