अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार 2025
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को लाल किले की प्राचीर से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री के इस संकल्प को सिद्धि में बदलते हुए जीएसटी परिषद् ने तीन सितंबर को अपनी 56वीं बैठक में आम जन के जीवन को बेहतर बनाने, छोटे व्यापारियों-कारिबारियों समेत सभी के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुनिश्चित करने हेतु बहु-क्षेत्रीय व बहु-विषयक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों ने मौजूदा 4 स्तरीय टैक्स रेट ढांचे को ‘सिंपल टैक्स’ में बदल दिया, जिसमें 2 दर संरचनाएं— 18% का स्टैंडर्ड रेट और 5% का मेरिट रेट हैं तथा कुछ चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं के लिए 40% का विशेष डिमेरिट रेट है। ये संशोधित दरें और छूट 22 सितंबर, 2025 से लागू होंगी। आम आदमी की कई वस्तुएं जैसे हेयर ऑयल, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल आदि पर जीएसटी 18% या 12% से घटाकर 5% तथा लगभग सभी खाद्य पदार्थों जैसे पैकेज्ड नमकीन, भुजिया, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी आदि पर जीएसटी 12% या 18% से घटाकर 5%; बहुत अधिक तापमान वाला (यूएचटी) दूध, पहले से पैक और लेबल वाला छेना या पनीर पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य तथा चपाती, पराठा, परोटा आदि पर जीएसटी हटा दिया गया। 33 जीवनरक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य और सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। कृषि वस्तुओं, ट्रैक्टर, कटाई या थ्रेसिंग मशीनरी आदि पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया। एयर कंडीशनिंग मशीन, 32 इंच के टीवी (सभी टीवी पर अब 18% कर), छोटी कार, 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता के बाद से भारत का सबसे महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर सुधार ‘जीएसटी’ को औपचारिक रूप से 1 जुलाई, 2017 की आधी रात को लागू किया गया था, जिसमें 17 अलग-अलग करों और 13 उपकरों को एक ‘समेकित कर’ में समाहित कर दिया गया। फलस्वरूप, एक राष्ट्रीय बाजार का निर्माण हुआ और अर्थव्यवस्था के औपचारीकरण में काफी तेजी आई। यही नहीं, जीएसटी करदाता वर्ष 2017 में 66 लाख से बढ़कर वर्ष 2025 में 1.51 करोड़ हो गए
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद् ने तीन सितंबर को अब अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को मंजूरी दे दी, जिसमें आम आदमी के जीवन में सुधार लाने और छोटे व्यापारियों और व्यापारियों सहित सभी के लिए व्यापार करने में सुगमता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की थी— “सरकार अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लाएगी, जिससे आम आदमी पर कर का बोझ कम होगा। यह आपके लिए दिवाली का तोहफा होगा।” उन्होंने कहा कि सुधारों से आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग के परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ होगा, जबकि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि को सुदृढ़ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 1 जुलाई, 2017 को लागू किया गया वस्तु और सेवा कर (जीएसटी), स्वतंत्रता के बाद से भारत का सबसे महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर सुधार है। कई केंद्रीय और राज्य करों को एक एकल, एकीकृत प्रणाली में एक साथ लाकर ‘जीएसटी’ ने एक सामान्य राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया, करों की आवर्ती को कम किया, सरलीकृत अनुपालन और पारदर्शिता में सुधार किया। आठ वर्षों में जीएसटी दर युक्तिकरण और डिजिटलीकरण के माध्यम से तेजी से विकसित हुआ है, जो भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे की रीढ़ बन गया है।
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप जीएसटी परिषद् ने एक व्यापक सुधार पैकेज की अनुशंसा की, जिसमें सरलीकृत दो-स्लैब संरचना (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) के साथ दर युक्तिकरण, आम आदमी, श्रम-केंद्रित उद्योगों, किसानों और कृषि, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालकों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ सेक्टरों में दरों में कटौती शामिल है। ये अनुशंसाएं जीएसटी परिषद् के सभी सदस्यों के बीच जीएसटी को सरल, निष्पक्ष और अधिक विकास-उन्मुख बनाने के लिए आम सहमति पर आधारित हैं। संशोधित दरें और छूट 22 सितंबर, 2025 से लागू होंगी, जिससे आम आदमी, परिवारों, किसानों और व्यवसायों के लिए समय पर राहत सुनिश्चित होगी।
सरलीकृत संरचना, अलग-अलग सेक्टरों को राहत
नवीनतम सुधार जीएसटी संरचना का एक बड़ा सरलीकरण है। पहले की 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत दरों को हटाकर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्लैब प्रणाली में बदलाव से कराधान अधिक पारदर्शी और पालन में सुगम हो जाएगा। इसके साथ-साथ पान मसाला, तंबाकू जैसे मादक पदार्थों और एरेटेड ड्रिंक्स, महंगी कारों, नौकाओं और निजी विमानों जैसे लक्जरी उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर निष्पक्षता और राजस्व संतुलन सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही, पंजीकरण और रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाया गया है, रिफंड में तेजी लाई गई है और अनुपालन लागत कम की गई है, जिससे व्यवसायों, विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप पर बोझ कम हो गया है।
खाद्य और घरेलू सेक्टर
इन सुधारों से रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर करों को कम किया गया है, जिससे परिवारों में प्रत्यक्ष बचत होगी। एसी, डिशवॉशर और टीवी (एलसीडी, एलईडी) पर जीएसटी दर में कटौती दोहरी जीत है। यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इको-सिस्टम को सुदृढ़ करते हुए उपभोक्ताओं के लिए वहनीयता बढ़ाता है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तीन सितंबर को केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद् की तरफ से केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती और सुधारों पर प्रस्तुत प्रस्तावों पर सामूहिक रूप से सहमति व्यक्त किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इससे आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को लाभ होगा। श्री मोदी ने कहा, “व्यापक सुधार हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे और सभी के लिए, विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए कारोबारी सुगमता सुनिश्चित होगी।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, “अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान मैंने जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने के हमारे इरादे के बारे में बात की थी। केंद्र सरकार ने व्यापक रूप से जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने और इससे जुड़ी प्रक्रिया में सुधार के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था, जिसका उद्देश्य आम आदमी के जीवन को आसान बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।”
उन्होंने कहा कि यह बताते हुए खुशी हो रही है कि केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद् ने सामूहिक रूप से केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती और सुधारों पर प्रस्तुत प्रस्तावों पर सहमति व्यक्त की है, जिससे आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को लाभ होगा।
श्री मोदी ने कहा कि व्यापक सुधार हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाएंगे और सभी के लिए, विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करेंगे।
कन्ज्यूमर ड्यूरेबल: टीवी (एलसीडी/एलईडी) (>32’), एसी, डिशवॉशर पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत की गई।
गृह निर्माण एवं सामग्री
सीमेंट और निर्माण सामग्री पर जीएसटी में कटौती से हाउसिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इससे घरों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत कम होगी, जिससे घर खरीदना अधिक किफायती हो जाएगा। इस कदम से रियल एस्टेट में मांग बढ़ने और निर्माण में नए रोजगार सृजित होने की भी उम्मीद है।
बांस फर्श/जॉइनरी, पैकिंग मामलों और पैलेट (लकड़ी) पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई।
ऑटोमोबाइल सेक्टर

बसें, ट्रक, तिपहिया, सभी ऑटो पार्ट्स पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत की गई।
कृषि सेक्टर
सस्ती मशीनरी और जैव-कीटनाशकों पर निम्न दरों से छोटे किसानों को लागत कम करने और टिकाऊ कृषि कार्य प्रणालियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
जैव-कीटनाशक और प्राकृतिक मेन्थॉल पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई।
हमारी सरकार का लक्ष्य सिर्फ राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि देश के
हर नागरिक की जीवन गुणवत्ता सुधारना है : जगत प्रकाश नड्डा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 04 सितंबर, 2025 को ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त, 2025 को लाल किले की प्राचीर से अपने 11वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार लाने के सरकार के इरादे के बारे में बात की थी। उनके यशस्वी नेतृत्व में केवल 20 दिन में ही जीएसटी काउंसिल ने ऐतिहासिक सुधार करते हुए तमाम जरूरी वस्तुओं पर टैक्स या तो खत्म कर दिया है या फिर काफी कम कर दिया है। नई जीएसटी व्यवस्था में 28 प्रतिशत और 12 प्रतिशत का स्लैब ही ख़त्म कर दिया गया है। यानी अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब होंगे- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत।
श्री नड्डा ने कहा कि मैं इस ऐतिहासिक नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म्स के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मैं इस सुधारों को जमीन पर उतारने के लिए वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, जीएसटी काउंसिल और भारत के सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों को भी साधुवाद देता हूं।
उन्होंने कहा कि ये रिफॉर्म्स हमारे नागरिकों के जीवन को तो बेहतर बनाएंगे ही, साथ ही छोटे व्यापारियों और व्यवसायों के लिए व्यापार सुगमता भी सुनिश्चित करेंगे। हमारी सरकार का लक्ष्य सिर्फ राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की जीवन गुणवत्ता सुधारना है। यह कदम निश्चित तौर पर देश की आर्थिक ताकत को मजबूती प्रदान करेगा और नई उम्मीदें जगाएगा।
श्री नड्डा ने कहा कि दूध, आंटा सहित रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर जीएसटी को जीरो कर दिया गया है। साथ ही, आम आदमी के उपयोग की कई वस्तुओं पर टैक्स को 12%, 18% या 28% से घटाकर सिर्फ 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे रोजमर्रा की इन आवश्यकताओं की कीमतों में भारी गिरावट आएगी और आम जनता की जेब पर टैक्स का बोझ भी कम होगा। जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर भी जीएसटी को जीरो कर दिया गया है। यह कदम आम जनता के स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। महंगे घरेलू उपकरणों और वाहनों पर भी टैक्स दरों में भारी कटौती की गई है। खेती-बाड़ी में उपयोग होने वाली ट्रैक्टर, मशीनरी, कटाई-थ्रेसिंग उपकरण आदि पर टैक्स काफी घटा दिया गया है। इससे कृषि आधारित अर्थव्यस्था को एक नई मजबूती मिलेगी। घर के निर्माण में काम आने वाली सामग्रियों पर भी टैक्स दरों को कम किया गया है। इससे आम नागरिकों पर वित्तीय बोझ तो कम होगा ही, साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार जीएसटी लागू ही नहीं कर पाई थी, क्योंकि राज्यों को तब की कांग्रेस सरकार पर भरोसा नहीं था। उलटे कांग्रेस सरकार वैट के माध्यम से गरीब जनता और व्यापारियों पर डाके डालती थी। साथ ही, बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की भी गुंजाइश बनी रहती थी, जबकि जीएसटी ने ‘एक राष्ट्र, एक कर’ की अवधारणा को चरितार्थ किया है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में सारे निर्णय आम सहमति से लिए जाते हैं। हर महीने का रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन बताता है कि देश आर्थिक समृद्धि पर तेज गति से अग्रसर है। कांग्रेस का दोहरा चरित्र यह है कि जीएसटी काउंसिल में तो इनके नेता समर्थन करते हैं, लेकिन बाहर राहुल गांधी उन्हीं फैसलों का विरोध करते हैं।
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण अलग है— वे नागरिकों को वास्तविक राहत देने वाले बड़े कदम उठाना पसंद करते हैं। जीएसटी दरों में व्यापक संशोधन करके देशवासियों को दुर्गापूजा, दशहरा और दिवाली से पहले ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को ‘बम्पर गिफ्ट’ दिया है।
सेवा क्षेत्र
जिम, सैलून, नाई पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई।
खिलौने, खेल और हस्तशिल्प
मानव निर्मित फाइबर के लिए शुल्क ढांचा तय करने से वस्त्र उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता, विशेषकर निर्यात में सुधार होगा। इस क्षेत्र में इन्वर्टेड शुल्क संरचना को मानव निर्मित फाइबर पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और मानव निर्मित यार्न पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के साथ ठीक किया गया है।
लकड़ी/धातु/कपड़ा गुड़िया और खिलौने: 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत।
शिक्षा क्षेत्र
अभ्यास पुस्तिकाओं, इरेज़र, पेंसिल, क्रेयॉन और शार्पनर के साथ शिक्षा अधिक सस्ती हो गई है, जो 0 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई हैं। इससे सीधे परिवारों और छात्रों को सहायता प्राप्त होगी, जिससे सीखने की सामग्री की कम लागत सुनिश्चित होगी।
चिकित्सा, दंत चिकित्सा और पशु चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई।
यह सुधार जीवन को आसान
बनाएंगे: राजनाथ सिंह

केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने सभी क्षेत्रों को राहत पहुंचाने के लिए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की घोषणा की है।
कई महत्वपूर्ण वस्तुओं पर कर दरों में कमी के साथ, यह सुधार जीवन को आसान बनाएंगे, व्यापार करने में आसानी को और मजबूती प्रदान करेंगे, छोटे व्यवसायों को सशक्त बनायेंगे और आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगे।
मैं इस साहसिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देता हूं।”
भारत के लिए वास्तव में परिवर्तनकारी
निर्णय: अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अपने वादे पर अडिग रहते हैं।
जीएसटी दर में कटौती और प्रक्रिया सुधारों का यह ऐतिहासिक निर्णय गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देगा, साथ ही किसानों, एमएसएमई, महिलाओं एवं युवाओं को भी सहारा देगा।
व्यवस्था को सरल बनाकर और आम नागरिकों पर बोझ कम करके, ये सुधार न केवल जीवनयापन में आसानी सुनिश्चित करेंगे, बल्कि व्यापार करने में आसानी को भी बढ़ावा देंगे, खासकर छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए।
भारत के लिए एक वास्तव में परिवर्तनकारी निर्णय!”
स्वास्थ्य और जीवन बीमा
व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, फ्लोटर प्लान और वरिष्ठ नागरिक पॉलिसियों के प्रीमियम पर जीएसटी छूट।
जीएसटी से करों में उल्लेखनीय
कमी आई है: निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “जीएसटी ने पूर्व-जीएसटी काल में लगाए गए औसत करों में उल्लेखनीय कमी की है, जिससे सभी परिवारों एवं क्षेत्रों को समान रूप से राहत मिली है।”
अगली पीढ़ी के लिए जीएसटी: सभी के लिए लाभ
सामाजिक सुरक्षा: बीमा और आवश्यक दवाओं पर जीएसटी की छूट घरेलू सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को सुदृढ़ करती है।
अब तक का निष्पादन

