बीते 10 वर्षों में ही करीब 460 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं: नरेन्द्र मोदी

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प्रक्षेपण यान का निर्माण हो, चंद्रयान की सफलता हो, मंगलयान हो या आदित्य वन या फिर एक ही रॉकेट से एक ही बार में 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने का अभूतपूर्व मिशन हो, इसरो की सफलताओं का दायरा काफी बड़ा रहा है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के 100वें प्रक्षेपण मिशन की सफलता को रेखांकित करते हुए 23 फरवरी को देश के युवाओं से ‘एक दिन वैज्ञानिक’ के रूप में बिताने का आह्वान किया, ताकि विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और बढ़े।

आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 119वीं कड़ी में श्री मोदी ने इसरो के 100वें प्रक्षेपण मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक संख्या भर नहीं है, बल्कि इससे अंतरिक्ष विज्ञान में नित नयी ऊंचाइयों को छूने के भारत के संकल्प का भी पता चलता है।

उन्होंने क्रिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि इस खेल में शतक के रोमांच से सब भलीभांति परिचित हैं लेकिन अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को मिली सफलता उससे कहीं ज्यादा रोमांचक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ अंतरिक्ष की इस उड़ान में भारत की सफलताओं की सूची काफी लंबी होती चली गई।

हमारे जो युवा जीवन में कुछ नया करना चाहते हैं, उनके लिए अंतरिक्ष क्षेत्र एक बेहतरीन विकल्प बना है। बच्चों और युवाओं का विज्ञान में लगाव बहुत मायने रखता है। वे अपना एक दिन वैज्ञानिक के रूप में बिताकर देखें। आप अपनी सुविधा के अनुसार अपनी मर्जी के अनुसार कोई भी दिन चुन सकते हैं। उस दिन किसी रिसर्च लैब, तारामंडल या अंतरिक्ष केंद्र जरूर जाएं। इसे लेकर विज्ञान को लेकर आपकी जिज्ञासा और बढ़ेगी

उन्होंने कहा कि प्रक्षेपण यान का निर्माण हो, चंद्रयान की सफलता हो, मंगलयान हो या आदित्य वन या फिर एक ही रॉकेट से एक ही बार में 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने का अभूतपूर्व मिशन हो, इसरो की सफलताओं का दायरा काफी बड़ा रहा है।

श्री मोदी ने कहा कि बीते 10 वर्षों में ही करीब 460 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं और इनमें दूसरे देशों के भी बहुत सारे उपग्रह भेजे गए हैं। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी की भी सराहना की।

श्री मोदी ने कहा कि उन्हें यह देखकर भी बहुत खुशी होती है कि आज अंतरिक्ष क्षेत्र युवाओं के लिए बहुत प्रिय बन गया है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले किसने सोचा होगा कि इस क्षेत्र में स्टार्टअप और निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष कंपनियों की संख्या सैकड़ों में हो जाएगी।

श्री मोदी ने कहा, “हमारे जो युवा जीवन में कुछ नया करना चाहते हैं, उनके लिए अंतरिक्ष क्षेत्र एक बेहतरीन विकल्प बना है।” कुछ दिन के भीतर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाए जाने का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि बच्चों और युवाओं का विज्ञान में लगाव बहुत मायने रखता है। उन्होंने उनसे आह्वान किया कि वे अपना एक दिन वैज्ञानिक के रूप में बिताकर देखें।

श्री मोदी ने कहा, “आप अपनी सुविधा के अनुसार अपनी मर्जी के अनुसार कोई भी दिन चुन सकते हैं। उस दिन किसी रिसर्च लैब, तारामंडल या अंतरिक्ष केंद्र जरूर जाएं। इसे लेकर विज्ञान को लेकर आपकी जिज्ञासा और बढ़ेगी।”

8 मार्च: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

श्री मोदी ने कहा कि अगले महीने 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ है। यह हमारी नारी-शक्ति को नमन करने का एक विशेष अवसर होता है। देवी माहात्म्य में कहा गया है–

विद्या: समस्ता: तव देवि भेदा:
स्त्रीय: समस्ता: सकला जगत्सु।

अर्थात् सभी विद्याएं, देवी के ही विभिन्न स्वरूपों की अभिव्यक्ति हैं और जगत की समस्त नारी-शक्ति में भी उनका ही प्रतिरूप है। हमारी संस्कृति में बेटियों का सम्मान सर्वोपरि रहा है। देश की मातृ-शक्ति ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभाई है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा दिल्ली प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ 23 फरवरी को नारायणा विहार, दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ सुनते हुए

उन्होंने कहा कि इस बार महिला दिवस पर मैं एक ऐसी पहल करने जा रहा हूं, जो हमारी नारी-शक्ति को समर्पित होगी। इस विशेष अवसर पर मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट जैसे एक्स, इंस्टाग्राम के एकाउंट्स को देश की कुछ प्रेरक महिलाओं को एक दिन के लिए सौंपने जा रहा हूं। ऐसी महिलाएं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं, नवाचार किया है, अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। 8 मार्च को वो अपने कार्य और अनुभवों को देशवासियों के साथ साझा करेंगी।

श्री मोदी ने कहा कि प्लेटफार्म भले ही मेरा होगा, लेकिन वहां उनके अनुभव, उनकी चुनौतियां और उनकी उपलब्धियों की बात होगी। यदि आप चाहती हैं कि ये अवसर आपको मिले, तो, ‘नमो ऐप’ पर बनाए गए विशेष मंच के माध्यम से इस प्रयोग का हिस्सा बनें और मेरे एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट से पूरी दुनिया तक अपनी बात पहुंचाएं, तो आइए, इस बार महिला दिवस पर हम सब मिलकर अदम्य नारी-शक्ति को सेलिब्रेट करें, सम्मान करें, नमन करें।

‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के लिए एक संस्थागत रूप लेता जा रहा है

‘मन की बात’ के दौरान श्री मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के वार्षिक आयोजन का भी उल्लेख किया और इस बात पर खुशी जताई कि यह कार्यक्रम ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के लिए एक संस्थागत रूप लेता जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह बोर्ड परीक्षाओं का समय है। मैं अपने युवा-साथियों यानी ‘एग्जाम वॉरियर्स’ को उनकी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आप बिना कोई तनाव लिए पूरे सकारात्मक भाव के साथ अपनी परीक्षाएं दीजिए।”

श्री मोदी ने कहा, “हर वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा’ में हम अपने ‘एग्जाम वॉरियर्स’ से परीक्षाओं से जुड़े अलग-अलग विषयों पर बात करते हैं। मुझे खुशी है कि अब यह कार्यक्रम एक संस्थागत रूप लेता जा रहा है

‘एक फिट और स्वस्थ्य राष्ट्र बनने के लिए हमें मोटापे की समस्या से निपटना ही होगा’: प्रधानमंत्री

बीते वर्षों में मोटापे के मामले दोगुने हो गए हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि बच्चों में भी मोटापे की समस्या चार गुणा बढ़ गई है

‘मन की बात’ के दौरान श्री मोदी ने कहा कि देहरादून में राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के दौरान मैंने एक बहुत ही अहम विषय उठाया है, जिसने देश में एक नई चर्चा की शुरुआत की है— ये विषय है ‘Obesity यानी मोटापा’। एक फिट और स्वस्थ्य राष्ट्र बनने के लिए हमें मोटापे की समस्या से निपटना ही होगा। एक स्टडी के मुताबिक आज हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे की समस्या से परेशान है। बीते वर्षों में मोटापे के मामले दोगुने हो गए हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि बच्चों में भी मोटापे की समस्या चार गुणा बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि WHO का डाटा बताता है कि 2022 में दुनिया-भर में करीब ढाई सौ करोड़ लोग ज्यादा मोटे (overweight) थे, यानी आवश्यकता से भी कहीं ज्यादा वजन था। ये आंकड़े बेहद गंभीर हैं और हम सभी को सोचने पर मजबूर करते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
श्री मोदी ने कहा कि अधिक वजन या मोटापा कई तरह की परेशानियों को, बीमारियों को भी जन्म देता है। हम सब मिलकर छोटे-छोटे प्रयासों से इस चुनौती से निपट सकते हैं, जैसे एक तरीका मैंने सुझाया था, ‘खाने के तेल में दस पर्सेन्ट (10%) की कमी करना’। आप तय कर लीजिए कि हर महीने 10% कम तेल उपयोग करेंगे। आप तय कर सकते हैं कि जो तेल खाने के लिए खरीदा जाता है, खरीदते समय ही अब 10% कम ही खरीदेंगे। ये मोटापा कम करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।

और इसमें नए-नए विशेषज्ञ भी जुड़ते चले जा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को नए तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया और विशेषज्ञों के साथ आठ अलग-अलग संस्करण इसमें शामिल किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें परीक्षाओं के अलावा स्वास्थ्य देखभाल और मानसिक स्वास्थ्य के अलावा खान-पान जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।

उन्होंने कहा, “एक बार फिर अपने ‘एग्जाम वॉरियर्स’ को मेरा यही संदेश है…—‘बी हैप्पी एंड स्ट्रेस फ्री’ (खुश और तनावमुक्त रहिए)।”