‘विकसित भारत’ का सपना विकसित राज्यों के माध्यम से साकार हो सकता है: प्रधानमंत्री

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें 24 राज्यों और 7 केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने भाग लिया। इस वर्ष का विषय था विकसित भारत@2047 के लिए विकसित राज्य। बैठक की शुरुआत पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों की याद में एक मिनट के मौन के साथ हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर भारतीय की आकांक्षा है कि देश विकसित भारत बने। यह किसी पार्टी का एजेंडा नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षा है। उन्होंने कहा कि यदि सभी राज्य इस लक्ष्य के लिए मिलकर काम करें तो हम शानदार प्रगति करेंगे। श्री मोदी ने यह भी कहा कि हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हर राज्य, हर शहर, हर गांव का विकास किया जाएगा और फिर 2047 से बहुत पहले ‘विकसित भारत’ हासिल कर लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है और 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इस बदलाव की गति को बढ़ाने की जरूरत है। श्री मोदी ने राज्यों को अपनी विनिर्माण शक्तियों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विनिर्माण मिशन की घोषणा की है।

वैश्विक निवेशक भारत में काफी रुचि रखते हैं

श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक निवेशक भारत में काफी रुचि रखते हैं। उन्होंने राज्यों को इस अवसर का उपयोग करने और निवेश के लिए इसे आसान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। यूएई, यूके और ऑस्ट्रेलिया के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्यों को इसका अधिकतम उपयोग करना चाहिए।

कौशल विकास पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा कि एनईपी में शिक्षा और कौशल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों को विभिन्न कौशलों के लिए योजना बनानी चाहिए जो एआई, सेमीकंडक्टर, 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़े हों। उन्होंने कहा कि हम अपने जनसांख्यिकीय लाभांश के कारण दुनिया की कौशल राजधानी बन सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के लिए भारत सरकार ने 60,000 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है।

श्री मोदी ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन ने भारत को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने में मदद की है, लेकिन राज्यों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने राज्यों से वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप कम से कम एक पर्यटन स्थल विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में ऐसे 25-30 पर्यटन स्थल बनाए जा सकते हैं।

भारत में तेजी से शहरीकरण

श्री मोदी ने कहा कि भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। उन्होंने राज्यों से शहरों को स्थिरता और विकास का इंजन बनाने को कहा और उनसे टियर 2 और टियर 3 शहरों पर ध्यान केन्द्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नये उद्यम की स्थापना के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष बनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत की नारी शक्ति की विशाल ताकत पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं के लिए कानून बदलने का आग्रह किया, ताकि वे विकास की राह पर चल सकें। उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में सुधार होने चाहिए, जिसमें उनके काम करने की सुविधा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

श्री मोदी ने कहा कि कृषि में हमें प्रयोगशाला से लेकर जमीन तक पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने विकसित कृषि संकल्प अभियान के बारे में बात की जिसमें आने वाले दिनों में लगभग 2,500 वैज्ञानिक गांवों और ग्रामीण केन्द्रों में जाएंगे और वे फसल विविधीकरण और रसायन मुक्त खेती जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों से इस प्रयास का समर्थन करने को कहा।