सुधरती सत्ता, बिखरता विपक्ष प्रभात झा लोकतंत्र रूपी रथ के दो पहिए होते हैं- एक सत्ता पक्ष, दूसरा विपक्ष। विपक्ष, सत्ता पर नियंत्...