भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जम्मू में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने आज सोमवार को जम्मू में श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित स्मरणोत्सव कार्यक्रम को संबोधित किया। श्री नितिन नवीन ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को राष्ट्रवाद, एकात्मता और बलिदान का प्रतीक बताते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अनुच्छेद 370 और 35ए हटाकर उनके ‘एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान’ के संकल्प को साकार किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कांग्रेस पर जम्मू-कश्मीर के साथ अन्याय और तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया तथा कहा कि भाजपा सरकार ने सुरक्षा, विकास, पर्यटन, खेल, आधारभूत संरचना और जनकल्याण योजनाओं के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में व्यापक परिवर्तन किया है। श्री नवीन ने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए जनसंपर्क, संगठन सुदृढ़ीकरण और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री सत शर्मा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए विशेष है। श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जनसंघ से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में नहीं, बल्कि हम सभी के पथप्रदर्शक के रूप में प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। आज जब उनकी 125वीं जयंती मनाने के लिए सभी यहां उपस्थित हुए हैं, मैं उपस्थित सभी कार्यकर्ता बंधुओं तथा बड़ी संख्या में पंडाल में बैठे कार्यकर्ताओं को नमन और अभिनंदन करता हूं। भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता, चाहे वह सबसे निचले पायदान पर बैठा हो या मंच पर, समान रूप से महत्वपूर्ण होता है। भाजपा को ताकत उन कार्यकर्ताओं से मिलती है, जो अंतिम बूथ पर और अंतिम पायदान पर रहकर भी भाजपा के कमल को खिलाने के संकल्प को पूरा करने का कार्य करते हैं। आज का दिन सभी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए भी विशेष है। मुझे मालूम है कि यहां के लोग इस दिन को किस प्रकार अलग-अलग तरीकों से उत्साहपूर्वक मनाते हैं। आज श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती है, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए संघर्ष करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया। उनकी जयंती को इस रूप में मनाया जाना चाहिए कि उनके संघर्षों को स्मरण किया जाए। जम्मू-कश्मीर के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने जो सपना देखा था, उसे साकार करने का कार्य यदि किसी ने किया है, तो वह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने जिस एक देश में एक विधान, एक प्रधान और एक निशान का सपना देखा था, उसे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने साकार किया। इतिहास के पन्नों में अनेक कहानियां छिपी हैं और सभी की अपनी-अपनी स्मृतियां होती हैं। वर्ष 2011 में राष्ट्रीय एकता यात्रा के माध्यम से मुझे भी युवा मोर्चा की टीम के साथ जम्मू-कश्मीर में तिरंगा फहराने का अवसर मिला था। उस समय मैं युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री थे और श्री अनुराग ठाकुर युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हुआ करते थे। सभी ने उस स्थान से कश्मीर तक यात्रा करने का संकल्प लिया था, जहां श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जन्म हुआ था और जहां उन्होंने बलिदान दिया था। जब वर्ष 2011 में इस यात्रा को लेकर हम निकले थे, तब पूरे देश में कांग्रेस की सरकारों में बेचैनी फैल गई थी। कांग्रेस के नेता पूरी तरह बौखला गए थे, क्योंकि उन्हें डर था कि यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ा संदेश लेकर आने वाली है। 22 जनवरी 2011 को पार्टी के कार्यालय मंत्री श्री महेश जी और श्री गंगा प्रसाद जी के साथ मैं कश्मीर गया था। वहां जाकर मैंने प्रशासन से कहा था कि हम भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराना चाहते हैं। इस विषय को आज की पीढ़ी तथा विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लोगों को जानने का अधिकार है। 

श्री नवीन ने कहा कि जब वर्ष 1953 में श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने बलिदान दिया था, तब हम उस समय मौजूद नहीं थे। बाद में हमने उनके संघर्षों को जाना और यह भी देखा कि 70 वर्ष पहले जिस व्यक्ति ने जो संकल्प लिया था और जो सपना देखा था, उसकी वास्तविक स्थिति क्या थी। 2011 में जब हम युवा मोर्चा के कार्यकर्ता वहां के प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने गए थे, तब हमसे कहा गया था कि यदि कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा लहराया गया, तो कश्मीर का अमन-चैन समाप्त हो जाएगा। वह समय ऐसा था, जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी और कांग्रेस के लोग सत्ता में बैठे हुए थे। जब हम वहां से लौटे, तो हमने देखा कि उसी कश्मीर के लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा था और उस समय दिल्ली में कांग्रेस की ही सरकार थी। मैं आज यह बात इसलिए बता रहा हूं, क्योंकि लोग पूछते हैं कि क्या बदला है? लेकिन आज के भारत में बहुत कुछ बदल गया है। जिनकी दृष्टि में इस बदले हुए भारत को देखने की क्षमता नहीं बची है, वही इसे नहीं देख पाते। वर्ष 2014 में जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने, तो वही कश्मीर का लाल चौक तिरंगे से लहराता हुआ दिखाई देने लगा। यही जम्मू-कश्मीर के बदले हुए माहौल का प्रमाण है। 

श्री नितिन नवीन ने कहा कि 2011 के समय यहां की सरकार और दिल्ली में बैठी कांग्रेस की सरकार ने हमें तिरंगा फहराने से रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। उस कालखंड में यदि कोई व्यक्ति भारत का तिरंगा लेकर कश्मीर जाता था, तो हवाई अड्डे पर उसके बैग की जांच इस आशंका के साथ की जाती थी कि कहीं वह भारत का तिरंगा लेकर न पहुंच जाए, क्योंकि ऐसा होने पर कश्मीर में शांति भंग होने की बात कही जाती थी। उस समय जम्मू से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों के बंडलों में भारत का तिरंगा रखकर उसे कश्मीर तक पहुंचाने का कार्य किया गया था। वह समय था, जब दिल्ली में कांग्रेस की हुकूमत और यहां की सरकार सत्ता में थी। वर्ष 2019 में जब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को समाप्त किया, तब जम्मू-कश्मीर के लोगों को वास्तविक आजादी मिली। श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जो सपना था, उसे पूरा करने का कार्य यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया। यह भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के संकल्प की पूर्ति का क्षण था।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज जब सभी श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान को स्मरण कर रहे हैं। इससे पहले पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी ने भी यात्रा निकाली थी और संघर्ष किया था। उस समय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी उस यात्रा में महासचिव और एक कार्यकर्ता के रूप में सहभागी थे। उन्होंने भी संकल्प लिया था कि कश्मीर की वादियों और जम्मू-कश्मीर में भारत के तिरंगे को पुनः गर्व के साथ लहराना है। आज हमें इस बात की अत्यंत खुशी है कि जब सभी श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती मना रहे हैं, तो उनके जन्मस्थान पर भी भारत का तिरंगा गर्व के साथ लहरा रहा है और भाजपा का भगवा पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के प्रतीक के रूप में आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में भी जिस प्रकार संघर्ष हुआ और जिस प्रकार लोगों ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बाहर की पार्टी है, उसके बावजूद जिस भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य का जन्मस्थान कोलकाता था, वहां भी भाजपा का भगवा स्थापित हुआ। आज भाजपा का कमल का निशान वहां पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और विकास के पैमाने को आगे बढ़ा रहा है।

श्री नवीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी बहुत संघर्ष किया है। मैंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष को निकट से देखा है। हम आज उन संघर्षों को भी नमन करते हैं। कश्मीर की वादियों से लेकर जम्मू तक भाजपा के कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक संघर्ष और परिश्रम किया है। हमें इस बात की खुशी है कि जिस सपने और संघर्ष को कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ाया, उसे हमारे नेता और देश के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने साकार किया। आज जब कांग्रेस के कुकर्मों और उसकी नाकामियों को देखा जाता है, तो यह स्पष्ट होता है कि यदि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं होती, तो आज भी जम्मू-कश्मीर का युवा स्टोन पेल्टर के रूप में जाना जाता, न कि रणजी विजेता के रूप में। आज पूरे देश में भारत के युवाओं की चर्चा होती है और पूरे विश्व में भी भारत के युवाओं का गौरव बढ़ रहा है। मुझे वर्ष 2014 से पहले का समय याद है, जब कश्मीर के युवाओं को स्टोन पेल्टर कहा जाता था। हमें उस समय अत्यंत खुशी हुई, जब क्रिकेट के मैदान में जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने अपना दमखम दिखाया और रणजी विजेता के रूप में पूरे जम्मू-कश्मीर का सम्मान बढ़ाया। यह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना है, जिन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ खेल के माध्यम से शांति और सौहार्द को भी आगे बढ़ाया।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती पर युवाओं को उनके जीवन से आज भी प्रेरणा लेनी चाहिए। मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने थे। वर्ष 1937 में जब गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जी ने पहली बार कोलकाता विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के स्थान पर बंगाली भाषा में संबोधन किया, तो यह संभव इसलिए हो पाया क्योंकि उस समय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी थे। अपनी मातृभाषा और मातृभूमि का सम्मान करने का कार्य श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने प्रारंभ से ही अपने संकल्प का हिस्सा बनाया था। जब देश में पहली सरकार बनी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को देश के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में दायित्व मिला, तब उन्होंने देश को औद्योगिक विकास की नई दिशा देने का कार्य किया। यह जानकर मुझे प्रसन्नता हुई कि चित्तरंजन लोकोमोटिव कारखाना, सिंदरी का खाद कारखाना तथा हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री जैसे उद्योगों की स्थापना में सबसे पहले पहल करने का कार्य भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने किया। 1950 के दशक में भी उनकी सोच यह थी कि देश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी विरासत और संस्कृति को भी सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी लगातार युवाओं के लिए ‘मेक इन इंडिया’ की बात करते हैं और उसे आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ जैसी सोच की परिकल्पना भी श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने वर्ष 1948 में अपने वक्तव्य में की थी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इस देश को श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जैसे महान विचारक मिले, जिन्होंने एक भारत और श्रेष्ठ भारत की कल्पना की। यदि किसी ने पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य किया, तो वह श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने किया। अन्यथा कांग्रेस के लोगों ने उस समय पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश के साथ जोड़ने का काम किया। एक ओर जहां सभी उनके संघर्ष और बलिदान को याद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सभी को उससे प्रेरणा लेकर यह संकल्प भी लेना चाहिए कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर को किस दिशा में आगे बढ़ाना है। हमें मालूम है कि जम्मू में भारतीय जनता पार्टी को लगातार समर्थन और लोगों का आशीर्वाद मिलता रहा है, लेकिन यह भी सत्य है कि जम्मू-कश्मीर में अभी भी संघर्ष और संकल्प का दौर बाकी है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जिस प्रकार पूरा देश विकास के नए पैमाने स्थापित कर रहा है, उसी का परिणाम है कि आज देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाया जा सका है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के अनेक परिवार भी शामिल हैं। 

श्री नवीन ने कहा कि एक समय अनुच्छेद 370 के कारण ऐसी व्यवस्था बना दी गई थी, जिससे यहां के लोगों का भला नहीं हो रहा था और उन्हें विकास का लाभ नहीं मिल पा रहा था। लेकिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकास के अनेक नए पैमाने स्थापित किए और आज जम्मू-कश्मीर भी विकास के मानकों पर अग्रणी राज्यों की भूमिका में आगे बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि जम्मू-कश्मीर की माताएं और बहनें सुरक्षित तथा व्यवस्थित जीवन जीते हुए आगे बढ़ें। पार्टी चाहती है कि जम्मू-कश्मीर का युवा केवल रोजगार लेने वाला ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी बने। हम आज युवाओं का आह्वान करने आए हैं कि सभी मिलकर जम्मू-कश्मीर की मिट्टी की रक्षा करें और उस सपने को साकार करें, जिसे श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने देखा था। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान और उनके जीवन-संघर्ष से प्रत्येक युवा को सीख लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने जीवनकाल में जिस प्रकार राष्ट्रहित के लिए संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ऐसी व्यवस्था लागू की है कि अब दिल्ली से एक रुपया चलता है, तो गरीब के खाते में पूरा एक रुपया पहुंचता है। 91 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे गरीबों के खातों तक पहुंचाने का कार्य आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कर रहे हैं। पहले गरीब परिवारों का केवल राजनीतिक शब्दों में उल्लेख किया जाता था, जबकि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि आज देश में केवल चार जातियां हैं, गरीब, युवा, किसान और महिला। इन चारों वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए जिस प्रकार कार्य किया गया है, वह अभूतपूर्व है। आज तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने के संकल्प, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीबों को आवास उपलब्ध कराने जैसे प्रयास स्पष्ट करते हैं कि मोदी सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हमें याद है, जब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पहली बार प्रधानमंत्री बने और दिवाली का अवसर आया, तब उन्होंने यह पर्व कश्मीर की वादियों में सैनिकों के साथ मनाया। हम इस बात का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि पहले लोग दिल्ली में सरकार चलाते थे और प्रधानमंत्री बनकर दिल्ली तक ही सीमित रहते थे, जबकि आज देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रत्येक राज्य के विकास की चिंता करते हैं तथा वहां जाकर विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। एक समय था, जब इस देश में पूर्वोत्तर राज्यों की चर्चा एक अलग ही तरीके से होती थी। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जिस प्रकार जम्मू-कश्मीर विकास के नए पैमानों पर आगे बढ़ रहा है, उसी प्रकार पूर्वोत्तर के राज्य भी लगातार विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। भाजपा केवल देश की राजधानी का ही विकास नहीं करती, बल्कि विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करती है। एक समय ऐसा भी था, जब सरकारें सीमावर्ती गांवों को देश के अंतिम गांव कहा करती थीं और उनके विकास तथा सुरक्षा के प्रति कोई विशेष चिंता नहीं दिखाई जाती थी। लेकिन आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। आज देश की सीमाओं पर बसे गांव अंतिम नहीं, बल्कि देश के प्रथम गांव हैं और उनका विकास तथा उनकी सुरक्षा देश की पहली जिम्मेदारी है। यह संदेश सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को निश्चित रूप से नई शक्ति देता है और उन्हें यह विश्वास दिलाता है कि दिल्ली में बैठा देश का प्रधानमंत्री अंतिम व्यक्ति और अंतिम गांव तक रहने वाले लोगों की चिंता करता है। यह बदलाव अपने आप नहीं आया है। इसके लिए कार्यकर्ताओं और देशवासियों ने लंबा संघर्ष किया है तथा देश के लोगों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को अपना आशीर्वाद दिया है।

श्री नवीन ने कहा कि वर्ष 2012 और 2013 के समय सरकारें चलती थीं और देश के लोगों को केवल इस रूप में देखा जाता था कि भारत में अराजकता और भ्रष्टाचार है। जब हम देश के विभिन्न भागों में जाते थे, तब विकास की चर्चा कम और अराजकता तथा भ्रष्टाचार की चर्चा अधिक होती थी। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि देश में विकास की बात करनी है, तो भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर को भी विकास के पैमानों से जोड़ा, जिसका सबसे बड़ा लाभ यहां के गरीब परिवारों को मिला। आज सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं के माध्यम से 95 करोड़ से अधिक लोगों तक आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है। एक समय देश में लगभग 91 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जो आज बढ़कर लगभग डेढ़ लाख किलोमीटर हो गए हैं। एक समय देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 160 हो गई है। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भी भारत आज पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। एक समय भारत को केवल मैनपावर वाला देश कहा जाता था और यहां के लोगों को केवल मानव संसाधन के रूप में देखा जाता था। लेकिन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस सोच को बदल दिया। आज भारत केवल मैनपावर नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग पावर के रूप में उभर रहा है।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लोगों को यह विश्वास दिलाने आए हैं कि दिल्ली में बैठी सरकार आज भी जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति पूरी तरह संकल्पित है। यहां की सरकार की नीतियां आज भी दोहरे मानदंडों पर आधारित हैं और जम्मू तथा कश्मीर के प्रति उसकी सोच अलग-अलग रहती है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की प्रेरणा से कार्य करता है। कश्मीर की वादियों में भी आज नहीं तो कल भाजपा का कमल अवश्य खिलेगा और जम्मू तथा कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और अधिक मजबूत होगी। संघर्ष अभी भी जारी है, लेकिन भाजपा ने कभी विकास को धर्म के आधार पर नहीं देखा। पार्टी ने हमेशा यह माना कि जो भी गरीब है, वह भारत का नागरिक है और उसके विकास की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है। विकास के पैमाने पर प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ने का कार्य किया गया है। यदि तीन तलाक की प्रथा को समाप्त किया गया, तो उसका उद्देश्य मुस्लिम बहनों को स्वावलंबी और सुरक्षित जीवन प्रदान करना था। देश के सामने अभी भी कई बड़े लक्ष्य शेष हैं। वर्तमान में जिस प्रकार की परिस्थितियां पैदा की जा रही हैं और जिस प्रकार की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है, उसे देखते हुए हमारा मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए आने वाले 20 वर्ष भी संघर्ष के वर्ष होंगे। यदि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करना है और विकसित भारत का निर्माण देखना है, तो भाजपा को भी उसी प्रकार मजबूती के साथ खड़ा करना होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के पूर्व वरिष्ठ नेताओं ने अपने संघर्ष, बलिदान और परिश्रम के बल पर भारतीय जनता पार्टी को इतना व्यापक विस्तार दिया है। अब वर्तमान पीढ़ी को भी अपने समय का संघर्ष करना होगा। भारतीय जनता पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जनता के साथ सीधे संवाद स्थापित करना होगा। तभी वर्ष 2047 तक भारतीय जनता पार्टी को और अधिक मजबूती के साथ खड़ा किया जा सकेगा और विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा। हमें पूरा विश्वास है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर को भी विकसित जम्मू-कश्मीर बनाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने देश की जनता के दिलों में उतरकर और उनसे जुड़कर कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि देश के विभिन्न राज्यों में पार्टी को लगातार सफलता मिल रही है। भाजपा के सभी कार्यकर्ता अपना संघर्ष जारी रखें, जनता के साथ संवाद बनाए रखें और केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प निरंतर निभाते रहें। वह दिन दूर नहीं, जब जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी की अपनी सरकार बनेगी। हमने वह समय भी देखा है, जब लोग जम्मू-कश्मीर आने से डरते थे। लेकिन आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जब-जब अवसर मिला, उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा के प्रति अपनी पहली जिम्मेदारी निभाई। कुछ समय पहले आतंकवादियों ने हमारी माताओं और बहनों का सिंदूर उजाड़ने का प्रयास किया था। इस पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्पष्ट किया कि यह पुराना भारत नहीं है। यह वह नया भारत है, जो अपनी माताओं और बहनों के सम्मान पर आघात करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात का एहसास कराया और उसे करारा जवाब दिया।

श्री नवीन ने कहा कि हमारे लिए प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब-जब इस देश के विरुद्ध नापाक इरादों से कार्य करने का प्रयास किया गया, तब-तब दिल्ली में बैठी यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने उसका करारा जवाब दिया। जनसंघ के काल में श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने जो दीप जलाया था, वह विकास, विश्वास और सभी को साथ लेकर चलने का दीप था। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी उसी मूल मंत्र पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ शामिल है। हम जम्मू-कश्मीर के लोगों का स्पष्ट रूप से आह्वान करना चाहते हैं कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा, विकास और उसकी विरासत को आगे बढ़ाने के प्रति पूरी तरह संकल्पित है। भारतीय जनता पार्टी जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानती है और अब इसमें कोई परिवर्तन नहीं हो सकता। कुछ दिन पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस विषय पर बयान दिए थे। कांग्रेस के वे दिन अब लौटने वाले नहीं हैं। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है और अब कोई भी उसे दोबारा जीवित करने का प्रयास सफल नहीं कर सकता। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और उसकी रक्षा के लिए यदि खून की एक-एक बूंद भी बहानी पड़े, तो हम उससे पीछे नहीं हटेंगे।

श्री नितिन नवीन ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर की वादियों में देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे हैं। इससे यहां के पर्यटन उद्योग को नई गति मिली है और लोगों का मनोबल भी बढ़ा है। पर्यटन के बढ़ने से जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। आज पर्यटन अपने आप में एक बड़ा उद्योग है और इसकी सबसे बड़ी शक्ति लोगों की सुरक्षा है। यह उद्योग अनेक राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी समृद्धि प्रदान कर रहा है। श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती के अवसर पर जिस प्रकार बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं, वह प्रेरणादायी है। भाजपा के सभी कार्यकर्ता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर यह संकल्प लें कि जिस विश्वास के साथ उन्होंने जनसंघ की स्थापना की थी, उसी विश्वास को हम आगे बढ़ाएगे। पार्टी के नेता एक भारत-श्रेष्ठ भारत की कल्पना को आगे बढ़ा रहे हैं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सपने को साकार कर रहे हैं और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के मॉडल को आगे बढ़ा रहे हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एक भारत-श्रेष्ठ भारत, अंत्योदय और सुशासन के इन तीनों मूल मंत्रों को आत्मसात करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने की दिशा में देश को आगे ले जा रहे हैं। यह सपना श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के सपनों को साकार करने वाला होगा।