जन-केंद्रित विकास, सहभागी लोकतंत्र और प्रदर्शन-उन्मुख शासन

| Published on:

एनडीए बैठक में पारित प्रस्ताव

श्री नरेन्द्र मोदी लगातार कार्यकाल में भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बने

     हम, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), भारत की जनता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को लगातार कार्यकाल में भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 10 जून, 2026 को अपने कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे करते हुए 62 वर्षों से चले आ रहे एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार कर लिया है। इस बीच भारत में 13 नेता प्रधानमंत्री बने। इस महत्वपूर्ण पड़ाव से प्रधानमंत्री मोदी की असाधारण उपलब्धि का पता चलता है। उन्होंने बार-बार जनता का विश्वास जीता है क्योंकि उनका नेतृत्व प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं को पूरा करने की गहरी प्रतिबद्धता पर आधारित है। उनका नेतृत्व कार्य निष्पादन, उत्तरदायित्व और सत्यनिष्ठा का आदर्श उदाहरण है।

हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब केंद्र में एनडीए सरकार ने जनता की सेवा के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जन-केंद्रित विकास, सहभागी लोकतंत्र और प्रदर्शन-उन्मुख शासन का सहज एकीकरण रहा है। उनका शासन मॉडल नागरिकों के प्रति उत्तरदायी है, अपने दृष्टिकोण में नवोन्मेषी है और अपने प्रभाव में परिवर्तनकारी है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की सच्ची भावना को दर्शाता है।

श्री नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद हुआ। वे स्वतंत्र भारत की आकांक्षाओं से प्रेरित लोगों के दृष्टिकोण को राष्ट्रीय नेतृत्व में लेकर आए हैं। वे लगातार दो कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं। उन्होंने जनता से लगातार तीसरी बार जनादेश प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अथक निष्ठा, परिवर्तनकारी दृष्टिकोण और आकांक्षाओं को साकार रूप देने की क्षमता के माध्यम से भारत की जनता के साथ अनूठा संबंध स्थापित किया है।

महान नेतृत्व प्रायः अनिश्चितता और चुनौतियों के दौर में ही पनपता है। ऐसे क्षणों में दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और सामूहिक विश्वास जगाने की क्षमता का सबसे अधिक महत्व होता है। इतिहास के अमर नेता वे होते हैं जो अपने समय की कठिनाइयों का सामना करते हैं और उन्हें राष्ट्रीय पुनरुत्थान के अवसरों में बदल देते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जब मई, 2014 में पदभार संभाला, तो उन्हें ऐसी अर्थव्यवस्था और शासन व्यवस्था विरासत में मिली जो गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थी। वर्षों की अनिश्चितता और अस्थिरता के कारण सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास कमज़ोर हो चुका था। विश्व भारत के पतन की भविष्यवाणी कर रहा था और हमारे देश को ‘कमज़ोर पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर रहा था। नीतिगत गतिरोध व्यापक रूप ले चुका था। बैंकिंग क्षेत्र गहरे संकट में था, ग़ैर-निष्पादित परिसंपत्तियां चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई थीं और निवेश गतिविधि में काफी कमी आ गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। ‘कमजोर पांच’ देशों में गिने जाने वाले भारत ने विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरकर सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। हाल ही में हुए 15 व्यापार समझौतों (38 देश शामिल हैं) के परिणामस्वरूप भारत में वैश्विक विश्वास अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। विश्व इस बात से सहमत है कि यदि निवेश, नवाचार और दीर्घकालिक विकास की बात आती है, तो भारत ही सबसे उपयुक्त स्थान है।

प्रधानमंत्री मोदी ने साहसिक सुधारों को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति दिखाई है। व्यापक सहमति से लागू किए गए माल और सेवा कर (जीएसटी) ने एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया और दीर्घकालिक राष्ट्रीय उद्देश्य को पूरा किया। ऐतिहासिक श्रम सुधारों ने पुराने ढांचों को अधिक सरल और आधुनिक बनाया। हजारों अप्रचलित कानूनों को निरस्त कर दिया गया, जिससे नियामक बोझ कम हुआ और ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ में सुधार हुआ।

अनेक सुधारों के कारण भारत के बैंकिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया। फंसे ऋणों की पारदर्शी पहचान, त्वरित समाधान, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण और प्रणालीगत सुधारों ने वित्तीय अनुशासन को

प्रधानमंत्री मोदी ने साहसिक सुधारों को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति दिखाई है। व्यापक सहमति से लागू किए गए माल और सेवा कर (जीएसटी) ने एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण किया और दीर्घकालिक राष्ट्रीय उद्देश्य को पूरा किया। ऐतिहासिक श्रम सुधारों ने पुराने ढांचों को अधिक सरल और आधुनिक बनाया। हजारों अप्रचलित कानूनों को निरस्त कर दिया गया, जिससे नियामक बोझ कम हुआ और ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ में सुधार हुआ

मजबूत किया और शासन व्यवस्था में सुधार किया। ग़ैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात कई दशकों में सबसे निचले स्तर पर आ गया।

परिणामस्वरूप, भारत ने फिर से सपने देखने और बड़े सपने देखने शुरू किए। उद्यमशीलता की भावना को नई ऊर्जा मिली। स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से जीवंत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र उभरा, जिसने भारत को विश्व के अग्रणी स्टार्टअप केंद्रों में शामिल कर दिया।

सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, ड्रोन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे नए क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं। धनसर्जकों का उदय अब कुछ ही महानगरों तक सीमित नहीं है। द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों के साथ-साथ ग्रामीण भारत के युवा भी नवाचार और रोजगार सर्जन की अगली लहर का नेतृत्व कर रहे हैं।

हम प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार में भारत को अग्रणी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों को स्वीकार करते हैं। इससे सार्वजनिक सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार हुआ, भ्रष्टाचार कम हुआ और पारदर्शिता आई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनकर उभरा है। हमारे यूपीआई सिस्टम ने डिजिटल भुगतान में क्रांति ला दी है और यह वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रिय है।

एक और क्षेत्र जहां हमारी युवा शक्ति बड़े सपने देख रही है, वह है खेल। खेल संस्कृति को मजबूत बनाने पर प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत रूप से दिए गए जोर देने के कारण युवाओं को सही अवसर और समर्थन मिल रहा है। परिणामस्वरूप, वैश्विक खेल मंचों पर भारत की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। समृद्ध खेल अर्थव्यवस्था उभर रही है, जो कोचिंग, खेल विज्ञान, विनिर्माण, इवेंट मैनेजमेंट और संबद्ध क्षेत्रों में अवसर उत्पन्न कर रही है।

भारत ने पिछले 12 वर्ष में अपने इतिहास में सबसे महत्वाकांक्षी अवसंरचना परिवर्तनों में से एक को देखा है। इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण रेलवे का परिवर्तन है, जो भारत की जीवनरेखा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास आधुनिक, सुलभ और यात्री-अनुकूल स्टेशन बना रहा है। रिकॉर्ड विद्युतीकरण ने रेलवे नेटवर्क को स्वच्छ, तेज और अधिक कुशल बना दिया है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी नई पीढ़ी की रेलगाड़ियां गति, आराम और स्वदेशी नवाचार के संगम से आत्मविश्वासी और महत्वाकांक्षी भारत का प्रतीक हैं।

दशकों तक हवाई यात्रा केवल कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों तक ही सीमित थी। उड़ान जैसी योजनाओं और हवाईअड्डों के बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश के कारण अब करोड़ों यात्री हवाई यात्रा कर सकते हैं। परिचालित हवाईअड्डों की संख्या में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क में सुधार हुआ है।

बुनियादी ढांचे में हुई क्रांति ने दैनिक यात्रा अनुभव में भी क्रांति ला दी है। पूरे देश में आधुनिक बस टर्मिनल और बहुस्तरीय परिवहन केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें वे सुविधाएं और मानक मौजूद हैं जो कभी केवल हवाई अड्डों से जुड़े होते थे।

भारत का बुनियादी ढांचा विकास पहले अलगाव और देरी से ग्रस्त था। इस संस्कृति से जनता के असंतोष को समझते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बढ़कर ठोस बदलाव किए। प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान ‘प्रगति’ ने एकीकृत बुनियादी ढांचा नियोजन के लिए नया दृष्टिकोण पेश किया। प्रगति ने कुछ महीने पहले 50 सत्र पूरे कर लिए हैं। इसने विलंबित परियोजनाओं को गति देने में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है। प्रगति प्रणाली के माध्यम से लगभग 90 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को गति दी गई है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह दृढ़ विश्वास है कि विकास के लाभ कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास के लिए मूलभूत आवश्यकता हैं। बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को बैंकिंग सुविधा प्रदान करने, वित्तीय सहायता से वंचित लोगों को वित्त पोषित करने, बीमा से वंचित लोगों को बीमा प्रदान करने, बेघरों को आवास उपलब्ध कराने, बैंकिंग सुविधाओं से वंचित लोगों को जोड़ने, पहुंच से बाहर लोगों तक पहुंचने, वंचितों को सशक्त बनाने और

भारत की नारी शक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को महिला-प्रधान विकास पर जोर के कारण निरंतर आशीर्वाद दिया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आंदोलन ने बालिका के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। स्वयं सहायता समूहों को दिए गए समर्थन से करोड़ों महिलाएं धन सर्जक बन सकीं। ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीक और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं

हाशिए पर मौजूद लोगों को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है।

शासन की सफलता का सबसे स्पष्ट मापदंड गरीब से ग़रीब लोगों के जीवन पर उसका प्रभाव है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ से अधिक भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, जिससे स्वतंत्र भारत में अभूतपूर्व पैमाने पर जीवन परिवर्तन हुआ है और अंत्योदय के प्रति एनडीए की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई है।

भारत की नारी शक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को महिला-प्रधान विकास पर जोर के कारण निरंतर आशीर्वाद दिया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आंदोलन ने बालिका के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया। स्वयं सहायता समूहों को दिए गए समर्थन से करोड़ों महिलाएं धन सर्जक बन सकीं। ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीक और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।

हम प्रधानमंत्री मोदी को भारतीय इतिहास की सबसे किसान-हितैषी सरकार का नेतृत्व करने के लिए बधाई देते हैं। पीएम-किसान पहल ने किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान की। फसल बीमा कवरेज का विस्तार हुआ। सरकार ने कृषि अवसंरचना को मजबूत किया और बाजार पहुंच में सुधार किया, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया और सिंचाई एवं ग्रामीण विकास में निवेश किया। मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों को आवश्यक सहायता प्रदान की गई है। एनडीए सरकार द्वारा गठित दो नए मंत्रालय, मत्स्य पालन और सहकारिता, सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

हम, एनडीए परिवार, केंद्र सरकार द्वारा अंतिम छोर तक पहुंचने और यह सुनिश्चित करने पर दिए गए जोर की सराहना करते हैं कि विकास के लाभ भौगोलिक या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें। यह प्रतिबद्धता विशेष रूप से प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) में दिखाई देती है, जो अपनी तरह की प्रथम पहल है और देश के कुछ सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) को सशक्त बनाती है। आवासन, सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पेयजल और आजीविका के अवसर इन समुदायों को विकास की मुख्यधारा में लाने में मदद कर रहे हैं।

सीमावर्ती गांवों को कभी देश के ‘अंतिम गांव’ कहा जाता था, उन्हें आज प्रधानमंत्री मोदी की बदौलत भारत के ‘प्रारंभिक गांव’ के रूप में गर्व से जाना जाता है। यह सिर्फ शब्दावली में बदलाव नहीं, बल्कि सोच में बदलाव है, जहां सीमावर्ती समुदायों को भारत की सुरक्षा और पहचान के पहले संरक्षक के रूप में मान्यता दी जाती है। कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सेवाओं में किए गए महत्वपूर्ण निवेशों ने इन क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है।

प्रौद्योगिकी के इस युग में समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल कनेक्टिविटी आवश्यक है। लेकिन लंबे समय तक भारत के कई हिस्से इससे वंचित रहे। हमें यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों, अत्यधिक ऊंचाई वाली सीमावर्ती बस्तियों, माओवाद प्रभावित क्षेत्रों और

सुदूर तटीय क्षेत्रों जैसे पहले से वंचित क्षेत्रों में मोबाइल और डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सेवाओं, शासन और आर्थिक अवसरों जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान हो गई है।

नेतृत्व के मूलभूत सिद्धांतों में से एक यह मान्यता है कि कोई भी राष्ट्र अपनी पूर्ण क्षमता का अहसास तभी कर सकता है जब उसका प्रत्येक भाग, प्रत्येक क्षेत्र उसके विकास में भागीदार हो। संतुलित और समावेशी विकास की प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता ने उन क्षेत्रों की क्षमता को उजागर किया है जो दशकों से उपेक्षित रहे थे। पूर्वी भारत की अपार क्षमता, अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और मानव पूंजी के बावजूद लंबे समय तक अप्रयुक्त रही। एनडीए सरकार के तहत पूरे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, संपर्क, उद्योग, कृषि और सामाजिक विकास को मजबूत करने पर नए सिरे से जोर दिया गया है। यह परिवर्तन पूर्वोत्तर में भी समान रूप से दिखाई देता है। कभी दूरी और उपेक्षा के नजरिए से देखा जाने वाला यह क्षेत्र अब भारत की विकास यात्रा की ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में उभरा है। अब हमारा पूर्वोत्तर राष्ट्रीय मुख्यधारा के पहले से कहीं अधिक करीब है।

प्रधानमंत्री मोदी का सूक्ष्म दृष्टिकोण दो अनूठे कार्यक्रमों में देखा जा सकता है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम उन जिलों पर ध्यान केंद्रित करता है जो ऐतिहासिक रूप से प्रमुख संकेतकों में पिछड़े रहे हैं। इसकी सफलता को आगे बढ़ाते हुए आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम अब ब्लॉकों पर ध्यान केंद्रित करके इस दृष्टिकोण को और अधिक सूक्ष्म स्तर पर ले जा रहा है।

विकास तभी फल-फूल सकता है और राष्ट्रीय आकांक्षाएं तभी साकार हो सकती हैं जब राष्ट्र अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम हो। पिछले 12 वर्षों में भारत ने आतंकवाद से निपटने में अभूतपूर्व दृढ़ संकल्प दिखाया है। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, हवाई हमले हों या हालिया ऑपरेशन सिंदूर, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा। दशकों से चली आ रही वामपंथी उग्रवाद की चुनौती को सुरक्षा उपायों, विकास कार्यक्रमों और बेहतर शासन व्यवस्था के संयोजन से समाप्त कर दिया गया है। साथ ही, एनडीए सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत भारत ने स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को काफी हद तक विस्तारित किया है, घरेलू क्षमताओं को मजबूत किया है और रणनीतिक क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित किया है।

दशकों तक ‘वन रैंक वन पेंशन’ का मुद्दा उपेक्षित रहा। जिन लोगों ने सबसे पहले इसे बंद किया था, वही बाद में इसे वापस लाने की मांग पर निष्क्रिय बैठे रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे वीर पूर्व सैनिकों से ओआरपी लागू करने का वादा किया और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया। इससे लाखों पूर्व सैनिकों को सकारात्मक लाभ मिला है। पहले हम ‘रक्षा सुधार’ की बात तो सुनते रहते थे, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई सीमित थी। सरकार के सबसे बड़े सुधारों में से एक, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस)का पद सर्जित करना, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना को मजबूत करना है। इन उपायों से सशस्त्र बलों के बीच बेहतर समन्वय, दीर्घकालिक योजना और संयुक्त कार्य को बढ़ावा मिला है।

हम, एनडीए परिवार, इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि भारत आज वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। 32 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा है, जो उनके नेतृत्व और प्रभाव की वैश्विक मान्यता को दर्शाता है। आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज सम्मानपूर्वक सुनी जाती है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों को सुलझाने में भारत रचनात्मक और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। जब मानवता ने कोविड-19 जैसी सदी में कभी कभार आने वाली महामारी का सामना किया, तब भारत ने दुनिया को टीके और दवाएं उपलब्ध कराकर वैश्विक नेतृत्व का परिचय दिया।

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति ने कई मायनों में अपनी छाप छोड़ी है। संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश

हम, एनडीए परिवार, इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि भारत आज वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है। 32 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा है, जो उनके नेतृत्व और प्रभाव की वैश्विक मान्यता को दर्शाता है। आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज सम्मानपूर्वक सुनी जाती है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों को सुलझाने में भारत रचनात्मक और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है

में, जहां प्रवासी भारतीयों की एक बड़ी आबादी रहती है, वहां अधिकतम संपर्क होना चाहिए था। हालांकि, जब प्रधानमंत्री मोदी 2015 में संयुक्त अरब अमीरात गए, तो यह लगभग 35 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इसी तरह, जब प्रधानमंत्री मोदी 2014 में नेपाल गए थे, तो यह 17 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी, जो लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत संबंधों को देखते हुए आश्चर्यजनक थी। ऐसे कई उदाहरण हैं।

आज, भारत आत्मविश्वास और सभ्यतागत पहचान की एक मजबूत भावना के साथ दुनिया के साथ जुड़ा हुआ है। 170 देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को अपनाना भारत के शाश्वत ज्ञान और आधुनिक दुनिया के लिए इसकी प्रासंगिकता की मान्यता के रूप में खड़ा है। चोरी की गई सैकड़ों कलाकृतियां और प्राचीन वस्तुएं देश में वापस लाई गई हैं, जिससे भारत अपनी सभ्यतागत विरासत के महत्वपूर्ण अध्यायों के साथ फिर से जुड़ गया है। मोटे अनाज या श्री अन्न को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के भारत के सफल प्रयासों ने सतत कृषि और पोषण सुरक्षा पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है।

चूंकि एनडीए सुशासन के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, हम गठबंधन की उल्लेखनीय यात्रा पर भी विचार कर रहे हैं

लगभग तीन दशक पहले अटल बिहारी वाजपेयी जी, एलके आडवाणी जी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी, जॉर्ज फर्नांडीस जी, बालासाहेब ठाकरे जी, सरदार प्रकाश सिंह बादल जी, सिकंदर बख्त जी और कई अन्य प्रमुख नेताओं के मार्गदर्शन में ‘भारत प्रथम’ के साझा मंत्र के तहत विभिन्न दलों और लोगों को एक साथ लाने के लिए एनडीए का गठन किया गया था।

एनडीए ने क्षेत्रीय आकांक्षाओं का राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ सहजता से सामंजस्य स्थापित किया है और सहकारी संघवाद की भावना को संस्थागत रूप दिया है। राज्य विकास में भागीदार बने। परामर्श, सहयोग और साझा जिम्मेदारी के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों को फिर से परिभाषित किया गया। कई वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी हमारी राजनीति के इस पहलू के महत्व को पूरी तरह से समझते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, एनडीए का काफी विस्तार हुआ है। आज, एन.डी.ए.:

•शासन वाले राज्य मिलकर भारत की तीन-चौथाई से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
•भारत के लगभग तीन-चौथाई भूभाग में इसकी सरकारें हैं।
•अनुसूचित जाति की सबसे अधिक जनसंख्या वाले शीर्ष 10 राज्यों में से 7 राज्यों में इसकी सरकारें हैं।
•जिन 10 राज्यों में अनुसूचित जनजाति की आबादी सबसे अधिक है, उनमें से 8 राज्यों में सरकारें हैं।
•2014 से एनडीए का विस्तार पार्टियों और भौगोलिक दृष्टि से दोनों ही मामलों में हुआ है।
•2014 के बाद से एनडीए ने हरियाणा, त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पहली बार सरकारें बनाई हैं।
•एनडीए ने आंध्र प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया, जहां सम्मानित गठबंधन सहयोगी सरकार के अभिन्न अंग हैं।
•गुजरात में भाजपा 1995 से हर चुनाव जीतती आ रही है।
•उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चार दशकों से अधिक समय में सत्ता में वापसी करने वाली पहली पार्टी बनकर इतिहास रच दिया।
•एनडीए पूर्वोत्तर के लगभग सभी राज्यों में सत्ता में है, जिनमें से कई राज्यों में जनजातीय और ईसाई आबादी की संख्या अधिक है।
•भारतीय राजनीति में अक्सर सत्ता-विरोधी लहर जैसी घटना देखने को मिलती है, जहां मौजूदा सरकारों को खराब प्रदर्शन के कारण हार का सामना करना पड़ा। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि एनडीए ने सत्ता समर्थक सरकार के युग की शुरुआत की है।
•60 से अधिक वर्षों के बाद 2024 में ही राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटा। यह युवाओं और महिलाओं के रिकॉर्ड समर्थन के कारण संभव हुआ है, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को मजबूत स्वीकृति दी है।
•आज भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। दुनिया भारत में निवेश करना चाहती है और हमारे युवाओं से जुड़ना चाहती है। विभिन्न क्षेत्रों में हमारी प्रगति सराहनीय है। 2047 तक विकसित भारत का हमारा सामूहिक दृष्टिकोण भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान करता है। पिछले 12 वर्ष की उपलब्धियां मजबूत नींव का निर्माण करती हैं, जिस पर और भी अधिक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है।
•राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन भारत की जनता के निरंतर विश्वास और समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा के प्रति अथक समर्पण के लिए उन्हें बधाई देता है। साथ ही, यह एनडीए के प्रत्येक घटक दल, प्रत्येक निर्वाचित प्रतिनिधि और प्रत्येक कार्यकर्ता के अमूल्य योगदान को भी स्वीकार करता है, जिन्होंने इस दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान दिया।
•नवनिर्मित प्रतिबद्धता और आत्मविश्वास के साथ, एनडीए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में काम करना जारी रखने का संकल्प लेता है।