भीम-कैशबैक और रैफरल बोनस योजना की भी शुरुआत
धानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को आधार नंबर से चलने वाला नया “भीम” (बीएचआइएम-भारत इंटरफेस फॉर मनी) ऐप लांच किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “एक समय था जब लोग अंगूठे के निशान को अनपढ़ होने से जोड़ते थे, लेकिन तकनीक ने आज अंगूठे को ताकत का स्रोत बना दिया है।”
श्री मोदी ने कहा कि लोग अपने फोन पर अंगूठे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी बात है। भीम-आधार ऐप के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट और डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं होगी। व्यक्ति का पढ़ा-लिखा होना भी जरूरी नहीं है। किसी भी ग्राहक से पैसा लेने के लिए दुकानदार को उसका आधार नंबर और अंगूठे के निशान की ही जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि भीम-आधार पे ऐप सामान्य भारतीय के सशक्तिकरण में वही भूमिका अदा करेगा जैसी अंबेडकर के बनाए भारतीय संविधान ने की है। इससे बाबा साहब अंबेडकर का सभी के सामाजिक और वित्तीय सशक्तिकरण का सपना पूरा हो सकेगा।
यही नहीं, प्रधानमंत्री ने दो प्रोत्साहन योजनाएं “भीम-कैशबैक” और “रैफरल बोनस” भी शुरू कीं। 495 करोड़ रुपए के बजट से छह महीने के लिए शुरू की गईं इन योजनाओं का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट की संस्कृति का जमीनी स्तर तक प्रसार करना है।
“रैफरल बोनस” योजना के बारे में श्री मोदी ने कहा कि यदि आप भीम ऐप से किसी को जोड़ते हैं तो संबंधित व्यक्ति की ओर से तीन ट्रांजैक्शंस किए जाने के बाद आपके खाते में 10 रुपये आ जाएंगे। यह स्कीम इस साल 14 अक्टूबर तक जारी रहेगी।’ श्री मोदी ने कहा कि भीम ऐप को रोका नहीं जा सकता। यदि कैशलेस इकॉनमी एक रथ है तो भीम ऐप उसका सारथी है। इसे रोका नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि ऐसा दिन आएगा, जब लोगों की जेब में पैसे नहीं होंगे और वह हर जगह आते-जाते दिखेंगे। श्री मोदी ने कहा, ‘हम देखते हैं कि एक एटीएम की सुरक्षा में 5 पुलिसकर्मी लगे होते हैं। यदि हम कैश में बहुत ज्यादा डील नहीं करते हैं तो आपका मोबाइल ही एटीएम बन जाएगा। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब बैंकों का कोई परिसर नहीं होगा और न ही पेपर होंगे।’ साथ ही प्रधानमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और उनकी टीम को दुनिया की श्रेष्ठ पेमेंट टेक्नोलॉजी तैयार करने के लिए बधाई दी।
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद से डिजिटल लेन-देन की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। मार्च तक देश में 64 लाख से अधिक डिजिटल लेन-देन हो चुके हैं। इनमें करीब 2,425 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है। मार्च 2017 तक आधार आधारित लेनदेन की संख्या भी नवंबर 2016 के 2.5 करोड़ से बढ़कर पांच करोड़ हो गई है।
मुख्य बातें
-लोगों का मोबाइल फोन ही अब एटीएम बन जाएगा।
-नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक इसे इस प्रकार से डेवलप किया गया है कि आप अपनी उंगलियों के निशान को प्रमाणित करके पैसा निकाल सकेंगे।
-डेबिट-क्रेडिट कार्ड ले जाए बगैर हो सकेगा वित्तीय लेन-देन।
-भीम-आधार ऐप दुनिया में अपनी किस्म का अनोखा है। यहां तक कि दुनिया के सबसे विकसित देशों में भी ऐसा तंत्र नहीं है। यह पूरी तरह से गेमचेंजर साबित होगा।
-दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में भीम-आधार ऐप आने वाले दिनों में रिसर्च का विषय बनेगा।
-रेफरेल बोनस योजना के तहत भीम ऐप यूजर किसी दूसरे स्मार्टफोन उपयोक्ता को इस सुविधा से जोड़ सकता है और एक निश्चित रकम कमा सकता है।
-यदि आप किसी को भीम ऐप से जोड़ते हैं और वह व्यक्ति तीन ट्रांजैक्शन करता है तो आपको 10 रुपये मिलेंगे। यह स्कीम 14 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
-अगले दो हफ्ते में इस पर और काम कर लिया जाएगा जिससे भीम ऐप और शक्तिशाली बनकर उभरेगा।

