भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते का हुआ सफल समापन

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रोजगार, निर्यात और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने वाला एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी सौदा

भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर टैरिफ उन्मूलन से होगा लाभ

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री श्री कीर स्टारमर ने छह मई को पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के सफल समापन की घोषणा की। यह दूरदर्शी समझौता भारत के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है और दोनों देशों की विकास आकांक्षाओं को पूरा करता है।

यह नवंबर, 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई चर्चाओं पर आधारित है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक के बाद फरवरी, 2025 में गहन एफटीए वार्ता फिर से शुरू हुई। इसमें वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के विदेश मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स और उनके दलों के बीच कई बैठकें हुईं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि में भारत और ब्रिटेन ने एक महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते के साथ-साथ एक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। ये ऐतिहासिक समझौते हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाएंगे और दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार सृजन और नवाचार को बढ़ावा देंगे।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री को उनके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद दिया। इससे व्यापार समझौता संभव हो सका और जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत को दुनिया के ‘विश्व मित्र – विश्वसनीय भागीदार’ के रूप में देखा जाता है।

श्री गोयल ने कहा, “यह समझौता दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच न्यायसंगत और महत्वाकांक्षी व्यापार के लिए एक नया मानदंड स्थापित करता है। इससे भारतीय किसानों, मछुआरों, श्रमिकों, एमएसएमई, स्टार्टअप और इनोवेटर्स को फायदा होगा। यह हमें वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के लक्ष्य के और करीब लाता है। यह एफटीए केवल वस्तुओं और सेवाओं के बारे में नहीं है, बल्कि लोगों, संभावनाओं और समृद्धि के बारे में भी है। यह वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारत की अधिक भागीदारी के नए रास्ते खोलते हुए हमारे मूल हितों की रक्षा करता है।”

यह एफटीए भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों की पृष्ठभूमि में हुआ है इसका उदाहरण लगभग 60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है, इसके 2030 तक दोगुना होने का अनुमान है।

भारत-ब्रिटेन एफटीए की मुख्य विशेषताएं

 ब्रिटेन के साथ एफटीए एक आधुनिक, व्यापक और ऐतिहासिक समझौता है, इसका उद्देश्य व्यापार उदारीकरण और टैरिफ रियायतों के साथ-साथ आर्थिक एकीकरण हासिल करना है।
 एफटीए सभी क्षेत्रों में वस्तुओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित करता है, इसमें भारत के सभी निर्यात हित शामिल हैं। भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर टैरिफ उन्मूलन से लाभ होगा, यह लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करेगा। इससे भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि के बड़े अवसर मिलेंगे।
 एफटीए श्रम और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विनिर्माण पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और कपड़ा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, खेल के सामान और खिलौने, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों और इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स और इंजन और कार्बनिक रसायन जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए निर्यात के अवसर खोलता है। इससे अन्य देशों के मुकाबले ब्रिटेन में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मकता में काफी सुधार होगा।
 एफटीए से भारत में रोजगार में महत्वपूर्ण सकारात्मक फायदा होगा।
भारत को ब्रिटेन के साथ महत्वाकांक्षी एफटीए से आईटी/आईटीईएस, वित्तीय सेवाओं, व्यावसायिक सेवाओं, अन्य व्यावसायिक सेवाओं और शैक्षिक सेवाओं जैसी सेवाओं में फायदा होगा। इससे नए अवसर और नौकरियां सृजित होंगी।
 प्रतिभाशाली और कुशल भारतीय युवाओं के लिए ब्रिटेन में अपार अवसर खुलेंगे। यह मजबूत वित्तीय और व्यावसायिक सेवा क्षेत्रों और उन्नत डिजिटल बुनियादी ढांचे के कारण डिजिटल रूप से वितरित सेवाओं के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र है।