प्रधानमंत्री ने निधन पर शोक व्यक्त किया
नागालैंड के राज्यपाल श्री एल. गणेशन का 15 अगस्त, 2025 को 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपने पीछे जनसेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की विरासत छोड़ गए हैं। प्रधानमंत्री ने उनके निधन पर उनके परिवार, मित्रों एवं नागालैंड के लोगों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और इस क्षति को देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति बताया।
श्री एल. गणेशन का सार्वजनिक जीवन विशिष्ट अनुभवों से भरा रहा है, जहां उन्होंने विभिन्न पदों पर सेवाएं देते करते हुए भारत के प्रशासनिक एवं राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह पूर्व में मणिपुर के राज्यपाल एवं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके है। अपनी ईमानदारी, प्रतिबद्धता और समावेशी दृष्टिकोण के लिए जाने जाने वाले श्री गणेशन ने शासन, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नागालैंड के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, स्थानीय विकास पहलों को समर्थन देने और राज्य में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया, जिसके लिए उनकी व्यापक प्रशंसा हुई।
तंजावुर जिले के निवासी श्री गणेशन कर्नाटक संगीत के प्रशंसक थे और थिरुवैयारु में वार्षिक त्यागराज आराधना में भाग लेना सुनिश्चित करते थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ उनका संपर्क उनके स्कूल के दिनों में ही शुरू हो गया था, उनका परिवार संगठन से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ था। 1991 में उन्हें तमिलनाडु में भाजपा की जड़ों को मजबूत करने और पार्टी गतिविधियों को अधिक व्यापक बनाने के लिए उन्हें भेजा गया। उन्होंने भाजपा, तमिलनाडु प्रदेश महामंत्री एवं अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्व का निर्वहन किया। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने भाजपा उपाध्यक्ष का पद संभाला। उन्होंने दक्षिण चेन्नई लोकसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव लड़ा। 2017 में तत्कालीन सांसद श्रीमती नजमा हेपतुल्ला को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद श्री गणेशन मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए।
श्री गणेशन ने भाजपा के मुखपत्र ओरे नाडु (एक राष्ट्र) के संपादक के रूप में भी काम किया और वह पोट्टरामराय (स्वर्ण कमल) के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे, जो दुनिया भर में तमिल विद्वानों को बढ़ावा देने और समर्थन देने के लिए समर्पित संगठन है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने थिरु ला. गणेशन के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, “नागालैंड के राज्यपाल थिरु ला. गणेशन जी के निधन से गहरा दुःख हुआ। उन्हें एक समर्पित राष्ट्रवादी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने अपना जीवन सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा का विस्तार करने के लिए कड़ी मेहनत की। तमिल संस्कृति के प्रति भी उनका गहरा लगाव था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।”
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी श्री गणेशन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “नागालैंड के राज्यपाल श्री ला. गणेशन जी के निधन की खबर सुनकर गहरा दु:ख हुआ। आपातकाल के दौरान अपनी साहसिक भूमिका से लेकर तमिलनाडु में भाजपा के विस्तार के प्रयासों तक, वह राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहे। राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल जनता के प्रति उनके गहरे कर्तव्यबोध को दर्शाता है। इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।”
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “नागालैंड के राज्यपाल ला. गणेशन जी के निधन से अत्यंत दुःख हुआ। तमिलनाडु के भाजपा नेता गणेशन जी ने आपातकाल के दौरान राष्ट्र के लिए बहुमूल्य योगदान दिया। उन्हें पार्टी के विस्तार, विचारधारा के प्रसार और राज्यपाल के रूप में जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए याद किया जाएगा। मैं उनके निधन पर उनके सहयोगियों एवं प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
श्री ला. गणेशन के निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया।

