-वेतनभोगी करदाताओं को नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपए तक कोई आयकर नहीं देना होगा
-प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे, इनमें 100 निम्न उत्पादन वाले जिलों को शामिल किया जाएगा
-अरहर, उड़द व मसूर पर विशेष ध्यान देते हुए ‘दालों में आत्मनिर्भरता मिशन’ शुरू किया जाएगा
-संशोधित ब्याज योजना के तहत केसीसी के माध्यम से पांच लाख रुपए तक का लोन
-एमएसएमई को गारंटी के साथ दिए जाने वाले ऋण को 5 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए किया गया
-वित्त वर्ष-25 में राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान, इसे वित्त वर्ष- 26 में 4.4 प्रतिशत करने का लक्ष्य
-अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं
-गिग वर्करों को पहचान पत्र दिया जाएगा, पीएम जन आरोग्य योजना के तहत ई-श्रम पोर्टल और स्वास्थ्य देखभाल में पंजीकरण
-विकास केन्द्र के रूप में शहरों को एक लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती निधि
-20 हजार करोड़ रुपए परिव्यय के साथ लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों के आरएंडडी के लिए अणु ऊर्जा मिशन
-निजी क्षेत्र द्वारा संचालित शोध विकास व नवाचार पहलों के लिए 20 हजार करोड़ रुपए आवंटित
-बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया गया
-विभिन्न कानूनों में 100 से ज्यादा प्रावधानों को गैर-अपराधीकरण रूप देते हुए जन विश्वास विधेयक 2.0 लाया जाएगा
-कैंसर, असाधारण रोगों और अन्य गंभीर जीर्ण रोगों के उपचार के लिए 36 जीवनरक्षक औषधियों को बुनियादी सीमा-शुल्क (बीसीडी) से छूट
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2025 को संसद में केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश किया। तेलुगु कवि और नाटककार श्री गुराजादा अप्पा राव के प्रसिद्ध कथन ‘कोई देश केवल उसकी मिट्टी से नहीं है, बल्कि देश उसके लोगों से है’ कथन को उद्धृत करते हुए वित्त मंत्री ने केन्द्रीय बजट 2025-26 में प्रस्तुत किया। इसमें ‘सबका विकास’ लक्ष्य के साथ समस्त क्षेत्रों का संतुलित विकास का लक्ष्य रखा गया है।
इसी लक्ष्य के अनुरूप वित्त मंत्री ने विकसित भारत के व्यापक सिद्धांतों का उल्लेख किया जो इस तरह से हैं—
क) गरीबी से मुक्ति
ख) शत-प्रतिशत अच्छे स्तर की स्कूली शिक्षा
ग) बेहतरीन, सस्ती और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच
घ) शत-प्रतिशत कुशल कामगार के साथ सार्थक रोजगार
ङ) आर्थिक गतिविधियों में 70 प्रतिशत महिलाएं
च) हमारे देश को ‘फूड बास्केट ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने वाले किसान
केन्द्रीय बजट 2025-26 में विकास को बढ़ावा के लिए सरकारी प्रयासों को जारी रखने, समग्र विकास को सुनिश्चित करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, परिवारिक भावनाओं को बढ़ाने और उभरते मध्यम वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाने का वादा किया गया। इस बजट में प्रस्तावित विकास उपाय, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है।
बजट में भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के लिए कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रामीण विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामक में परिवर्तनकारी सुधारों का लक्ष्य रखा गया है। बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
भाग- ए
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बजट अनुमान 2025-26
उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमश: 34.96 लाख करोड़ रुपये तथा 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
निवल कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सकल बाजार उधारियां 14.82 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कैपेक्स व्यय 11.21 लाख करोड़ रुपये (जीडीपी का 3.1 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।
विकास के प्रथम इंजन के रूप में कृषि
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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना – विकासशील कृषि जिला कार्यक्रम
राज्यों की भागीदारी से ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ का शुभारंभ करेगी। इस कार्यक्रम में मौजूदा योजनाओं और विशिष्ट उपायों के अभिसरण के माध्यम से कम उत्पादकता, कम उपज और औसत से कम ऋण मानदण्डों वाले 100 जिलों को शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की संभावना है।
ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण
राज्यों की भागीदारी से ‘ग्रामीण समृद्धि और लचीला निर्माण’ नामक एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा ताकि कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।
पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को शामिल किया जाएगा।
दलहन में आत्मनिर्भरता
सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान देने के साथ 6 वर्षीय ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ प्रारम्भ करेगी।
केंद्रीय एजेंसियां नेफेड और एनसीसीएफ अगले 4 वर्षों के दौरान किसानों से ये दालें खरीदेगी।
सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम
उत्पादन, प्रभावी आपूर्तियों, प्रसंस्करण और किसानों के लिए लाभकारी मूल्य को बढ़ावा देने के लिए राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।
बिहार में मखाना बोर्ड
मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा।
राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन
राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करना, लक्षित विकास और उच्च पैदावार वाले बीजों का प्रसार करना और बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिक ऋण
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी जाएगी।
विकास के दूसरे इंजन के रूप में एमएसएमई
एमएसएमई के वर्गीकरण मानदण्ड में संशोधन
• सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ाकर क्रमशः 2.5 और 2 गुना कर दी जाएगी।
सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्रेडिट कार्ड
• उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में 5 लाख रुपये तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
स्टार्ट-अप के लिए निधियों का कोष
• विस्तारित कार्यक्षेत्र और 10,000 करोड़ रुपए के नए अंशदान के साथ निधियों के नए कोष की स्थापना की जाएगी।
पहली बार के उद्यमियों के लिए योजना
• 5 लाख महिलाओं अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पहली बार के उद्यमियों के लिए अगले 5 वर्षों के दौरान 2 करोड़ रुपए तक का सावधि ऋण उपलब्ध कराने की एक नई योजना की घोषणा।
खिलौना क्षेत्र के लिए उपाय
• भारत को ‘वैश्विक खिलौना केंद्र’ बनाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले अनूठे नवीन और पर्यावरण के अनुकूल खिलौने बनाने की योजना।
खाद्य प्रसंस्करण के लिए सहायता
• बिहार में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता और प्रबंधन संस्थान स्थापना की जाएगी।
विनिर्माण मिशन – ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाना
• ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी।
विकास के तीसरे इंजन के रूप में निवेश
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I. लोगों में निवेश
सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0
• पोषण संबंधी सहायता के लिए लागत मानदण्डों को समुचित रूप से बढ़ाया जाएगा।
अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं
• अगले 5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम
• स्कूल और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में पुस्तकें प्रदान करने के लिए भारतीय भाषा पुस्तक योजना की घोषणा।
राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र
• ‘मेक फॉर इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड’ विनिर्माण के लिए हमारे युवाओं को आवश्यक कौशलों से सुसज्जित करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और भागीदारी के साथ 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
• मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अगले 5 वर्षों में 75,000 और सीटें बढ़ाने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष 10,000 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी।
सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र
• सरकार अगले 3 वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी। वर्ष 2025-26 में 200 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पीएम स्वनिधि
• इस स्कीम को बैंकों से संवर्धित ऋण 30,000 रुपए की सीमा के साथ यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्डों और क्षमता विकास सहायता के साथ नवीकृत किया जाएगा।
II. अर्थव्यवस्था में निवेश
अवसंरचना में सरकारी निजी भागीदारी
• सरकारी निजी भागीदारी में 3 वर्षीय पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए अवसंरचना संबंधी मंत्रालय बनाए जाएंगे; राज्यों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
अवसंरचना के लिए राज्यों को सहायता
• सुधारों के लिए पूंजी व्यय और प्रोत्साहन के लिए राज्यों को 50 वर्ष के ब्याजमुक्त ऋण के लिए डेढ़ लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव।
परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना 2025-30
• घोषित की गई नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपए की पूंजी के लिए 2025-30 के लिए दूसरी योजना।
जल जीवन मिशन
• बढ़े हुए कुल आवंटन के साथ मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया।
शहरी चुनौती कोष
• एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष की घोषणा, जिसे 2025-26 के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के प्रस्ताव के साथ वृद्धि केंद्रों के रूप में शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता के लिए प्रस्ताव लागू करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
‘विकसित भारत’ के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन
• परमाणु ऊर्जा अधिनियम और नागरिक दायित्व परमाणु क्षति अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव।
• 20 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ लघु मॉड्यूलर रियक्टर्स (एसएमआर) के अनुसंधान व विकास के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन स्थापित किया जाएगा। 2033 तक 5 स्वदेश विकसित एसएमआर संचालित करने का प्रस्ताव।
पोत निर्माण
• पोत निर्माण वित्तीय सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा।
• निर्दिष्ट आकार से अधिक विशालकाय पोतों को अवसंरचना सुसंगत मास्टर लिस्ट (एचएमएल) में शामिल किया जाएगा।
उड़ान क्षेत्रीय संपर्क स्कीम
• अगले 10 वर्ष में 120 नए गंतव्यों और 4 करोड़ यात्रियों को लाने-ले-जाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की संशोधित उड़ान स्कीम की घोषणा।
बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
• बिहार में ग्रीन पटना एयरपोर्ट और बिहटा में ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट की क्षमता के विस्तार के अलावा बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की घोषणा।
खनन क्षेत्र सुधार
• टेलिंग से महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी के लिए नीति बनाई जाएगी।
रोजगार आधारित वृद्धि के लिए पर्यटन
• चुनौती मोड के जरिये राज्यों की भागीदारी से देश में 50 शीर्ष पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।
III. नवाचार में निवेश
अनुसंधान, विकास और नवाचार
• पिछले वर्ष जुलाई के बजट में घोषित निजी क्षेत्र संचालित अनुसंधान, विकास और नवाचार पहल को लागू करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप
• बढ़ी हुई वित्तीय सहायता के साथ आईआईटी और आईआईएस में प्रौद्योगिकीय अनुसंधान के लिए 10 हजार फैलोशिप।
ज्ञान भारतम मिशन
• शैक्षिक संस्थानों, संग्रहालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ पांडुलिपी विरासत के सर्वेक्षण, प्रलेखन और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन बनाने का प्रस्ताव। इसके तहत 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियां शामिल की जाएंगी।
विकास के चतुर्थ इंजन के रूप में निर्यात
निर्यात संवर्द्धन मिशन
• वाणिज्य मंत्रालय एमएसएमई और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित निर्यात संवर्द्धन मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों और मंत्रालयों के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे।
भारत ट्रेडनेट
• व्यापार प्रलेखन और वित्त पोषण समाधानों के लिए संयुक्त मंच के रूप में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारत ट्रेडनेट (बीटीएन) स्थापित किया जाएगा।
वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास
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बीमा क्षेत्र में एफडीआई
• भारत में संपूर्ण प्रीमियम का निवेश करने वाली कंपनियों के लिए बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी।
एनएबीएफआईडी द्वारा क्रेडिट वृद्धि सुविधा
• एनएबीएफआईडी अवसंरचना के लिए कॉरपोरेट बॉंड के उद्देश्य से आंशिक ऋण वृद्धि सुविधा स्थापित करेगा।
बजट में मध्यम एवं वेतनभोगी वर्ग का
विशेष ध्यान रखा गया है: राजनाथ सिंह
मैं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक शानदार बजट पेश किया है। यह बजट युवा, गरीब, किसान, नारीशक्ति के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों एवं क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने वाला है।इस बजट में एक सर्वसमावेशी दृष्टिकोण अपनाया गया है। हमारे समाज के गरीब वर्गों को सशक्त बनाने से लेकर किसानों तक, एमएसएमई से लेकर उद्योगों तक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत तकनीकों में अनुसंधान को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
मुख्य रूप से मध्यम वर्ग के योगदान का ध्यान रखते हुए यह बजट अभूतपूर्व तोहफा लेकर आया है। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर आयकर से राहत दिए जाने के निर्णय का मैं हृदयतल से स्वागत करता हूं। मैं पुनः प्रधानमंत्री जी को और वित्त मंत्री जी को इस ऐतिहासिक बजट के लिए बधाई देता हूं।
रक्षा क्षेत्र में भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन को इस बजट से और बढ़ावा मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रक्षा मंत्रालय के लिए 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।रक्षा बलों पर 1,80,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय हमारे रक्षा बलों के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नति एवं क्षमता निर्माण में और मदद करेगा।
मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में यह बजट सुरक्षा को और मजबूत करेगा और देश की समृद्धि सुनिश्चित करेगा तथा ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में सहयोगी साबित होगा।
बजट 2025 ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट है: अमित शाह
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने एक फरवरी को बजट 2025 को विकसित और हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट बताया। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी को बधाई दी।एक्स प्लेटफॉर्म पर अपनी सिलसिलेवार पोस्ट्स में श्री शाह ने कहा कि बजट 2025 विकसित और हर क्षेत्र में श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में मोदी सरकार की दूरदर्शिता का ब्लूप्रिंट है। किसान, गरीब, मध्यम वर्ग, महिला और बच्चों की शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य से लेकर स्टार्टअप, इनोवेशन और इंवेस्टमेंट तक, हर क्षेत्र को समाहित करता यह बजट मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ का रोडमैप है। इस सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन जी को बधाई देता हूं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि देश का मध्यम वर्ग हमेशा प्रधानमंत्री मोदी जी के दिल में है। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपए तक की आय पर शून्य आयकर की प्रस्तावित छूट मध्यम वर्ग के वित्तीय कल्याण की दिशा में बेहद मददगार साबित होगी।
जन विश्वास विधेयक 2.0
• जन विश्वास विधेयक 2.0 में 100 से अधिक प्रावधानों को गैर आपराधिक बनाने के लिए प्रस्ताव।
खंड बी
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प्रत्यक्ष कर
नई कर व्यवस्था के अन्तर्गत 12 लाख रुपए तक की आय (अर्थात विशिष्ट दर जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह की औसत आय) पर कोई आयकर देय नहीं होगा।
वेतनभोगी कर दाताओं के लिए यह सीमा 75 हजार रुपये की मानक कटौती के कारण 12.75 लाख रुपये होगी।
यह नई संरचना मध्यम वर्ग के करों को काफी कम करेगी और घरेलू उपयोग, बचत तथा निवेश को बढ़ावा देने के लिए उनके पास अधिक धन राशि उपलब्ध होगी।
नया आयकर विधेयक भी अध्यायों और शब्दों दोनों की दृष्टि से सुस्पष्ट और प्रत्यक्ष होगा। यह करदाताओं और कर प्रशासन के लिए समझने में आसान होगा, जिससे कर सुनिश्चितता आएगी और मुकदमेबाजी कम होगी।
प्रत्यक्ष करों में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का परित्याग होगा
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संशोधित कर संरचना
नई कर व्यवस्था में संशोधित कर संरचना निम्नानुसार होगी।
0-4 लाख रुपए ——– शून्य
4-8 लाख रुपए ——– 5 प्रतिशत
8-12 लाख रुपए ——– 10 प्रतिशत
12-16 लाख रुपए ——– 15 प्रतिशत
16-20 लाख रुपए ——– 20 प्रतिशत
20-24 लाख रुपए ——– 25 प्रतिशत
24 लाख रुपए से अधिक ——– 30 प्रतिशत
टीडीएस/टीसीएस को तर्क संगत बनाना
टीडीएस की दरों और सीमाओं की संख्या कम कर उसे तर्क संगत बनाना।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कटौती की सीमा 50,000 रुपये से दो गुनी बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जा रही है।
किराये पर टीडीएस के लिए वार्षिक सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये की गई।
अनुपालन बोझ को कम करना
छोटे धर्मार्थ न्यासों/संस्थाओं की पंजीकृत अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष कर ऐसी संस्थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम किया गया।
कर दाताओं को अपने स्वामित्व वाली संपत्तियों के लिए शून्य वार्षिक मूल्य का दावा बिना किसी शर्त के ऐसी दो संपत्तियों के लाभ की अनुमति का प्रस्ताव।
व्यवसाय करने की सुगमता
तीन वर्षों की ब्लॉक अवधि के लिए अंतराष्ट्रीय लेन-देन के मामलों में आर्म्स लेन्थ मूल्य निर्धारण करते हेतु एक योजना की शुरुआत।
अंतरराष्ट्रीय कराधान में विवादों को कम करने तथा निश्चितता को बनाए रखने के लिए सेफ हार्बर नियमों के दायरे का विस्तार।
29 अगस्त, 2024 को या उससे पश्चात व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रीय बचत स्कीम (एनएसएस) से किए गए आहरण पर छूट।
एनपीएस वात्सल्य खातों के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था का प्रस्ताव, जो समग्र सीमाओं के अधीन सामान्य एनपीएस खातों के लिए उपलब्ध है।
रोजगार एवं निवेश
इलेक्ट्रॉनिकी विनिर्माण स्कीमों के लिए निश्चितता
उन अनिवासियों के लिए प्रकल्पित कराधान व्यवस्था का प्रस्ताव जो ऐसी निवासी कंपनी को सेवाएं प्रदान करते हैं जो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण सुविधा स्थापित या संचालित कर रही है।
विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण इकाइयों की आपूर्ति के लिए उपकरण घटकों को स्टोर करने वाले अनिवासियों की कर निश्चितता के लिए सुरक्षित बंदरगाह सेवा आरंभ की गई है।
अन्तर्देशीय जहाजों के लिए टन भार योजना
• देश में अन्तर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा टन भार कर योजना के लाभों को भारतीय पोत अधिनियम 2021 के अंतर्गत पंजीकृत अन्तर्देशीय जलयानों के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव किया गया है।
स्टार्ट-अप के निगमन का विस्तार
• 1.4.2030 से पहले निगमित होने वाले भारतीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को 5 वर्षों तक अवधि का विस्तार कर स्टार्ट-अप लाभ प्रदान किए गए हैं।
अप्रत्यक्ष कर
औद्योगिक वस्तुओं के सीमा शुल्क ढांचे का युक्तिकरण
केंद्रीय बजट 2025-26 के प्रस्तावों में
1- 7 टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। यह 2023-24 के बजट में हटाई गई सात टैरिफ दरों के अतिरिक्त है। इसके बाद शेष बची टैरिफ दरें ‘शून्य’ दर सहित आठ रह जाएंगी।
2-मोटे तौर पर प्रभावी शुल्क दायित्व बनाए रखने के लिए कुछ मदों, जहां ऐसा दायित्व मामूली रूप से कम होगा, को छोड़कर उपयुक्त कर लगाने का प्रस्ताव है।
3-एक से अधिक उपकर अथवा अधिभार न लगाने का प्रस्ताव है। उपकर के अधीन 82 टैरिफ लाइनों पर समाज कल्याण अधिभार से छूट दी जाएगी।
अप्रत्यक्ष करों में 2,600 करोड़ रुपये के राजस्व का परित्याग होगा
औषधि/दवाओं के आयात पर राहत
• 36 जीवन रक्षक औषधियों और दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट।
• 6 जीवन रक्षक दवाएं 5 प्रतिशत के रियायती सीमा-शुल्क दवाओं में शामिल।
• औषधि कंपनियों द्वारा चलाए जाने वाले रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत विशिष्ट औषधियां और दवाएं बुनियादी सीमा शुल्क से पूरी तरह मुक्त। 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ ही 37 अन्य दवाओं को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव।
घरेलू विनिर्माण और मूल्य वर्धन को सहायता
महत्वपूर्ण खनिज
कोबाल्ट पाउडर और लिथियम आयन बैट्री के अवशिष्ट, लेड, जिंक और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट।
वस्त्र
घरेलू तकनीकी वस्त्र उत्पादों को बढ़ावा।
दो अन्य प्रकार के शटल-रहित करघों वाली टेक्सटाइल मशीनरी सीमा शुल्क से मुक्त।
बुने हुए वस्त्रों पर 10 प्रतिशत या 20 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्क को संशोधित कर 20 प्रतिशत अथवा 115 रुपये प्रति किलोग्राम में जो भी अधिक हो करने का प्रस्ताव।
इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं
इन्टेरेक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले पर बुनियादी सीमा शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया।
ओपेन सेल्स और अन्य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्क घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
ओपेन सेल्स के अन्य घटकों पर बुनियादी सीमा शुल्क में छूट।
लिथियम आयन बैट्री
इलेक्ट्रिक वाहनों के बैट्री के विनिर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं और मोबाइल फोन बैट्री विनिर्माण हेतु 28 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं पर छूट।
पोत परिवहन क्षेत्र
पोत निर्माण में कच्चे माल, घटकों, उपभोज्यों अथवा पुर्जों पर अगले दस वर्षों तक बुनियादी सीमा शुल्क में छूट।
पुराने पोतों के लिए भी ऐसी ही छूट।
दूरसंचार
कैरियर ग्रेड इथरनेट स्वीच पर बुनियादी सीमा शुल्क 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर लाया गया।
निर्यात संवर्धन
हस्तशिल्प वस्तुएं
हस्तशिल्प की निर्यात अवधि 6 महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई, आवश्यकता पड़ने पर आगे तीन महीनों के लिए और बढ़ाई जा सकती है।
शुल्क मुक्त वस्तुओं की सूची में नौ और वस्तुएं शामिल की गईं।
चमड़े की वस्तुएं
वेट ब्लू लेदर पर बुनियादी सीमा शुल्क में पूर्ण छूट।
क्रश लेदर को 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क से छूट।
समुद्री उत्पाद
फ्रोजन फिश पेस्ट (सुरीमी) और ऐसे ही उत्पादों के निर्यात पर बुनियादी सीमा शुल्क 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया।
मछली और झींगा के आहार बनाने के लिए फिश हाइड्रोलीसेट पर बुनियादी सीमा शुल्क 15 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया।
• ऐसी वस्तुओं के निर्यात की समय-सीमा छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष की गई, जिसे आगे एक वर्ष और बढ़ाई जा सकती है।
व्यापार सुविधा
• प्रोविजनल कर निर्धारण की समय-सीमा।
• व्यवसाय प्रोविजनल कर निर्धारण को अंतिम रूप देने के लिए दो वर्ष की समय-सीमा तय करने का प्रस्ताव, जिसे एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
स्वैच्छिक अनुपालन
आयातक या निर्यातक की सुविधा के लिए माल की मंजूरी के बाद स्वेच्छा से महत्वपूर्ण तथ्यों की घोषणा कर सकते हैं और जुर्माने के बिना ब्याज सहित शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।



