इस योजना के तहत लगभग 70% ऋण महिलाओं को दिए गए हैं और इससे 50% एससी/एसटी/ओबीसी उद्यमी लाभान्वित हुए हैं
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आठ अप्रैल को नई दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुद्रा योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को सशक्त बनाने और पूरे भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने पर मुद्रा योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे इस योजना ने हाशिए पर पड़े और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे उन्हें बिना किसी गारंटी या व्यापक कागजी कार्रवाई के अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने में सक्षम बनाया गया है।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना ने न केवल वित्तीय सहायता प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाया है, बल्कि उनके लिए अपने व्यवसायों का नेतृत्व करने और उन्हें आगे बढ़ाने के अवसर भी पैदा किए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के सबसे अधिक लाभार्थियों में महिलाएं हैं, जो ऋण आवेदनों, अनुमोदनों और तेजी से पुनर्भुगतान में अग्रणी हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि मुद्रा योजना के तहत भारत के नागरिकों को बिना किसी गारंटी के 33 लाख करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह राशि अभूतपूर्व है और सामूहिक रूप से धनी व्यक्तियों को दी गई किसी भी वित्तीय सहायता से कहीं अधिक है। श्री मोदी ने देश के प्रतिभाशाली युवाओं पर अपना भरोसा जताया, जिन्होंने रोजगार पैदा करने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए धन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।
श्री मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना के माध्यम से रोजगार सृजन ने आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की आय में वृद्धि हुई है, जिससे वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं और अपने बच्चों की शिक्षा में निवेश कर सकते हैं। उन्होंने इस योजना से होने वाले सामाजिक लाभों को भी स्वीकार किया।
मुद्रा ऋण का दायरा बढ़ाने में सरकार द्वारा प्रदर्शित उल्लेखनीय विश्वास पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि प्रारंभ में 50,000 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक के ऋण का दायरा बढ़ाकर अब 20 लाख रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार भारत के नागरिकों की उद्यमशीलता की भावना और क्षमताओं में व्यक्त विश्वास को दर्शाता है, जो योजना के सफल कार्यान्वयन से और मजबूत हुआ है।
मुद्रा योजना का लाभ उठाने और अपना खुद का उद्यम शुरू करने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर देते हुए श्री मोदी ने लोगों से कम से कम पांच से दस अन्य लोगों को प्रेरित करने और उनका समर्थन करने, उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 52 करोड़ ऋण वितरित किए गए हैं, जो विश्व स्तर पर एक अद्वितीय उपलब्धि है।
मुद्रा योजना के 10 वर्ष सशक्तीकरण और उद्यमशीलता के प्रतीक रहे हैं: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने की सराहना करते हुए इसे ‘सशक्तीकरण और उद्यमशीलता’ की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि सही समर्थन से भारत के लोग चमत्कार कर सकते हैं।
अपनी शुरुआत से अब तक मुद्रा योजना ने 33 लाख करोड़ रुपये के 52 करोड़ से ज़्यादा जमानत-मुक्त ऋण वितरित किए हैं, जिनमें से लगभग 70% ऋण महिलाओं को दिए गए हैं और इससे 50% एससी/एसटी/ओबीसी उद्यमी लाभान्वित हुए हैं। इसने पहली बार व्यवसाय करने वाले मालिकों को 10 लाख करोड़ रुपये के ऋण के साथ सशक्त बनाया है और पहले तीन वर्षों में 1 करोड़ से ज़्यादा नौकरियां पैदा की हैं। लगभग 6 करोड़ ऋणों की स्वीकृति के साथ, बिहार जैसे राज्य अग्रणी बनकर उभरे हैं, जिससे पूरे भारत में उद्यमशीलता की मजबूत भावना पता चलती है।

