मोदी की यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती एवं पारदर्शिता का प्रतीक है

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     भारत जैसे विशाल और प्रतिस्पर्धी लोकतंत्र में जनता का विश्वास निरंतर कायम रखना काफी कठिन कार्य है। फिर भी, लगातार राजनीतिक खींचतान और जनता की कड़ी नजर के बीच नरेन्द्र मोदी पर लोगों का विश्वास लागातार बना हुआ है। भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने हुए प्रधानमंत्री बनकर उन्होंने लोकतांत्रिक राजनीति में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है।

हालांकि, हम भारत के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और मैं एक ही पीढ़ी के हैं, जिसकी राजनीतिक सोच इमरजेंसी के दौरान बनी थी। हमने लोकतांत्रिक आज़ादी पर हुए हमले को स्वयं देखा और उस आंदोलन का हिस्सा रहे, जिसने लोकतंत्र को बहाल करने की कोशिश की। वह संघर्ष केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में हमारी समझ को आकार दिया।

दशकों तक यह धारणा रही कि सबसे ऊंचे पद कुछ खास लोगों या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में जन्मे लोगों के लिए ही आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने इस धारणा को चुनौती दी है। साधारण शुरुआत से उठकर सबसे ऊंचे चुने हुए पद तक पहुंचने वाले वे लाखों युवा भारतीयों, खासकर साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं। उनकी यात्रा इस विश्वास को मजबूत करती है कि एक जीवंत लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और काबिलियत से जन्म और हालात की बाधाओं को पार किया जा सकता है। यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता का एक प्रतीक है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और कई अन्य महान समाजवादी नेताओं का अनुयायी होने के नाते मैंने हमेशा राजनीति को लोगों की भलाई सुनिश्चित करने का एक माध्यम माना है। लोगों को गरीबी से ऊपर उठाने और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करना किसी भी राजनीतिक नेता की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी का रिकॉर्ड शानदार रहा है। गरीबी उन्मूलन पर उनके विशेष ध्यान के साथ एनडीए सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की है। शौचालय, बैंक खाते, घर, गैस कनेक्शन, नल का पानी, स्वास्थ्य बीमा कवरेज और कई अन्य बुनियादी सुविधाएं करोड़ों लोगों तक पहुंची हैं।

अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों, महिलाओं, गरीब परिवारों और विकास कार्यक्रमों के पहली पीढ़ी के लाभार्थियों के बड़े वर्ग अब स्वयं को भारत की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार के रूप में देखने लगे हैं। युवाओं को विशेष योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता के नए अवसर मिले हैं। इन समूहों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में लाना सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में सबसे महत्वपूर्ण उत्प्रेरक रहा है।

मैंने यह भी देखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के कल्याण और सम्मान पर कितना जोर दिया है। उनकी कई योजनाओं से महिलाओं को सीधे लाभ हुआ है और उनके रोजमर्रा के जीवन की मुश्किलें कम हुई हैं। बिहार में मेरा अनुभव रहा है कि जब विकास के कामों के केंद्र में महिलाएं होती हैं, तो समाज तेजी से विकास करता है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि बिहार में हमारे ‘जीविका’ प्रयोग की सफलता की चर्चा अब दुनिया भर में हो रही है।

कई सालों तक मुख्यमंत्री रहने के नाते मैं उन चुनौतियों को जानता हूं जो यह पक्का करने में आती हैं कि

दशकों तक यह धारणा रही कि सबसे ऊंचे पद कुछ खास लोगों या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में जन्मे लोगों के लिए ही आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा ने इस धारणा को चुनौती दी है। साधारण शुरुआत से उठकर सबसे ऊंचे चुने हुए पद तक पहुंचने वाले वे लाखों युवा भारतीयों, खासकर साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं। उनकी यात्रा इस विश्वास को मजबूत करती है कि एक जीवंत लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और काबिलियत से जन्म और हालात की बाधाओं को पार किया जा सकता है

लाभ सही लाभार्थी तक पहुंचे। केवल अच्छी नीयत पर्याप्त नहीं होती। योजनाओं को सही ढंग से लागू करना आवश्यक होता है। मैंने यह भी देखा है कि नीतिगत निर्णयों को परिणामों में बदलने के लिए लगातार निगरानी, सुधार, प्रशासनिक फोकस और हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की एक खास बात यह रही है कि उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि गवर्नेंस का असर नागरिकों को स्पष्ट तौर पर दिखना चाहिए। उन्होंने हमेशा काम में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान दिया है। टेक्नोलॉजी के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल जैसे डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से पॉलिसी बनाने और उसे लागू करने के बीच का अंतर बहुत हद तक कम हो गया है। जब सरकारी लाभ लोगों तक अधिक असरदार तरीके से और बिना किसी लीकेज के पहुंचते हैं, तो संस्थाओं में जनता का भरोसा मजबूत होता है। नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री के लगातार जुड़ाव से यह भरोसा और भी मजबूत होता है, जिससे सरकार और लोगों के बीच बेहतर संबंध स्थापित हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक यात्रा में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका लंबा और कामयाब कार्यकाल शामिल है। वास्तव में वे जल्द ही चुनी हुई सरकार के मुखिया के तौर पर लगातार 25 साल की सेवा पूरी करने वाले हैं। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस अनुभव ने उन्हें राज्यों की आवश्यकताओं की गहरी समझ दी है। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में सहकारी संघवाद के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दिखती है।

मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मैंने स्वयं देखा कि राजनीतिक हालात चाहे जैसे भी हों, उन्होंने हमेशा बिहार के विकास में सहयोग दिया। मैं विशेष तौर पर उस सहयोग की बात करना चाहूंगा जो बिहार को 2024–25 और 2025–26 के बजट में मिला; इसमें मखाना बोर्ड बनाना, भागलपुर में पावर प्लांट लगाना और बाढ़ प्रबंधन व कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए फंड देना शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी बिहार की अनोखी संस्कृति और परंपराओं का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की एक खास बात यह रही है कि उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि गवर्नेंस का असर नागरिकों को स्पष्ट तौर पर दिखना चाहिए। उन्होंने हमेशा काम में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर ध्यान दिया है। टेक्नोलॉजी के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल जैसे डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से पॉलिसी बनाने और उसे लागू करने के बीच का अंतर बहुत हद तक कम हो गया है

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को बिहार का मखाना, मधुबनी पेंटिंग और प्रदेश के दूसरे उत्पाद उपहार में देकर वैश्विक मंच पर बिहार की विरासत को सम्मान दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिले— एक ऐसी मांग जो दशकों से अधूरी थी।

2014 से पहले के दशक की तुलना में केंद्र से मिलने वाले सहयोग और निवेश में काफी बढ़ोतरी हुई है। गंगा नदी पर महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, हवाई अड्डों का विकास और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी से बिहार की विकास यात्रा ने गति पकड़ी है। खास तौर पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहा बदलाव बेहद सकारात्मक है, क्योंकि यह हमेशा से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है। वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों के शुरू होने से यात्रा करना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे के विद्युतीकरण और आधुनिकीकरण के दूसरे प्रोजेक्ट्स ने शानदार सुधार हुआ है।

मैंने हमेशा भ्रष्टाचार के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और उसका समर्थन किया है। प्रधानमंत्री मोदी की जो खूबियां उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं, उनमें से एक है भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनका कड़ा रुख। ऐसे नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं जिन्होंने सत्ता के पदों पर दशकों बिताए हों और जिनकी ईमानदारी पर कभी कोई दाग न लगा हो। संस्थागत सुधारों के माध्यम से भ्रष्टाचार को रोकने के साथ-साथ, उन्होंने भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर, राजनीतिक इच्छाशक्ति भी दिखाई है।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की एक विशेष बात यह रही है कि वैश्विक मंच पर भारत का महत्व बढ़ा है। एक भारतीय के तौर पर मुझे गर्व होता है जब मैं देखता हूं कि अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, तकनीक, स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मामलों में हमारी बात का सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है। अलग-अलग देशों और समूहों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी हमेशा शांति और प्रगति के पक्ष में खड़े रहे हैं। परिणामस्वरूप, दुनिया 21वीं सदी में वैश्विक विकास के एक प्रमुख कारक के रूप में हमारे देश को उम्मीद भरी दृष्टि से देख रहा है।

सार्वजनिक जीवन में कई दशक बिताने के बाद मैं जानता हूं कि नेतृत्व के लिए लगातार प्रयास, अथक परिश्रम और अनुशासन की आवश्यकता होती है। इसके लिए लगातार यात्रा करने, लोगों के साथ नियमित रूप से जुड़ने, सरकारी कामकाज की विस्तृत समीक्षा करने और साथ ही एक बड़े दृष्टिकोण से जुड़े रहने की आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री मोदी की अथक ऊर्जा और समर्पण ने उन्हें इतने लंबे समय तक लोगों का भरोसा बनाए रखने में मदद की है। जब वे भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन रहे हैं, तो यह उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान का जश्न मनाने और उन्हें भविष्य में और भी कई उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं देने का अवसर है। मैं उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई देता हूं और उनके अच्छे स्वास्थ्य और देश की सेवा में निरंतर सफलता की कामना करता हूं।