वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 8.2 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि का अनुमान

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     वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर अनुमानित जीडीपी 48.63 लाख करोड़ रुपए है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 44.94 लाख करोड़ रुपए थी, जो 8.2 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि दर दर्शाती है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में नाममात्र जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी 85.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 78.40 लाख करोड़ रुपये थी, जो 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है।

दरअसल, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 28 नवंबर को एक विज्ञप्ति में वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तिमाही अनुमानों को स्थिर (2011-12) और वर्तमान मूल्यों पर जारी किया।

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीवीए 44.77 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 41.41 लाख करोड़ रुपये था, जो 8.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में नाममात्र जीवीए 77.69 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 71.45 लाख करोड़ रुपये था, जो 8.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाता है।

अर्धवार्षिक अनुमान एवं वृद्धि दर

2025-26 के अप्रैल-सितंबर (2025-26 की पहली छमाही) में वास्तविक जीडीपी या स्थिर मूल्यों पर जीडीपी 96.52 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि 2024-25 की पहली छमाही में यह 89.35 लाख करोड़ रुपये थी, जो 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है। 2025-26 की पहली छमाही में नाममात्र जीडीपी या वर्तमान मूल्यों पर जीडीपी 171.30 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जबकि

वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के दौरान 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की थी

2024-25 की पहली छमाही में यह 157.48 लाख करोड़ रुपये थी, जो 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में नाममात्र जीडीपी में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
द्वितीयक (8.1 प्रतिशत) और तृतीयक क्षेत्र (9.2 प्रतिशत) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी विकास दर में 8.0 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की।
द्वितीयक क्षेत्र में विनिर्माण (9.1 प्रतिशत) और निर्माण (7.2 प्रतिशत) ने दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 7.0 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की।
तृतीयक क्षेत्र में वित्त, रियल एस्टेट और व्यावसायिक सेवाओं (10.2 प्रतिशत) ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में स्थिर मूल्यों पर पर्याप्त वृद्धि दर्ज की।
वास्तविक जीडीपी ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 8.0 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत थी।