पश्चिम बंगाल : शिक्षक भर्ती घोटाला
भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेशाध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार और भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ. संबित पात्रा ने 04 अप्रैल, 2025 को केन्द्रीय कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बंगाल में हुए शिक्षक भर्ती घोटाले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को खारिज करने व कोर्ट के निर्णय का विरोध करने को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर आलोचना की। डॉ. पात्रा ने नैतिकता के आधार पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख एवं सीएम ममता बनर्जी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किसी भी आधार पर मानने से इन्कार करना पूरी तरह तानाशाही और हिटलरशाही है।
डॉ. पात्रा ने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में 2016 से 2021 के बीच हुए स्कूल भर्ती घोटाले पर टिप्पणी की है। पश्चिम बंगाल में विज्ञापन के माध्यम से निकली टीचर और नॉन-टीचिंग
टीएमसी प्रमुख एवं सीएम ममता बनर्जी द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को किसी भी आधार पर मानने से इन्कार करना पूरी तरह तानाशाही और हिटलरशाही है
स्टाफ की पोस्ट पर लगभग 23 से 24 लाख एप्लिकेंट्स ने आवेदन किया था। 2016 से 2021 के बीच लगभग 25,780 से अधिक टीचर और नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति की गई थी। उसमें इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था कि इस विषय को लेकर कई लोग कोर्ट में गए और उस समय बंगाल में इसे ‘ब्राइब फॉर जॉब स्कैम/ नौकरी के लिए रिश्वत घोटाला’ और ‘स्कूल भर्ती घोटाले’ के नाम से जाना गया।
22 अप्रैल 2024 को कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक स्पष्ट निर्णय देते हुए कहा कि यह जो 25,780 नियुक्तियां हुई हैं, यह भर्ती प्रक्रिया दोषपूर्ण है और भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। पैसे लेकर गलत तरीकों से ओएमआर शीट को नष्ट कर दिया गया, ताकि यह पता न चले कि कौन सही है और कौन गलत। ताकि, जो सबसे नीचे के पायदान पर था, उस उम्मीदवार को ऊपर लाकर उच्च रैंक में स्थापित किया जा सके। जो टॉपर नहीं था, उसे टॉपर बना दिया गया। जिसने परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की, जिसने ओएमआर शीट में किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया, उसे भी पैसे के बल पर नियुक्ति पत्र दे दी गई।
उन्होंने कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने अपना आखिरी फैसला सुनाया, जब हाईकोर्ट ने ये फैसला दिया था, तब सुप्रीम कोर्ट में 126 अप्लिकेंट अपनी ऐप्लिकेशन दायर करने के गए थे कि हाईकोर्ट के इस फैसले को खारिज किया जाए। उनमें से एक अप्लिकेंट वेस्ट बंगाल की सरकार भी थी। ममता सरकार का कहना था कि हाईकोर्ट गलत बोल रहा है। ये कोर्ट हमारे एजुकेशन सिस्टम को ध्वस्त करना चाहता है, तो कोर्ट के इस फरमान को खारिज कर दिया जाए।” सुप्रीम कोर्ट ने उस समय स्टे ऑर्डर दिया। इसके बाद इस मामले में पूरी जांच हुई और कल सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच ने जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार दोनों ने अपना फैसला सुनाया। आदेश के एक अंश में कहा गया है कि हमने इस केस के तथ्यों को जांच की है, जो सिलेक्शन प्रोसेस है, वह पूरी तरह से भ्रष्ट है, फ्रॉड है और धोखाधड़ी है। विश्वसनीयता की धज्जियां उड़ गई हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. पात्रा ने कहा कि आज कितने लोग रो रहे हैं, कितने शिक्षक रो रहे हैं, उनका घर बर्बाद हो रहा है। अभी लगभग 26,000 लोगों को नौकरियों से निकाले जाएंगे, उनके जीवन पर क्या गुजर रही होगी? क्योंकि ममता बनर्जी ने यह सारी घपलेबाज़ी, घोटालेबाज़ी की है, इसलिए आज लाखों लोग परेशान हैं। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी से मांग की है कि जिन 25,750 लोगों की तनख्वाह बंद होगी, ममता बनर्जी टीएमसी के फंड से या सीएम रिलीफ फंड से उनका भरण-पोषण करें और उन्हें सैलरी दें। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के पश्चात् सीएम ममता बनर्जी ने मानवीय पक्ष की बात की, उन्होंने कहा कि ह्यूमेनिटेरियन ग्राउंड पर मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं मानती और मैं यह फैसला खारिज करती हूं। भाजपा का सुप्रीम कोर्ट से भी सविनय निवेदन है कि ऐसे विषयों पर स्वतः संज्ञान लें और ममता बनर्जी व तृणमूल कांग्रेस की सरकार पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट के तहत मामला चलाए जाए।
डॉ. पात्रा ने कहा कि सीएम ममता बनर्जी की इस तालिबानी तानाशाही वाले शासन के खिलाफ आज पश्चिम बंगाल की जनता को एकजुट होने की आवश्यकता है।
पश्चिम बंगाल भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार ने कहा जिन तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पैसे लेकर नौकरियां बेचीं, उन्हें ममता बनर्जी ने बचाया। कैबिनेट की बैठक करके स्कूलों में जहां 1,000 शिक्षकों की ज़रूरत थी, वहां 1,500 अतिरिक्त पद सिर्फ उन लोगों को बचाने के लिए बनाए गए, जिन्होंने घूस देकर नौकरियां पाई थीं। यह एक सोची-समझी रणनीति थी, जिसमें पूरा मंत्रिमंडल शामिल था।

