केंद्र सरकार का विज़न पूर्वी भारत के विकास के जरिये भारत का विकास है: नरेन्द्र मोदी

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    प्रधानमंत्री ने रायरंगपुर में ओडिशा सरकार के दो साल पूरे होने पर एक रैली को किया संबोधित

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20 जून को मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का दौरा किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने पवित्र स्थलों ‘संथाली जाहेरा’ और ‘हो जाहेरा में पूजा-अर्चना की तथा वे कौशल केंद्र और पहाड़पुर स्कूल देखने गये। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में ओडिशा सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम की थीम है ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’। श्री मोदी ने 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के दो साल पूरे होने पर ओडिशा के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “डबल-इंजन सरकार राज्य के विकास की गति को तेज कर रही है और कल्याणकारी योजनाओं, निवेश, औद्योगिक विकास व रोजगार के अवसरों के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन में बदलाव ला रही है।”

श्री मोदी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि के निर्माता पंडित रघुनाथ मुर्मू, डॉ. दमयंती बेसरा और श्री चरण हेम्ब्रम सहित ओडिशा की प्रतिष्ठित व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्री मोदी ने उनके मयूरभंज की मिट्टी से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक के सफर को ओडिशा और देश के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने केंद्र सरकार की ‘भारत के विकास के लिए पूर्वी भारत का विकास’ की दृष्टि को दोहराया और जोर दिया कि ‘पूर्वोदय’ नीति पूर्वी राज्यों की विशाल संभावनाओं को सामने ला रही है। श्री मोदी ने कहा, “केंद्र और राज्य सरकारें रेलवे अवसंरचना, राजमार्ग, आर्थिक कॉरिडोर, पत्तन, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और आधुनिक उद्योगों में रिकॉर्ड निवेश के जरिए इन ताकतों का पूरी तरह उपयोग करने के लिए साथ मिलकर काम कर रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लगभग 47,000 करोड़ रुपये की परिवर्तनकारी परियोजनाएं ओडिशा के लोगों के लिए परिवहन-संपर्क, सार्वजनिक सेवाओं, आर्थिक अवसरों और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार लाएंगी। ओडिशा पूर्वी भारत में विकास और समृद्धि के प्रवेश-द्वार के रूप में उभर रहा है और राज्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ओडिशा के प्रचुर संसाधनों को विकास और समृद्धि के अवसरों में बदल रही है। उन्होंने ‘उत्कर्ष ओडिशा’ जैसी पहलों का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और पूरे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। श्री मोदी ने कहा, “इस पहल के तहत ओडिशा ने पहले ही लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त कर लिए हैं, जबकि कई बड़ी परियोजनाएं, जिनकी लागत 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, वर्तमान में कार्यान्वयन-चरण में हैं। राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए उद्योग-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।”

पीएम जनमन मिशन

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन मिशन राष्ट्रपति मुर्मु के साथ हुई चर्चाओं से उभरा और यह विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए डिजाइन किया गया है, यह सुनिश्चित करता है कि सरकारी सेवाएं सीधे सबसे वंचित जनजातीय समुदायों के दरवाजे तक पहुंचें।

जनजातीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसरों के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में लगभग 500 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 750 स्कूलों को मंज़ूरी दी गई है। 1.5 करोड़ से ज़्यादा जनजातीय छात्रों को प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्तर पर सैकड़ों करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति मिली है।