एक मिशन मोड वाला तंत्र देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण प्रदान करना सुविधाजनक व सहज बनाएगा और हर वर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कवर करेगा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने छह नवंबर को केन्द्रीय क्षेत्र की एक नई योजना पीएम विद्यालक्ष्मी को मंजूरी दे दी। इस नई योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाएं किसी को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने से न रोकें। पीएम विद्यालक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से निकली एक और महत्वपूर्ण पहल है, जिसने यह सिफारिश की थी कि सार्वजनिक और निजी, दोनों प्रकार के उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में विभिन्न उपायों के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थान (क्यूएचईआई) में प्रवेश लेने वाला कोई भी विद्यार्थी ट्यूशन फीस की पूरी राशि और पाठ्यक्रम से संबंधित अन्य खर्चों को कवर करने हेतु बैंकों और वित्तीय संस्थानों से गिरवी मुक्त एवं गारंटर मुक्त ऋण प्राप्त करने का पात्र होगा। यह योजना एक सरल, पारदर्शी एवं विद्यार्थियों के अनुकूल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी, जो अंतर-संचालनीय और पूरी तरह से डिजिटल होगी। पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना की प्रमुख बातें निम्न हैं:
एक मिशन मोड वाला तंत्र देश के शीर्ष 860 गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण प्रदान करना सुविधाजनक व सहज बनाएगा और हर वर्ष 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कवर करेगा
एक विशेष ऋण उत्पाद गिरवी मुक्त एवं गारंटर मुक्त शिक्षा ऋण को संभव बनाएगा; इसे एक सरल, पारदर्शी, विद्यार्थियों के अनुकूल और पूरी तरह से डिजिटल आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से सुलभ बनाया गया है
कुल 7.5 लाख रुपये तक की ऋण राशि पर भारत सरकार द्वारा 75 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी प्रदान की जाएगी, ताकि बैंकों को कवरेज बढ़ाने में सहायता मिल सके
इसके अलावा, 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों के लिए यह योजना 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3 प्रतिशत की ब्याज छूट भी प्रदान करेगी
यह 4.5 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले विद्यार्थियों को पहले से दी गई पूर्ण ब्याज छूट के अतिरिक्त है
पीएम विद्यालक्ष्मी युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिकतम सुलभ बनाने हेतु पिछले दशक में की गई विभिन्न पहलों के दायरे एवं सुलभता को आगे बढ़ाएगी

