‘रुपे डेबिट कार्ड और व्यक्ति से व्यापारी के बीच (पी2एम) कम मूल्य के भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने से संबंधित प्रोत्साहन योजना’ ने देश में डिजिटल भुगतान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कुल डिजिटल भुगतान संबंधी लेनदेन वित्तीय वर्ष 2021-22 में 8,839 करोड़ से 46 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 18,737 करोड़ हो गए हैं। यह वृद्धि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) द्वारा संचालित है, जोकि 69 प्रतिशत की सीएजीआर के साथ बढ़ी है और वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4,597 करोड़ लेनदेन से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 13,116 करोड़ लेनदेन हो गई है।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री श्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी 11 मार्च को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल डिजिटल भुगतान लेनदेन में यूपीआई का योगदान करीब 70 प्रतिशत रहा है। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे (यानी क्यूआर कोड और पीओएस टर्मिनल), नए व्यापारियों को शामिल करने और थर्ड पार्टी ऐप प्रदाताओं (टीपीएपी) में भी इस योजना अवधि के दौरान काफी वृद्धि हुई है।

