भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 25 मई, 2025 को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उप-मुख्यमंत्रियों की बैठक के समापन के पश्चात् मीडिया को संबोधित किया और इस बैठक में ऑपरेशन सिंदूर एवं जातिगत जनगणना पर पारित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए बैठक के अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
ऑपरेशन सिंदूर एवं जातिगत जनगणना पर प्रस्ताव पारित
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम के उद्घोष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना के जांबाज जवानों ने जिस प्रकार देश की सेवा की, उसकी सर्वत्र सराहना हुई। इस संदर्भ में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ जिसमें ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व क्षमता, सशक्त भारत, समर्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे कार्यों की चर्चा की गई है। जिस तरह हमारी सेना ने पाकिस्तान में आतंकवाद के अड्डों को नेस्तनाबूद किया और वहां सटीकता एवं मारक क्षमता के साथ हमला किया, उस पर भी इस प्रस्ताव में विस्तृत चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना को भारत की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृति दी है। यह भाजपा की शुरू से कल्पना रही है और बिहार सरकार, विशेष रूप से श्री नीतीश कुमार की सरकार ने सबसे पहले इसका प्रस्ताव रखा था। उसी को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पारित हुआ। सभी लोगों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को साधुवाद दिया। इस प्रस्ताव के माध्यम से एनडीए सरकार ने यह संदेश दिया है कि एनडीए जातिगत राजनीति नहीं करती लेकिन एनडीए का उद्देश्य है कि वंचित, पीड़ित, शोषित, दलित और वे सभी लोग जो अब तक मुख्यधारा से वंचित रहे हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर जो प्रस्ताव पारित हुआ, उसे राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रस्तुत किया और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे जी ने उसका अनुमोदन किया। इसे सभी एनडीए के दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया। उसी प्रकार जातिगत जनगणना से संबंधित प्रस्ताव को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्तुत किया और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री पवन
प्रधानमंत्री ने एनडीए मुख्यमंत्री परिषद् की अध्यक्षता की
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एनडीए मुख्यमंत्री परिषद् की अध्यक्षता की। उन्होंने विकास की गति को बढ़ाने और डबल इंजन वाली सरकार के लाभों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा: “दिल्ली में एनडीए मुख्यमंत्री परिषद् में भाग लिया। हमने विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। विभिन्न राज्यों ने जल संरक्षण, शिकायत निवारण, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, खेल और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सर्वोत्तम पहलों के बारे में जानकारी दी। इन अनुभवों को सुनना अद्भुत था।”“मैंने हमारी विकास यात्रा को गति देने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि डबल इंजन वाली सरकार का लाभ जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचे। स्वच्छता, सफाई, स्वास्थ्य सेवा, युवा सशक्तीकरण, कृषि, प्रौद्योगिकी और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत तालमेल बनाने के बारे में बात हुई।”
कल्याण ने इसका अनुमोदन किया।
राज्यश: चर्चा
श्री नड्डा ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सैनिकों के अदम्य शौर्य का प्रतीक बताया। उन्होंने ये भी कहा कि भारत को तीव्र गति से विकास की ओर ले जाना है और उसे सशक्त तथा आत्मनिर्भर बनाना है। इस चर्चा में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बताया कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ किस प्रकार प्रभावी लड़ाई लड़ी है और किस प्रकार उन्हें उसमें सफलता प्राप्त हो रही है। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के प्रयास जारी हैं और लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने इस संबंध में सरकार की रणनीति के बारे में बताया, मार्गदर्शन किया और सभी मुख्यमंत्रियों व उप-मुख्यमंत्रियों को अवगत कराया कि किस तरह इस समस्या का समाधान किया गया।
उन्होंने कहा कि एनडीए ने कुल सात बेस्ट प्रैक्टिसेज़ पर विशेष रूप से ध्यान दिया। उदाहरणस्वरूप, छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आयोजित ओलंपिक्स का उल्लेख किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार बस्तर के आदिवासी लोगों की संस्कृति, खेल, खान-पान, साहित्य और कल्चर को समेटते हुए यह आयोजन हुआ। इस आयोजन में इन सभी पहलुओं का प्रतियोगितात्मक स्वरूप प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने कहा कि बैठक बिहार के सूखे क्षेत्रों में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों पर भी चर्चा की गई। बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने जल जीवन हरियाली परियोजना और अभियान के बारे में विस्तार से बताया। बाल विवाह के खिलाफ असम में हुई कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। इस विषय पर असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी बात रखी। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि इस क्षेत्र में जो अच्छे परिणाम मिले हैं, उन पर अध्ययन करने के लिए एक अध्ययन दल का गठन होना चाहिए, जो वहां जाकर स्थिति का निरीक्षण करे। गुजरात में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की सफलता को भी सराहा गया। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने इस योजना के तहत आम जनता को उपलब्ध कराई जा रही मुफ्त बिजली और उससे होने वाली आय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि ‘हम एक उत्तरदायी, जिम्मेदार और जवाबदेह सरकार हैं।’ इसी संदर्भ में, मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा ने सीएम कनेक्ट कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम के तहत दूर-दराज और फैले हुए इलाकों में प्रशासन को कैसे अधिक जवाबदेह और उत्तरदायी बनाया जा सकता है। इस पर एक मूवी भी दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां लागू यूनिफॉर्म सिविल कोड पर विस्तृत प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र द्वारा प्रशासनिक सुधारों के लिए किये गए प्रयासों पर भी प्रस्तुति हुई। सुझाव दिया गया कि प्रत्येक राज्य से कुछ प्रतिनिधि चुने जाएं, जो महाराष्ट्र के अनुभव का अध्ययन करें और अपने-अपने राज्यों में उसे लागू करें। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस परियोजना के माध्यम से गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों और +2 कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सैचुरेशन पॉइंट तक लाने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य उच्च और माध्यमिक शिक्षा के लिए अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उद्बोधन भी सभी को प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि जिन बेस्ट प्रैक्टिसेज़ पर आपस में चर्चा हुई है, उन पर अध्ययन हेतु स्टडी ग्रुप्स बनाए जाने चाहिए, ताकि हर राज्य इन्हें अपने यहां लागू कर सके। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल सरकार की पहल नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे एक जन आंदोलन के रूप में अपनाया जाना चाहिए। सभी नागरिकों की इसमें सहभागिता आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ज़ोर देते हुए कहा कि अमृत सरोवर बनाए गए हैं, उनकी निगरानी और रखरखाव के लिए राज्य सरकारों को विशेष चिंता करनी चाहिए। यह केवल एक वन-टाइम एफर्ट नहीं है, बल्कि इनका प्रभावी उपयोग और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी सुझाव दिया कि इन जल स्रोतों से वाटर रिचार्ज कितना हुआ, इसकी भी स्टडी की जानी चाहिए। साथ ही, हमारे पारंपरिक जल स्रोत जैसे कुएं और बावड़ियां, उनकी सफाई और पुनर्जीवन को एक अभियान के रूप में लिया जाना चाहिए।
स्वच्छता हमारे जीवन का निरंतर हिस्सा होना चाहिए, यह कोई 10 या 15 दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए, जिससे हम सभी को जुड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी आह्वान किया कि 5 जून पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी राज्य सरकारें न्यूनतम और नवीनतम कार्यक्रमों की योजना बनाएं, जो प्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएं।
महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर व्यापक चर्चा
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार के 11 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। 9 जून को इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे यह सोचें कि 11वें वर्ष को कैसे मनाया जाए, कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और किस प्रकार भारत ने इन 11 वर्षों में विकास की दिशा में एक लंबी छलांग लगाई है, इन बातों को जनता के सामने कैसे रखा जाए, इस पर सभी राज्य सरकारें विचार करें।
उन्होंने कहा कि देश की जनता तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी होगी। इस पर एक सीरीज ऑफ प्रोग्राम्स आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए एक छोटी समिति बनाई जाएगी, जो इस विषय पर चर्चा करेगी। पहले 5 जून को पर्यावरण दिवस, फिर 9 जून को एनडीए सरकार बनने के 11 वर्ष पूर्ण होंगे और 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मनाया जाएगा, जो अब अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी। इस 10वें वर्ष के उपलक्ष्य में एनडीए का एक छोटा समूह मिलकर कार्यक्रम तय करेगा। यह कार्यक्रम किसी एक सरकार का नहीं, बल्कि समाज, देश और पूरी दुनिया का कार्यक्रम है। इसे कैसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही 25-26 जून को आपातकाल के 50 साल पूरे हो रहे हैं। एनडीए इस अवसर पर जनता को यह भी बताएगा कि किन लोगों ने प्रजातंत्र का गला घोंटने, लोकतंत्र को दबाने का प्रयास किया था। 25 जून को यह 50 साल पूरे हो जाएंगे और इस विषय को भी जनता के सामने लाया जाएगा।
श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल कहा था कि हमें टीम इंडिया के रूप में काम करना है। उसी भावना के साथ एनडीए के सभी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी ताकत और सामंजस्य के साथ एकजुट होकर इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं।

