मातृ मृत्यु दर 130 प्रति लाख जन्मों से उल्लेखनीय रूप से घटकर 93 हुई

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शिशु मृत्यु दर 2014 में 39 प्रति 1000 जन्मों से घटकर 2021 में 27 प्रति 1000 जन्मों पर आ गई

     भारत के महापंजीयक (आरजीआई) द्वारा 07 मई, 2025 को जारी नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) रिपोर्ट 2021 के अनुसार भारत में प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) पर आधारित भारत में मातृ मृत्यु दर पर विशेष बुलेटिन 2019-21 के अनुसार देश के मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में उल्लेखनीय कमी आई है। यह 2014-16 में प्रति लाख जन्मों पर 130 से 37 अंक घटकर 2019-21 में 93 हो गई है।

इसी प्रकार नमूना पंजीकरण प्रणाली सांख्यिकीय रिपोर्ट 2021 के अनुसार शिशु मृत्यु दर संकेतकों में गिरावट का रुझान जारी रहा। देश की शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 39 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 27 हो गई है। नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 26 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 19 हो गई है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) 2014 में प्रति 1000 जन्मों पर 45 से घटकर 2021 में प्रति 1000 जन्मों पर 31 हो गई है। जन्म के समय लिंग अनुपात 2014 में 899 से सुधरकर 2021 में 913 हो गया है। कुल प्रजनन दर 2021 में 2.0 पर स्थिर है, जो 2014 में 2.3 से उल्लेखनीय सुधार है।