प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 अप्रैल, 2025 को थाईलैंड की अपनी आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान श्री मोदी ने थाईलैंड द्वारा आयोजित बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) शिखर सम्मेलन में भाग लिया। थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया तथा बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय उनका स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे एवं उनके होटल पर उपस्थित रहे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 3-4 अप्रैल 2025 के दौरान थाईलैंड की आधिकारिक यात्रा की और थाईलैंड की प्रधानमंत्री सुश्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। बैंकॉक में गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री सुश्री शिनावात्रा ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया।

भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सभ्यतागत, सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई संबंधों और राजनयिक संबंधों की स्थापना के 78 वर्षों को देखते हुए दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, संपर्क, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, अंतरिक्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने आपसी हित के उप-क्षेत्रीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करने वाले कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री सुश्री शिनावात्रा और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ऐतिहासिक लेटे हुए बुद्ध को श्रद्धांजलि देने के लिए वाट फ्रा चेतुफोन विमोन मंगखलाराम राजवरमहाविहान का भी दौरा किया।
मौजूदा सहयोग और द्विपक्षीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि तेजी से विकसित हो रही वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर वैश्विक संदर्भ में भी निकट सहयोग की संभावना को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं ने मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति प्रकट की।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
रक्षा सहयोग के मौजूदा तंत्र को मजबूत करना, साथ ही दोनों देशों के रक्षा क्षेत्रों के बीच और अधिक सहयोग को बढ़ावा देना। इसमें रक्षा प्रौद्योगिकी, रक्षा उद्योग, अनुसंधान, प्रशिक्षण, आदान-प्रदान, अभ्यास और क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा, जिसमें उचित तंत्र स्थापित करना शामिल है।
आर्थिक, व्यापार और निवेश सहयोग
भारत और थाईलैंड के बीच संयुक्त व्यापार समिति के मौजूदा तंत्र के तहत संबंधित वाणिज्य/वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के बीच नियमित बैठकें और आदान-प्रदान आयोजित करना। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा तंत्रों की वार्षिक बैठकें सुनिश्चित करने; वैश्विक आपूर्ति शृंखला में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापार को सुविधाजनक बनाने और बाजार पहुंच के मुद्दों को हल करने के लिए भी सहमति हुई।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री श्री मोदी का बिम्सटेक के एजेंडे और क्षमता को और मजबूत करने का आह्वान
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चार अप्रैल को थाईलैंड द्वारा आयोजित 6वें बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। शिखर सम्मेलन का विषय था– ‘बिम्सटेक: समृद्ध, लचीला और खुला’। प्रधानमंत्री ने म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप में जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। श्री मोदी ने दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच बिम्सटेक को एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि समूह क्षेत्रीय सहयोग, समन्वय और प्रगति के लिए एक प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने बिम्सटेक के एजेंडे और क्षमता को और मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक में संस्थान और क्षमता निर्माण की दिशा में भारत के नेतृत्व वाली कई पहलों की घोषणा की। इनमें भारत में आपदा प्रबंधन, सतत समुद्री परिवहन, पारंपरिक चिकित्सा और कृषि में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण पर बिम्सटेक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना शामिल है।
नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चार अप्रैल को बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री श्री के.पी. शर्मा ओली से मुलाकात की।
दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच अद्वितीय और घनिष्ठ संबंधों की समीक्षा की। उन्होंने भौतिक और डिजिटल संपर्क, जन-से-जन संपर्क और ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों के बीच बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में काम करना जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
भूटान के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चार अप्रैल को थाईलैंड के बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से अलग भूटान के प्रधानमंत्री श्री शेरिंग तोबगे से मुलाकात की। श्री मोदी ने एक ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मेरे अच्छे मित्र प्रधानमंत्री तोबगे के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। भारत और भूटान की मित्रता बहुत मजबूत है। हम कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर रहे हैं।”
म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चार अप्रैल को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के अवसर पर म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। श्री मोदी ने हाल ही में आए भूकंप में हुई तबाही पर संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में म्यांमार के बहनों और भाइयों को भारत की ओर से सहायता का आश्वासन दिया। दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों, विशेष रूप से कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की।
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के साथ बातचीत
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बैंकाक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के मौके पर चार अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस से मुलाकात की।
श्री मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील एवं समावेशी बांग्लादेश के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि माहौल खराब करने वाली बयानबाजी से बचा जाना चाहिए।
सीमा पर कानून का कड़ाई से कार्यान्वयन और अवैध सीमा पारगमन, विशेष रूप से रात में, पर रोक लगाना सीमा की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की दृष्टि से आवश्यक है।
श्री मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित भारत की चिंताओं को रेखांकित किया और उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, जिसमें उनके खिलाफ किए गए अत्याचारों के मामलों की गहन जांच भी शामिल है।

