प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिहार के मधुबनी में 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में किए गए हमलों में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मौन रखने और प्रार्थना करने की अपील की। पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि पूरा देश व्यथित है और शोकाकुल परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की कि इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और इसकी साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि पंचायती राज दिवस के अवसर पर पूरा देश मिथिला और बिहार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के उद्देश्य से हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंचायती राज दिवस के अवसर पर मधुबनी में कहा कि बिहार वह भूमि है, जहां महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के मंत्र का विस्तार किया था। उन्होंने महात्मा गांधी के इस दृढ़ विश्वास की ओर ध्यान दिलाया कि भारत का तीव्र विकास तभी संभव है जब इसके गांव मजबूत हों। श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पंचायती राज की अवधारणा इसी भावना में निहित है। उन्होंने कहा, “बीते दशक में पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कदम उठाए गए हैं। पंचायतों को मजबूत बनाने में प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले एक दशक में 2 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें इंटरनेट से जुड़ी हैं।”
श्री मोदी ने बताया कि गांवों में 5.5 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायतों के डिजिटलीकरण से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र और भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों तक आसान पहुंच जैसे अतिरिक्त लाभ हुए हैं। श्री मोदी ने कहा कि आजादी के दशकों बाद देश को एक नया संसद भवन मिला है, वहीं देश भर में 30,000 नए पंचायत भवन भी बनाए गए हैं।
श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पंचायतों ने सामाजिक भागीदारी को मजबूत किया है। उन्होंने
‘भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा’

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पूरा देश व्यथित है और शोकाकुल परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपचार करा रहे लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। श्री मोदी ने परिवारों को हुए भारी नुकसान पर प्रकाश डाला, जहां कुछ ने अपने बेटे, भाई या जीवन साथी खो दिए।
उन्होंने कहा कि पीड़ित विभिन्न भाषायी और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से थे— कुछ बंगाली, कन्नड़, मराठी, ओडिया, गुजराती बोलते थे और कुछ बिहार से थे। यह बताते हुए कि कारगिल से कन्याकुमारी तक इस हमले पर पूरे देश में समान रूप से दु:ख और आक्रोश है, श्री मोदी ने कहा कि यह हमला केवल निहत्थे पर्यटकों पर नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा पर एक निर्लज्ज हमला था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की, “इस हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और इसकी साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से परे सजा मिलेगी।”
आतंकवाद के बचे हुए गढ़ों को खत्म करने का समय
श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के बचे हुए गढ़ों को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंकवाद के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।”
प्रधानमंत्री ने बिहार की धरती से घोषणा करते हुए कहा कि भारत हर आतंकवादी, उसके आकाओं और उसके समर्थकों की पहचान करेगा, उन्हें ट्रैक करेगा और उन्हें दंडित करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत उन्हें धरती के कोने-कोने तक खदेड़ देगा। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, “आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी और आतंकवाद को दंडित किया जाएगा। न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा और पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ इस संकल्प के प्रति दृढ़ है।”
श्री मोदी ने यह भी कहा कि मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति इस मुश्किल समय में भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने विभिन्न देशों के लोगों और नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस मुश्किल समय में भारत का साथ दिया।
कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिक भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होता है। इस दृष्टिकोण को दर्शाते हुए श्री मोदी ने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला कानून भी बनाया गया है।
श्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उदाहरण दिया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में कोई भी परिवार बेघर न रहे और सभी के सिर पर पक्की छत हो। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में इस योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं। श्री मोदी ने बताया कि अकेले बिहार में 57 लाख गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं।
बीता दशक: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का दशक
प्रधानमंत्री ने कहा, “बीता दशक, भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का दशक रहा है।” उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि पहली बार 12 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके घरों में नल के पानी के कनेक्शन मिले हैं। उन्होंने कहा कि 2.5 करोड़ से अधिक घरों में बिजली पहुंच चुकी है और जिन लोगों ने कभी गैस चूल्हे पर खाना पकाने की कल्पना भी नहीं की थी, उन्हें अब गैस सिलेंडर मिल गए हैं।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एम्स जैसे संस्थान कभी दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक ही सीमित थे। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अब दरभंगा में एम्स की स्थापना की जा रही है और पिछले एक दशक में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
एम्स जैसे संस्थान कभी दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक ही सीमित थे। अब दरभंगा में एम्स की स्थापना की जा रही है और पिछले एक दशक में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है
श्री मोदी ने कहा कि जन औषधि केंद्र गरीब और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी राहत बन गए हैं, जो 80 प्रतिशत छूट पर दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में अब 800 से अधिक जन औषधि केंद्र हैं, जिससे लोगों को चिकित्सा व्यय में 2,000 करोड़ रुपये की बचत हो रही है।
उन्होंने पटना और जयनगर के बीच ‘नमो भारत रैपिड रेल’ सेवा शुरू करने की घोषणा की, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और इस बात पर जोर दिया कि इस विकास से समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी और बेगूसराय के लाखों लोगों को लाभ होगा। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दरभंगा हवाई अड्डे से मिथिला और बिहार में हवाई संपर्क में काफी सुधार हुआ है और पटना हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ये विकास परियोजनाएं बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही हैं।”
किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
श्री मोदी ने कहा, “किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, यह रीढ़ जितनी मजबूत होगी, गांव उतना ही मजबूत होगा और परिणामस्वरूप, राष्ट्र भी मजबूत होगा।” उन्होंने मिथिला और कोसी क्षेत्रों में बाढ़ की लगातार चुनौतियों पर प्रकाश डाला और कहा कि सरकार बिहार में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए तैयार है।
श्री मोदी ने कहा, “मिथिला का सांस्कृतिक प्रधान खाद्य पदार्थ मखाना अब सुपरफूड के रूप में वैश्विक मान्यता प्राप्त कर चुका है।” उन्होंने बताया कि मखाना को जीआई टैग दिया गया है, जो इसे आधिकारिक तौर पर इस क्षेत्र के उत्पाद के रूप में प्रमाणित करता है। श्री मोदी ने कहा कि मखाना अनुसंधान केंद्र को राष्ट्रीय दर्जा दिया गया है।
इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, श्री जीतन राम मांझी, श्री गिरिराज सिंह, श्री चिराग पासवान, श्री नित्यानंद राय, श्री राम नाथ ठाकुर, डॉ. राज भूषण चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

