भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय संबंध व क्षेत्रीय सहयोग और मजबूत हुए

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 11-12 मार्च को मॉरीशस की दो दिवसीय सफल राजकीय यात्रा की। इस यात्रा के दौरान श्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम, जीसीएसके, एफआरसीपी के साथ मॉरीशस और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। 11 मार्च को हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मॉरीशस और भारत के बीच उस विशेष और अद्वितीय संबंध पुष्टि की जो इतिहास, भाषा, संस्कृति, विरासत, पारस्परिक संबंधों और मूल्यों के साझा बंधनों को देखते हुए अनुपम है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोगों के बीच आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर आधारित मॉरीशस-भारत संबंध पिछले कई दशकों में मजबूती से बढ़कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं।

इस दौरान, भारत के प्रधानमंत्री ने मार्च, 2015 में मॉरीशस की अपनी पिछली यात्रा को याद किया। उस दौरान भारत के ‘सागर दृष्टिकोण’ यानी क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास को उजागर किया गया था। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ‘सागर दृष्टिकोण’ को साकार करने के लिए मॉरीशस एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में मॉरीशस सरकार के व्यापक समर्थन की सराहना की।

राजनीतिक आदान-प्रदान

दोनों नेताओं ने माना कि उनके द्विपक्षीय संबंधों में विभिन्न स्तरों पर उच्च स्तर का विश्वास और आपसी समझ है, जिसे जारी रखने में दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और यात्राओं की अहम भूमिका है। यह भी उल्लेख किया गया कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत अतिथि देश के रूप में मॉरीशस की भागीदारी ने सभी क्षेत्रों में मेलजोल और गहरी चर्चा को बढ़ावा दिया। दोनों नेताओं ने इन चर्चाओं को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।

विकास साझेदारी

दोनों नेताओं ने उल्लेख किया कि भारत स्वतंत्रता के बाद से मॉरीशस के विकास के लिए अग्रणी भागीदार रहा है और इसके बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भारत-मॉरीशस मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना, सर्वोच्च न्यायालय के नये भवन, नया ईएनटी अस्पताल, 956 सामाजिक आवास इकाइयां और शैक्षणिक टैबलेट जैसी कई उच्च प्रोफ़ाइल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में भारत के सहयोग पर प्रकाश डालते हुए भारत से सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया, जो मॉरीशस के विभिन्न क्षेत्रों के परिदृश्य का हिस्सा हैं और जिनसे पिछले कुछ वर्षों में मॉरीशस के सभी वर्गों को लाभ हुआ है।

यह देखते हुए कि भारत से सहायता प्राप्त जन-केंद्रित विकास सहायता से मॉरीशस के मैत्रीपूर्ण लोगों को ठोस लाभ होता है और ये परियोजनाएं मॉरीशस के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देती हैं, दोनों नेताओं ने निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की:

 100 इलेक्ट्रिक बसों और उनसे संबंधित चार्जिंग के बुनियादी ढांचे को समय पर पूरा करने की दिशा में काम करना
 दोनों पक्षों के बीच भारतीय रुपये में प्रथम मूल्यवर्गित ऋण समझौते के अंतर्गत मॉरीशस में 100 किलोमीटर की जल पाइपलाइन को बदलने का काम आरंभ करना
 मॉरीशस सरकार की ओर से चिह्नित स्थल पर नए संसद भवन के संबंध में चर्चा को अंतिम रूप देना और भारत की अनुदान सहायता से इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए रूपरेखा तय करना
 गंगा तालाब स्पिरिचुअल सैंक्चुअरी के पुनर्विकास पर चर्चा को अंतिम रूप देना और भारत की अनुदान सहायता से इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए रूपरेखा तय करना

मानव संसाधन विकास और क्षमता निर्माण

यह देखते हुए कि भारत ने हमेशा मॉरीशस में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं तथा मानव संसाधन विकास संबंधी आवश्यकताओं के प्रति अपनी रचनात्मक भूमिका निभायी है, दोनों नेताओं ने निम्न प्रमुख बिंदुओं पर प्रतिबद्धता व्यक्त की:
 भारत सरकार के तकनीकी और आर्थिक सहयोग के ढांचे और अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत चल रही क्षमता निर्माण पहलों को जारी रखना
 भारत में पांच वर्षों की अवधि में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के माध्यम से मॉरीशस के 500 सिविल सेवकों के लिए अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रम को लागू करना
 एक समझौता ज्ञापन के माध्यम से सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में क्षमता निर्माण कार्यक्रम को संस्थागत रूप देकर मॉरीशस के राजनयिकों के लिए मौजूदा प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाना और मजबूत करना

प्रधानमंत्री ने मॉरीशस का
सर्वोच्च नागरिक सम्‍मान ग्रहण किया

      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति श्री धर्मबीर गोखूल ने 12 मार्च को प्रधानमंत्री श्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च

नागरिक सम्मान ग्रैंड कमांडर ऑफ द् ऑर्डर ऑफ द् स्टार एंड की ऑफ द् इंडियन ओशन (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह प्रथम अवसर है जब किसी भारतीय राजनेता को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस पुरस्कार को भारत और मॉरीशस के बीच विशेष मैत्री तथा भारत के 1.4 अरब लोगों और मॉरीशस में रहने वाले उनके 1.3 मिलियन भाइयों-बहनों को समर्पित किया।
राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी ने परेड में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर भारतीय नौसेना का एक पोत भी मॉरीशस बंदरगाह पहुंचा।

अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन

दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि अंतरिक्ष संबंधी क्षेत्र में आपसी सहयोग से दोनों देशों को काफी लाभ हुआ है और यह भारत की ओर से मॉरीशस के साथ अपने विशेष संबंधों को दिए गए महत्व को दर्शाता है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग और बढ़ाने के लिए दोनों नेता निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमत हुएः

 भारत-मॉरीशस उपग्रह के सफल विकास और प्रक्षेपण की दिशा में मिलकर काम
 मॉरीशस में विभिन्न अस्थायी पैमानों पर मौसम और जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली, समुद्री तरंगों के मापन और उनके संबंध में जानकारी दर्ज करने के लिए वेव राइडर बॉयज़ और विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए आपातकालीन प्रणाली लागू करने में सहयोग

स्वास्थ्य और शिक्षा सहयोग

 दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारत के समर्थन का उल्लेख करते हुए मॉरीशस के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल संबंधी लाभ प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
 दोनों नेताओं ने स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम के विकास में विशेषज्ञता साझा करने पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) और मॉरीशस के उच्च शिक्षा मंत्रालय के बीच चल रही बातचीत का भी स्वागत किया।

आर्थिक और व्यापार संबंधी सहयोग

दोनों नेताओं ने यह स्वीकार किया कि व्यापक आर्थिक सहयोग और भागीदारी समझौते (सीईसीपीए) पर निर्णय और अफ्रीकी क्षेत्र के किसी देश के साथ भारत का पहला व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक और व्यापार संबंधों में प्रमुख मील का पत्थर हैं। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों में विविधता लाने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की:

 दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए सीईसीपीए के तहत उच्च शक्तियों वाली संयुक्त व्यापार समिति का दूसरा सत्र आयोजित करना
 स्थानीय मुद्राओं अर्थात भारतीय रुपये और मॉरीशस के रुपये में व्यापार निपटान की सुविधा प्रदान करना, जो साझेदार केंद्रीय बैंकों द्वारा स्थानीय मुद्रा निपटान पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के अनुसरण में द्विपक्षीय व्यापार के जोखिम को कम करने की दिशा में काम करेगा

रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग

दोनों नेताओं ने कहा कि रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई कि स्वतंत्र, खुला, सुरक्षित और संरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए मॉरीशस और भारत की साझा प्रतिबद्धता है, दोनों देश इस क्षेत्र में स्वाभाविक साझेदार हैं और उन्होंने समुद्री चुनौतियों से निपटने और क्षेत्र में बड़े रणनीतिक हितों की रक्षा करने के लिए मिलकर काम करने का अपना संकल्प दोहराया।

सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंध

दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ मैत्री संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक बंधन और लोगों के बीच पारस्परिक संबंध मॉरीशस-भारत के विशिष्ट संबंधों का आधार हैं। इस सिलसिले में दोनों नेता निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमत हुएः

 भारत के गिरमिटिया मजदूरों के प्रलेखित अभिलेखों को संरक्षित करने में महात्मा गांधी संस्थान को सहयोग प्रदान करना, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण और संस्थागत सहायता प्रदान करना शामिल है
 चार धाम और रामायण ट्रेल के साथ-साथ भारत में प्राचीन धार्मिक मंदिरों और स्थानों की यात्रा के माध्यम से पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना