राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने 31 जनवरी, 2022 को कोरोना वायरस महामारी के मुकाबले के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते कहा कि भारत ने रिकॉर्ड समय में कोविड रोधी टीकों की 150 करोड़ खुराक लगाईं। साथ ही, उन्होंने कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए देश के 80 प्रतिशत छोटे किसानों का आभार जताते हुए रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण के प्रयासों के तहत विवाह के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु को बढ़ाकर 21 वर्ष किये जाने की पहल का भी उल्लेख किया।
देश के 80 प्रतिशत किसान छोटे किसान ही हैं, जिनके हितों को मेरी सरकार ने हमेशा केंद्र में रखा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख अस्सी हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं
श्री कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी का यह तीसरा वर्ष है। इस दौरान हमने भारत के लोगों की लोकतांत्रिक मूल्यों में अगाध आस्था, अनुशासन और कर्तव्य-परायणता को और मजबूत होते देखा है। आज जब भारत, अपनी आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव मना रहा है, तब प्रत्येक भारतवासी की यह संकल्पशक्ति, भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए असीम विश्वास पैदा करती है।
श्री कोविंद ने कहा कि हमने एक साल से कम समय में कोविड रोधी टीकों की 150 करोड़ से भी ज्यादा खुराक लगाने का रिकॉर्ड पार किया। आज हम पूरी दुनिया में कोविड टीकों की सबसे ज्यादा खुराक देने वाले अग्रणी देशों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में 90 प्रतिशत से अधिक वयस्क नागरिकों को टीके की एक खुराक मिल चुकी है, जबकि 70 प्रतिशत से अधिक लोग दोनों खुराक ले चुके हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि अब तक देश में कुल आठ टीकों को आपात उपयोग के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और भारत में बन रहे तीन टीकों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से आपात स्थिति में उपयोग की मंजूरी भी मिली है।
राष्ट्रपति ने कृषि क्षेत्र में हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में देश की सतत सफलता और बढ़ते सामर्थ्य का सबसे बड़ा श्रेय, मैं, देश के छोटे किसानों को देना चाहता हूं। देश के 80 प्रतिशत किसान छोटे किसान ही हैं, जिनके हितों को मेरी सरकार ने हमेशा केंद्र में रखा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख अस्सी हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस निवेश से कृषि क्षेत्र में आज बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘फसल बीमा योजना’ में नए बदलावों का लाभ भी देश के छोटे किसानों को हुआ है। उन्होंने कहा कि इन बदलावों के बाद से अब तक आठ करोड़ से अधिक किसानों को मुआवजे के तौर पर एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।
रक्षा क्षेत्र की चर्चा करते राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हमारी सेनाओं की जरूरत का सामान भारत में ही विकसित हो तथा भारत में ही निर्मित हो। श्री कोविंद ने कहा कि 2020-21 में सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए जो भी स्वीकृतियां प्रदान की गईं, उनमें 87 प्रतिशत उत्पादों में ‘मेक इन इंडिया’ को प्राथमिकता दी गई। इसी प्रकार 2020-21 में 98 प्रतिशत उपकरणों से जुड़े अनुबंधों में ‘मेक इन इंडिया’ को प्राथमिकता दी गयी है।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर देश में रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उज्ज्वला योजना की सफलता के हम सभी साक्षी हैं। मुद्रा योजना के माध्यम से हमारे देश की माताओं-बहनों की उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिला है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पहल के अनेक सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और स्कूलों में प्रवेश लेने वाली बेटियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है।
उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुए मेरी सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरुषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है।

