प्रधानमंत्री मोदीजी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार ‘सेवा’ करने वाले प्रधानमंत्री बने व मोदी सरकार के 12 वर्ष

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    भारत, हाल ही में दो बड़ी उपलब्धियां का साक्षी बना, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत होते लोकतांत्रिक संस्थानों और निरंतर परिवर्तनशील शासन की शक्ति को दिखाती हैं। 10 जून, 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार चुने गए प्रधानमंत्री बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, वह लगातार 4,399 दिन तक इस पद पर बने रहे। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने भारत के पहले आम चुनावों के बाद 13 मई, 1952 से 27 मई, 1964 तक लगातार पद संभाला था। यह उपलब्धि 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन आम चुनावों में जनता द्वारा श्री नरेन्द्र मोदी पर जताए भरोसे को दिखाता है, जिससे वे लगातार जनता की सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। दूसरी ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपानीत नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के शासन के 12 साल पूरे होना है। यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

2014 में जीत के बाद से मोदी सरकार ने एक मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के उद्देश्य से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण पर काम किया

विश्वास, विकास एवं जन-कल्याण
की एक परिवर्तनकारी यात्रा

है। इन बारह वर्षों में देश के हर क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। सरकार ने बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, सामाजिक कल्याण योजनाओं को बेहतर ढंग से पहुंचाने, डिजिटल लेन-देन में गति लाने, वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने, आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने, कनेक्टिविटी बेहतर करने और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। इस दौरान समावेशी विकास, सुशासन, पारदर्शिता और सभी क्षेत्रों में नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए भी कई अहम पहलें की गई हैं।

सत्ता में बारह साल पूरे होने और श्री नरेन्द्र मोदी के लगातार चुने हुए भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का यह संयोग, समकालीन भारतीय राजनीति में एक अहम पल है। इन बारह वर्षों की कहानी केवल शासन-प्रशासन की नहीं है; यह भरोसे, विकास, जन-भागीदारी और राष्ट्र-निर्माण की कहानी है। ये उपलब्धियां लोकतांत्रिक जनादेश की मजबूती और शासन की निरंतरता, दोनों को दिखाती हैं, जिससे जून, 2026 भारत की राजनीतिक और विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक दौर बन जाता है।

सुशासन से विश्वास की यात्रा

मोदी सरकार की एक विशेष बात सरकार और जनता के बीच बना भरोसे का मजबूत रिश्ता रहा है। यह भरोसा मजबूत नेतृत्व, पारदर्शी शासन, सीधे संवाद और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर देश की सेवा करने के संकल्प से बना है।

भारत की जनता ने बार-बार इस दूरदर्शी नेतृत्व पर मुहर लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक जनादेश दिया और पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, ओडिशा जैसे प्रदेशों में भी भारी जीत दिलाई, जिन्हें पहले चुनौतिपूर्ण माना जाता था। सेवा, जवाबदेही और नतीजों पर आधारित शासन पर सरकार के जोर ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा मजबूत किया है।

जून, 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए, वह पीएम-किसान योजना की किस्त जारी करने से जुड़ी थी। यह किसानों के कल्याण और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

डिजिटल इंडिया और तकनीकी प्रगति

•डिजिटल इंडिया पहल ने गवर्नेंस और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में बुनियादी बदलाव किए हैं।
• ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (व्यापार करने में आसानी) की ग्लोबल रैंकिंग में भारत ने जबरदस्त सुधार किया है और 142वें स्थान से 63वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के माध्यम से छह करोड़ से अधिक नागरिक डिजिटल रूप से साक्षर हुए हैं।
• जैम ट्रिनिटी— जन धन, आधार और मोबाइल— ने सर्विस डिलीवरी में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है, जिससे लीकेज और भ्रष्टाचार खत्म हुआ है।

“राष्ट्र के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने के इस अद्वितीय सम्मान पर प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी जी को हार्दिक बधाई। यह ऐतिहासिक अवसर भारत की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में व्यक्त किए गए स्थायी विश्वास और भरोसे का प्रमाण है।
आपका कार्यकाल शासन, आर्थिक मजबूती और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में दूरगामी उपलब्धियों से चिह्नित रहा है। व्यापक जनकल्याणकारी पहलों ने विकास के लाभों को अधिक समावेशी और न्यायसंगत तरीके से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया है, जो अंत्योदय के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आपके नेतृत्व में शुरू की गई अनेक पहलों में से पीएम-जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान मेरे हृदय के विशेष रूप से निकट हैं।
आपकी प्रेरणादायक यात्रा भारत की सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति आशा और नए विश्वास का संचार करती है। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हूं, ताकि आप आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में देश का नेतृत्व करते हुए राष्ट्र की सेवा करते रहें।”
श्रीमती द्रौपदी मुर्मु
(भारत की माननीया राष्ट्रपति)

• भारतनेट प्रोजेक्ट ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के माध्यम से 2.14 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ा है, जिससे ग्रामीण भारत डिजिटल मुख्यधारा से जुड़ गया है।
•भारत डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनकर उभरा है। यूपीआई ट्रांज़ेक्शन में 12,000 गुना से अधिक की बढ़ोतरी हुई है और सालाना ट्रांज़ेक्शन की कुल वैल्यू 314 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है।
• टेक्नोलॉजी ने डिजिटल डैशबोर्ड, जीईएम पोर्टल, फेसलेस टैक्सेशन और ऑनलाइन सर्विस डिलीवरी सिस्टम के माध्यम से पारदर्शिता को भी बढ़ाया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति

•मोदी सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भारत की तरक्की की कहानी के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बन गया है।
•नेशनल हाईवे नेटवर्क 2014 में 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है। हाईवे बनाने की गति 2014 में 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन से अधिक हो गई है।

“मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को हृदय से बधाई देता हूं, जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर जनता द्वारा चुने सबसे लंबे समय तक लगातार इस पद पर बने रहने वाले प्रधानमंत्री का एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल उनके कार्यकाल की अवधि को ही नहीं दर्शाती, बल्कि हमारे देश की विकास यात्रा में बदलाव के एक नए युग को भी दिखाती है।
जिस तरह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लाखों लोगों को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया था, उसी तरह हमारे समय में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 करोड़ से अधिक लोगों को घोर गरीबी की क्रूर बेड़ियों से मुक्त कराया है, लाखों परिवारों के जीवन में रोशनी फैलाई है और मानव इतिहास में एक बेहतरीन कीर्तिमान स्थापित किया है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है— चाहे वह आर्थिक विकास हो, बुनियादी ढांचे का विस्तार हो, सामाजिक प्रगति हो, तकनीकी उन्नति हो, वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ाना हो, या भारत की सांस्कृतिक विरासत का पुनरुद्धार हो।
भारत के लिए उनका योगदान अतुलनीय है: देश की समृद्ध सांस्कृतिक गौरव को संजोना, गुमनाम ऐतिहासिक नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना, औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होना और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना। काशी-तमिल संगमम, सौराष्ट्र-तमिल संगमम, नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल की स्थापना, चोलों की गौरवशाली विरासत का जश्न मनाने के लिए गंगईकोंडा चोलपुरम की यात्रा, और विदेशों से दुर्लभ कलाकृतियों व प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने जैसी पहलों ने भारत की शाश्वत विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध किया है।
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में तमिल ऋ षि कनियान पूंगुंद्रनार की अमर पंक्तियों— ‘याधुम ऊरे, यावरुम के लिए’ (हर जगह हमारा घर है, हर कोई हमारा रिश्तेदार है)—का उल्लेख करके उन्होंने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भारत की महान विचारधारा से परिचित कराया है। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने की यात्रा में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत और मार्गदर्शन करने वाली शक्ति के रूप में कार्य करता है।
इतिहास उन महान नेताओं को कभी नहीं भूलता जो मानवता के उत्थान के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वे समय के इतिहास में युग-निर्माता के रूप में खड़े होते हैं। भारत के इतिहास के इस अहम दौर में अपने दूरदर्शी नेतृत्व, अथक समर्पण और देश के कल्याण के प्रति अटूट उत्साह के साथ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और वे आज के भारत के ‘युग पुरुष’ हैं। ऐसे समय में जब उन्होंने जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने का ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया है, मैं देश की निरंतर सेवा के लिए उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”

श्री सी. पी. राधाकृष्णन
(भारत के माननीय उपराष्ट्रपति)

‘आज देश को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली है’
“हमारी सरकार के बीते 12 वर्ष विश्वास, विकास और जन कल्याण को समर्पित रहे हैं। 140 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और राष्ट्र प्रथम की भावना से हमने युवाओं, महिलाओं और अपने किसान भाई-बहनों को सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। यह हमारे अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल क्रांति तक आज देश को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली है। ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए हम सेवा, सुशासन और समृद्धि के इसी पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।”
श्री नरेन्द्र मोदी
(भारत के माननीय प्रधानमंत्री)

‘सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का युग’

“12 साल पहले माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके साथ ही सेवा, सुशासन और जन-कल्याण पर केंद्रित एक नए युग की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री जी देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इस दौरान गरीबों के कल्याण, किसानों की समृद्धि, महिलाओं के सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास, डिजिटल बदलाव और बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार को नई गति मिली है। अनुच्छेद 370 को ऐतिहासिक रूप से हटाना, श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण और हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को फिर से स्थापित करना— इन सभी ने देश की पहचान, आत्म-सम्मान और सांस्कृतिक चेतना में नई ऊर्जा का संचार किया है। इस परिवर्तनकारी यात्रा के केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी जी की ‘प्रधान सेवक’ वाली भावना और सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता रही है। इसी भावना से प्रेरित होकर हम सभी अपने सामूहिक प्रयासों से ‘विकसित भारत 2047’ के साझा सपने को साकार करने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।”

श्री नितिन नवीन
राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा

•कल्याण और गरीबी उन्मूलन

• ग्रामीण कनेक्टिविटी में शानदार बदलाव आया है। पिछले बारह सालों में लगभग चार लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं, जिनसे गांवों को बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों और आर्थिक केंद्रों से जोड़ा गया है।
• चिनाब ब्रिज, अटल टनल और नए पंबन ब्रिज जैसे कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता को दिखाया है और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है।
•रेलवे के आधुनिकीकरण में तेजी आई है। 99.6 प्रतिशत से अधिक ब्रॉड-गेज रेलवे रूट का विद्युतीकरण हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,337 से अधिक रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है।
•164 वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत ने विश्व-स्तरीय, तेज और सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन देकर रेल यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है।
• शहरी परिवहन में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। मेट्रो रेल सेवाएं 2014 में पांच शहरों में 248 किलोमीटर के नेटवर्क से बढ़कर 26 से अधिक शहरों में 1,095 किलोमीटर से अधिक हो गयी हैं।
• एविएशन सेक्टर में कार्यरत हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 से अधिक हो गई है।

‘राष्ट्र प्रथम से प्रेरित एक अथक कर्मयोगी’

“श्री नरेन्द्र मोदी जी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई। उन्होंने अपने कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। ‘राष्ट्र प्रथम’ से प्रेरित एक अथक कर्मयोगी के रूप में उनका कार्यकाल भारत के प्रति अटूट समर्पण, देशवासियों के कल्याण के प्रति दृढ़ संकल्प और राष्ट्र की सेवा में परिवर्तनकारी नेतृत्व को दर्शाता है। यह उपलब्धि भारत की जनता द्वारा उनके नेतृत्व में जताए गए अटूट भरोसे और समावेशी विकास व सुशासन के प्रति उनकी निरंतर कोशिशों का प्रमाण है।
पिछले बारह वर्षों में भारत ने विकास और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही, देश में एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण भी हुआ है, जिससे भारत अधिक आत्मविश्वास से भरा और अपनी विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ राष्ट्र बना है।
जैसाकि देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री श्री मोदी देश को अधिक समृद्धि, प्रगति और वैश्विक प्रमुखता की ओर ले जाने हेतु लगातार नेतृत्व कर रहे हैं।”
श्री राजनाथ सिंह
(केंद्रीय रक्षा मंत्री)

आर्थिक बदलाव और विकास

• पिछले बारह वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है।
• भारत दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने की स्थिति से निकलकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2025-26 में देश की जीडीपी 345 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जो अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार को दर्शाती है।
• गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, फेसलेस टैक्सेशन और डिजिटल इंडिया जैसे कदमों ने पारदर्शिता और कार्यक्षमता में सुधार किया है।
•2014 और 2025 के बीच 70 लाख करोड़ रुपये से अधिक का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) भारत की आर्थिक क्षमता में वैश्विक भरोसे को दिखाता है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 696 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जिससे अर्थव्यवस्था को स्थिरता और मजबूती मिली है।

कल्याण और गरीबी उन्मूलन

•  मोदी सरकार ने ‘सैचुरेशन-बेस्ड अप्रोच’ (हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने की नीति) के माध्यम से गरीबों के कल्याण को प्राथमिकता दी है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी पात्र नागरिकों को लाभ मिले।

‘दुनिया एक सक्षम, सशक्त तथा
नए भारत के उदय की साक्षी बन रही है’

“देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मोदी जी के यह 12 वर्ष भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने का निर्माण हुआ, तीन नए कानून लागू हुए, नई शिक्षा नीति और मातृभाषाओं में मेडिकल व इंजीनियरिंग शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ तथा आत्मनिर्भर भारत हर भारतीय का संकल्प बना। इन 12 वर्षों में एक तरफ देश की सीमाएं सुरक्षित हुईं, कश्मीर से 370 समाप्त हुई, राम मंदिर का निर्माण हुआ, नक्सलवाद का अंत हुआ और आतंकवाद पर नकेल कस हर आतंकी घटना का मुंहतोड़ जवाब दिया, वहीं देश की सामूहिक शक्ति ने हीनता के भाव से बाहर निकलकर अपनी विरासत, संस्कृति और सामर्थ्य पर गर्व करना सीखा। देशवासियों को सुरक्षित बनाना और उनके खोए हुए आत्मसम्मान व गौरव को लौटाना मोदी जी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
आज नया भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ विश्व के हर मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है और दुनिया एक सक्षम, सशक्त तथा नए भारत के उदय की साक्षी बन रही है।”

श्री अमित शाह
(केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री)

• सरकारी अनुमानों के अनुसार 2014 से अब तक 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
• प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को नि:शुल्क अनाज दिया गया, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान।
• प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के घर मिले हैं।
• जन धन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिससे लाखों लोग औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़े हैं।
•मुद्रा योजना के तहत 57 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले (कोलेटरल-फ़्री) लोन मंज़ूर किए गए हैं।
• पीएम स्वनिधि के माध्यम से 74 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक मदद मिली है।

किसानों का कल्याण एवं कृषि विकास

•कृषि, सरकार की विकास रणनीति का मुख्य हिस्सा रही है।

• पीएम-किसान योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में सीधे 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है।
• किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे किफायती कृषि ऋण मिलना आसान हो गया है।
• ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (Per Drop More Crop) पहल के तहत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सूक्ष्म-सिंचाई के दायरे में लाया गया है, जिससे पानी के उपयोग और उत्पादकता दोनों में सुधार हुआ है।
• भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश भी बन गया है; पिछले दशक में दूध का उत्पादन लगभग 70 प्रतिशत बढ़ा है।

महिला सशक्तीकरण

• महिला सशक्तीकरण मोदी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक रही है।
• महिलाओं के 32 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं, जिससे वित्तीय समावेश को बढ़ावा मिला है।
• उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 11 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं, जिससे महिलाओं को धुएं से भरी रसोई से मुक्ति मिली है।
• ‘लखपति दीदी’ पहल ने तीन करोड़ से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है।
•बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए 4.5 करोड़ से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए हैं।
• सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी 3,000 अधिकारियों से बढ़कर 11,000 से अधिक हो गई है।
• मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है, जिससे कामकाजी माताओं का जीवन आसान हुआ है।

युवा

• आईआईटी, एम्स, आईआईएम, आईआईएसईआर और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के नए कैंपस समेत बेहतरीन शिक्षण संस्थानों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी।
• देश भर में तकनीकी, मेडिकल और प्रोफेशनल शिक्षा तक बेहतर पहुंच।
• लाखों युवाओं को अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग मिली है।
• एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरुआत।
•भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के तौर पर उभरा है, जिससे युवा एंटरप्रेन्योर्स और नौकरी चाहने वालों के लिए मौके बने हैं।
•डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, किफायती इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का विस्तार।
• डिजिटल इकॉनमी के बढ़ने से टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, फिनटेक और डिजिटल सेवाओं में रोजगार के नए मौके बने हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा

• पिछले बारह वर्षों में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे का काफी विस्तार हुआ है।
•आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में उभरी है, जिसमें 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है।
• सरकार ने 23 नए एम्स और कई मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी है, जिससे स्वास्थ्य सेवा क्षमता और चिकित्सा शिक्षा के अवसरों में काफी वृद्धि हुई है।
• मिशन इंद्रधनुष के तहत 5.4 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है।
• पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान से 7.3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ मिला है।

मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता

• मोदी सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर जोर देने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मजबूत हुई है।
• प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम से 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई है और 12 लाख से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं।
• भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला देश बन गया है। मोबाइल का निर्यात असाधारण रूप से 163 गुना बढ़ा है।
• देश में अब 2.06 लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 यूनिकॉर्न हैं, जबकि 2014 में केवल 500 स्टार्टअप और चार यूनिकॉर्न थे।
• सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 1.64 लाख करोड़ रुपये के बारह प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है, जिससे भारत एक उभरते हुए सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित हो रहा है।

मध्यम वर्ग

• इनकम टैक्स में राहत और टैक्स फाइलिंग की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
• प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार, सब्सिडी और किफायती घरों के लिए मदद के माध्यम से घर लेने के सपने को साकार किया गया है।
• हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो सिस्टम और डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
• यूपीआई के माध्यम से डिजिटल पेमेंट में बढ़ोतरी ने रोजमर्रा के लेन-देन के तरीके को बदल दिया है।
• आयुष्मान भारत जैसी पहलों के माध्यम से हेल्थ कवरेज का विस्तार और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है।
• जीएसटी लागू होने से एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बना और अप्रत्यक्ष कर व्यस्था आसान हुई।
• सरकारी प्रक्रियाओं और सेवाओं के डिजिटाइज़ेशन से पारदर्शिता बढ़ी।
• डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सेवाओं और टेक्नोलॉजी-आधारित कॉमर्स के माध्यम से पेशेवरों, छोटे व्यवसायों और ग्राहकों, सभी को लाभ हुआ है।

राष्ट्रीय सुरक्षा

• भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
• सरकार ने आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति अपनाई है, जिसे सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से साबित किया गया है।
• रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और देश में ही होने वाला उत्पादन 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
• रक्षा निर्यात 2014 के 686 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,400 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है; अब भारतीय रक्षा उत्पाद 100 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं।
• उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत किया है।
•वामपंथी उग्रवाद में भारी कमी और ‘रेड कॉरिडोर’ का ‘ग्रीन ग्रोथ ज़ोन’ में बदलना आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय पहचान

•मोदी सरकार ने आधुनिकता को अपनाते हुए भारत की सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने पर बल दिया है।
• अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम का विकास सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।
•भारत में अब 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं और विदेशों से 668 अमूल्य कलाकृतियों को सफलतापूर्वक वापस लाया है।
• सरकार ने प्रतीकात्मक पहलों के माध्यम से औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति को बढ़ावा दिया है, जैसे राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग और मुगल गार्डन का नाम अमृत उद्यान किया गया है।
• 177 देशों के समर्थन से मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ ने दुनिया भर में भारत के सांस्कृतिक प्रभाव को मजबूत किया है।

वैश्विक नेतृत्व और विदेश नीति

• पिछले बारह वर्षों में वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
• सफल जी-20 अध्यक्षता ने भारत के नेतृत्व और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच आम सहमति बनाने की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
• महामारी के दौरान भारत की ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल ने 99 देशों को टीके उपलब्ध कराए, जिससे एक जिम्मेदार वैश्विक भागीदार के रूप में भारत की भूमिका और मजबूत हुई।
• 39 नए दूतावासों की स्थापना और कई मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर ने भारत की राजनयिक और आर्थिक पहुंच का विस्तार किया है।
•वैश्विक मुद्दों पर भारत को तेजी से समाधान प्रदाता के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

मोदी सरकार के बारह साल स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़े बदलावों वाले दौर में से एक है। इस यात्रा में आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे का विस्तार, सामाजिक सशक्तीकरण, डिजिटल बदलाव, सांस्कृतिक पुनरुत्थान और बेहतर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचा बनाने तक और महिलाओं व किसानों को सशक्त बनाने से लेकर वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को मजबूत करने तक, इन बारह सालों ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण की नींव रखी है। जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ रहा है, पिछले बारह सालों की उपलब्धियां मजबूत नेतृत्व, जन-भागीदारी और एक समृद्ध, समावेशी, आत्मनिर्भर व विकसित राष्ट्र बनाने के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प की शक्ति का सबूत हैं।