प्रधानमंत्री मोदीजी के विरुद्ध अमर्यादित बयान राहुल गांधी की अराजकतावादी मानसिकता को दर्शाता है : नितिन नवीन

| Published on:

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का राहुल गांधी के आपत्तिजनक बयान पर करारा हमला

     भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 20 मई, 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध राहुल गांधी के अमर्यादित, आपत्तिजनक एवं शर्मनाक बयान की कड़ी निंदा की और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह राहुल गांधी की अराजकतावादी और हताश मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय राजनीति में सम्मान और शुचिता की परंपरा रही है, लेकिन जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने और खारिज किये जाने से कांग्रेस की लगातार चुनावी हार के कारण राहुल गांधी के स्वभाव में हताशा और निराशा झलकने लगी है। श्री नवीन ने कांग्रेस पर देश की जमीन और जमीर को कमजोर करने तथा सैनिकों का मनोबल न बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और आत्मविश्वासी बना है।

श्री नवीन ने कहा कि राहुल गांधी का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ दिया गया आज का बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह कहीं न कहीं उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय

मुख्य बिंदु

• राहुल गांधी के अमर्यादित, आपत्तिजनक एवं शर्मनाक बयान की जितनी भी निंदा की जाय, कम है
• राहुल गांधी और कांग्रेस को अपने दुर्भाग्यपूर्ण बयानों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी
• राहुल गांधी भारतीय राजनीति के ऐसे राहु बन गए हैं, जो देश की राजनीति के वातावरण को लगातार गंदा और दूषित कर रहे हैं
• राहुल गांधी बताएं कि क्या नक्सलवाद को समाप्त करना गद्दारी है? क्या देश की जमीन को सुरक्षित रखना गद्दारी है? क्या पूरे विश्व में भारत के तिरंगे का सम्मान बढ़ाना गद्दारी है?
• राहुल गांधी और कांग्रेस ने जब-जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अपमान किया है, तब-तब देश की जनता ने प्रधानमंत्री जी को और अधिक आशीर्वाद देकर राहुल गांधी को करारा जवाब दिया है

राजनीति में शुचिता, सामाजिकता और एक-दूसरे को सम्मान देने की परंपरा रही है, ऐसे में राहुल गांधी का यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। लगातार मिल रही हार और निराशा अब राहुल गांधी के स्वभाव और चरित्र में भी दिखाई देने लगी है। यही हताशा और निराशा उनके इस प्रकार के शब्दों और बयानों में झलक रही है। राहुल गांधी जी, आपके पूर्वजों ने इस देश की जमीन और जमीर को हमेशा गिरवी रखने का पाप किया और कभी भी देश के सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की जमीन भी सुरक्षित हुई है और देशवासियों का जमीर भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि देश में जब-जब कांग्रेस की सरकार रही, तब-तब पूरा शासन भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा रहा। आज भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद पर भी नकेल कसी गई है जिससे आतंकवाद को पालने-पोषने वालों के हौंसले पूरी तरह से पस्त हो गए हैं। राहुल गांधी बताएं कि आखिर वे किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं? क्या नक्सलवाद को समाप्त करना गद्दारी है? क्या देश की जमीन को सुरक्षित रखना गद्दारी है? क्या पूरे विश्व में भारत के तिरंगे का सम्मान बढ़ाना गद्दारी है? कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा ऐसे शब्दों का प्रयोग समझ से परे है और सर्वथा निंदनीय है।

श्री नवीन ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय देश के सैनिकों के सिर काट दिए जाते थे, तब भी कांग्रेस मौन बैठी रहती थी। लेकिन भारतीय सेना को सम्मान और स्वाभिमान के साथ कार्य करने का जो आज अवसर मिला है, वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में मिला है। राहुल गांधी भारतीय राजनीति के ऐसे राहु बन गए हैं, जो देश की राजनीति के वातावरण को लगातार गंदा और दूषित करने का काम कर रहे हैं। राहुल गांधी का यह बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ही नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का भी अपमान किया है। राहुल गांधी शायद पुरानी बातों से कोई सबक नहीं लेते। जब-जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अपमान किया है, तब-तब देश की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को और अधिक आशीर्वाद दिया है, अपना समर्थन दिया है और उन्हें विजय की माला पहनाई है। आने वाले समय में भी राहुल गांधी और कांग्रेस को अपने दुर्भाग्यपूर्ण बयानों की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।