हमारी सरकार किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है: नरेन्द्र मोदी

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प्रधानमंत्री ने वाराणसी से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम-किसान की 20वीं किस्त जारी की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दो अगस्त को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार वाराणसी का दौरा किया। इस अवसर पर उपस्थित भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने सावन के पावन माह में वाराणसी के परिवारों से मिलकर उनसे अपनी हार्दिक भावनाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को याद करते हुए कहा कि इसमें 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। श्री मोदी ने पीड़ित परिवारों, विशेषकर इस त्रासदी से प्रभावित बच्चों और बेटियों के दुःख को भी साझा किया। उन्‍होंने कहा कि बेटियों के सिंदूर का बदला लेने का उनका वादा पूरा हुआ है

    उपस्थित जनसमूह को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि हाल के दिनों में वे वाराणसी में शिव भक्तों की दिव्य छवियां देख रहे थे, विशेषकर सावन के पहले सोमवार को, जब तीर्थयात्री बाबा विश्वनाथ का पवित्र जलाभिषेक करने के लिए निकलते हैं। उन्होंने गौरी केदारनाथ से अपने कंधों पर पवित्र गंगाजल लाते यादव बंधुओं के मनोरम दृश्य का उल्लेख करते हुए इसे बेहद मनमोहक बताया।

भारत के तमिलनाडु में शैव परंपरा के एक प्राचीन ऐतिहासिक केंद्र गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर और एक हज़ार वर्ष प्राचीन स्मारक की कुछ दिन पहले की अपनी यात्रा का स्‍मरण करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध राजा राजेंद्र चोल ने करवाया था, जो उत्तर और दक्षिण को प्रतीकात्मक रूप से एक करने के लिए उत्तर भारत से गंगाजल लेकर आए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, काशी-तमिल संगमम जैसी पहलों के माध्यम से उस विरासत को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गंगईकोंडा चोलपुरम की अपनी हाल की यात्रा के दौरान वे अपने साथ गंगाजल लेकर गए थे और मां गंगा के आशीर्वाद से अत्यंत पवित्र वातावरण में पूजा संपन्न हुई। श्री मोदी ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण अवसर देश में एकता की भावना को जगाते हैं, जिससे ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों को सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की एकता ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ताकत बनी।

2,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

वाराणसी में आयोजित किसान महोत्सव के भव्य आयोजन का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत देशभर के 10 करोड़ किसान भाई-बहनों के बैंक खातों में 21,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के दौरान 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

श्री मोदी ने बताया कि अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में लगभग 2.5 करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं, जिन्हें इस योजना के तहत 90,000 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं। श्री मोदी ने कहा कि वाराणसी के किसानों को लगभग 900 करोड़ रुपये मिले हैं।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: जो क्षेत्र जितना पिछड़ा होगा, उसे उतनी ही ज़्यादा प्राथमिकता मिलेगी

‘जो क्षेत्र जितना पिछड़ा होगा, उसे उतनी ही ज़्यादा प्राथमिकता मिलेगी’ के विकास मंत्र को दोहराते हुए श्री मोदी ने घोषणा की कि इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने एक बड़ी नई पहल- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना- को स्‍वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए 24,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने बल देकर कहा कि हमारी सरकार किसानों के जीवन में बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।

श्री मोदी ने स्वीकार किया कि मौसम हमेशा से किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है; चाहे वह अतिवृष्टि हो, ओलावृष्टि हो या पाला। किसानों को ऐसी अनिश्चितताओं से बचाने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों को अब तक 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटान प्राप्त हो चुका है।

जो कोई भी भारत पर हमला करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महादेव की नगरी में विकास और जनकल्याण के लिए अनेक पहल की गई हैं। उन्होंने शिव के अर्थ पर विचार करते हुए कहा कि शिव ‘कल्याण’ के प्रतीक हैं, लेकिन आतंक और अन्याय का सामना करने पर वे प्रचंड रुद्र रूप भी धारण करते हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत के इस रुद्र रूप को देखा और घोषणा की, “जो कोई भी भारत पर हमला करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पाताल लोक में ही क्यों न हो।”

श्री मोदी ने उन दृश्यों का उल्लेख किया, जिनमें दिखाया गया था कि कैसे भारतीय ड्रोनों ने सटीक निशाना साधते हुए आतंकवादी मुख्यालयों को खंडहर में बदल दिया। उन्होंने कहा कि कई पाकिस्तानी हवाई अड्डे अभी भी गंभीर स्थिति में हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों के नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि जहां एक ओर आतंक के आका विलाप कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ये दल आतंकवादियों की स्थिति पर भी शोक मना रहे हैं।

श्री मोदी ने वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होने के लिए विपक्ष की कड़ी निंदा की। उन्होंने संसद में विपक्षी नेताओं द्वारा दिए गए विरोधाभासी बयानों का हवाला देते हुए और उनकी आलोचना करते हुए पूछा कि क्या भारत को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले इंतजार करना चाहिए? श्री मोदी ने जनता को याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान आतंकवादियों को क्लीन चिट दी थी और बम विस्फोटों में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए थे। उन्होंने कहा कि अब ये दल आतंकवादियों के सफाए और ऑपरेशन सिंदूर के नाम से ही परेशान हैं। वाराणसी की पावन धरती से प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि यह एक नया भारत है, एक ऐसा भारत जो भगवान भोलेनाथ की पूजा करता है और देश के दुश्मनों के सामने काल भैरव बनना भी जानता है।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय एवं राज्य मंत्रियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में भाग लिया।

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‘पीएम-किसान के तहत अब तक किसानों को 3.89 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित हुए’

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी कर देश के 9.70 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपए की धनराशि ट्रांसफर करने पर भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्री राजकुमार चाहर ने 02 अगस्त, 2025 को एक प्रेस कांफ्रेंस कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को देश के करोड़ों किसानों एवं भाजपा किसान मोर्चा की तरफ से धन्यवाद व साधुवाद दिया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों के खाते में 3.89 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए हैं। 18 जून, 2024 को 19वीं किस्त के रूप में 9.26 करोड़ किसानों के खाते में सम्मान निधि भेजी गई थी।

भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्री राजकुमार चाहर ने कहा कि 1 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यह योजना प्रारंभ की गई थी, इस योजना का उद्देश्य उचित फसल स्वास्थ्य एवं उचित पैदावार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कृषि आदानों की खरीद में सभी किसान परिवारों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है, जो अनुमानित कृषि आय के साथ-साथ घरेलू जरूरतों के लिए भी है। इस योजना के द्वारा लगातार हमारे किसान भाई आर्थिक रूप से सबल हो रहे हैं और कर्ज के मकड़जाल से निकालने में इस योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।

भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट में किसानों के हितों में लिए गए निर्णय के लिए भी विशेष आभार प्रकट किया। कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री कृषि संपदा योजना को और सशक्त बनाने के लिए इसके बजट में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया।