वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी में 7.4 प्रतिशत की भारी वृद्धि का अनुमान

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वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) की वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्थिर कीमतों पर सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान

  राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा सात जनवरी को जारी एक प्रेस नोट के अनुसार वास्‍तविक जीडीपी या स्थिर कीमतों पर जीडीपी का वित्त वर्ष 2025-26 में 201.90 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी का अनंतिम अनुमान (पीई) 187.97 लाख करोड़ रुपये था, जो 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है। नॉमिनल जीडीपी या वर्तमान कीमतों पर जीडीपी का वित्त वर्ष 2025-26 में 357.14 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 330.68 लाख करोड़ रुपये था, जो 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 में जीवीए 184.50 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनंतिम अनुमान (पीई) 171.87 लाख करोड़ रुपये था, जो 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। नॉमिनल जीवीए के वित्त वर्ष 2025-26 में 323.48 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह 300.22 लाख करोड़ रुपये था, जो 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत थी।
वित्त वर्ष 2025-26 में नॉमिनल जीडीपी में 8.0 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
सेवा क्षेत्र में हुई तेज वृद्धि को वित्त वर्ष 2025-26 में अनुमानित 7.3 प्रतिशत की वास्तविक जीवीए वृद्धि दर में एक प्रमुख कारक माना गया है।
तृतीयक क्षेत्र में वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं तथा लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं के वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की पर्याप्त वृद्धि दर प्राप्त करने का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2025-26 में व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण क्षेत्र से संबंधित सेवाओं में स्थिर कीमतों पर 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर कीमतों पर 7.0 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने का अनुमान लगाया गया है।
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (3.1 प्रतिशत) तथा बिजली, गैस, जल आपूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र (2.1 प्रतिशत) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान स्थिर कीमतों पर जीवीए में मध्यम वृद्धि दर दर्ज की है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) की वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्थिर कीमतों पर सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत थी।