एक सप्ताह तक चले उत्सव के 7वें दिन पीएमबीआई (फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया) ने सात मार्च को पूरे देश में 7वां जन औषधि दिवस 2025 मनाया, जिसमें 100 से अधिक प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में विभिन्न राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय तथा राज्य स्तर के मंत्रियों, सांसदों, विधानसभा सदस्यों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया, ताकि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के लाभों पर विस्तार से चर्चा की जा सके और जनता को जागरूक और लाभान्वित किया जा सके।
यह कार्यक्रम 1 मार्च को पूरे देश में जन औषधि जन चेतना अभियान के साथ शुरू हुआ और 7 मार्च को जन औषधि दिवस 2025 के उत्सव के साथ समाप्त हुआ। ये कार्यक्रम जन चेतना अभियान/पदयात्रा, हेरिटेज वॉक और स्वास्थ्य शिविर, जन औषधि बाल मित्र, एक कदम मातृ शक्ति की ओर, फार्मासिस्ट जागरूकता कार्यक्रम, आओ जन औषधि मित्र बनें; जन औषधि दिवस तक जारी रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एम्स के जन औषधि केंद्र का दौरा किया और लाभार्थियों के साथ बातचीत की। केंद्र के मालिकों और जन औषधि योजना के लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
श्री नड्डा ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश साझा किया और देश के सभी नागरिकों को 7वें जन औषधि दिवस, 2025 की शुभकामनाएं दीं। सप्ताह भर चले उत्सव में इस महान परियोजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय पेंशनरों और जन औषधि तथा अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को 1.12 करोड़ से अधिक डिजिटल संदेश भेजे गए। MyGov पोर्टल के माध्यम से जागरूकता उत्पन्न करने के लिए 7 करोड़ से अधिक संदेश भी भेजे गए।

