एक जुलाई, 2023 को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ने भारतीय वायुसेना में अपनी सेवा के सात वर्ष पूरे कर लिए। 2003 में तेजस नाम से जाना जाने वाला यह विमान, एक बहु आयामी वायुयान है, जो अपनी श्रेणी में श्रेष्ठ में से एक है। इसे वायु रक्षा, समुद्री सर्वेक्षण और प्रहार भूमिका निभाने के लिए तैयार किया गया है। स्वाभाविक रूप से अस्थिर (inherently unstable) तेजस निश्चित संचालन और बेहतर गति प्रदान करता है। इस क्षमता को इसके मल्टीमोड एयरबोर्न रडार, हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, सेल्फ प्रोटेक्शन सूट व लेज़र डेजिग्नेशन पॉड से लैस कर और बेहतर किया गया है।
भारतीय वायु सेना ने तेजस पर जो भरोसा जताया है, वह उसके 83 ‘एलसीए एमके-1ए’ के खरीद ऑर्डर से पैदा हुआ है, जिसमें अद्यतन अवियोनिक्स के अलावा एक एक्टिव इलेक्ट्रानिकली स्टिरॉयड रडार, अद्यतन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एक बियोंड विज़ुअल रेंज मिसाइल क्षमता होगी। तेजस का नया संस्करण बढ़ी हुई दूरी से अधिक हथियारों को दागने में सक्षम होगा। इनमें से कई हथियार स्वदेशी होंगे।

