डॉ. अम्बेडकर के ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ पर कार्यक्रम आयोजित

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भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर 06 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन (एसपीएमआरएफ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के सामाजिक परिवर्तन में बाबासाहेब के अद्वितीय योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दिए जाने की भी प्रशंसा की गयी, जो भगवान बुद्ध की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री बीएल संतोष ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद! लाफिंग बुद्धा फिर से मुस्कुरा रहा है। पाली को मान्यता मिलने से दुनिया भर के लोगों, खासकर बौद्ध समुदाय में खुशी की लहर है।”

बाबासाहेब अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “डॉ. अंबेडकर 20वीं सदी के भारत के प्रमुख व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने भारतीय समाज के लिए सामाजिक न्याय की वकालत की। भारत के लिए उनका महान योगदान ‘भारत का संविधान’ के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। अगले 60 दिनों में भाजपा पूरे देश में घर-घर जाकर लोगों को भारत के संविधान के बारे में जागरूक करेगी।”

कार्यक्रम के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ ने डॉ. अंबेडकर के प्रति राष्ट्र की शाश्वत कृतज्ञता पर जोर दिया, जिन्होंने भारत में समानता एवं सामाजिक न्याय की नींव रखी। उन्होंने कहा, “सामाजिक परिवर्तन के बारे में डॉ. अंबेडकर का दृष्टिकोण राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहेगा। हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाने में उनका योगदान बेजोड़ है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में बौद्ध धर्म की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत की रक्षा करके और पाली को नयी पहचान देकर इस विरासत को संजोने का काम किया गया है।”

इस अवसर पर प्रख्यात भिक्षुओं, विद्वानों और गणमान्य व्यक्तियों ने बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को संरक्षित करने और वैश्विक शांति को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने पाली को मान्यता दिए जाने को बौद्ध धर्म के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

इस अवसर पर एसपीएमआरएफ के चेयरमैन डॉ. अनिर्बान गांगुली सहित अनेक प्रख्यात भिक्षु उपस्थित थे।