जॉर्ज सोरोस के साथ कांग्रेस का संबंध: ‘भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय’
संसद में कांग्रेस एवं विपक्षी नेताओं की नारेबाजी तथा व्यवधान के बीच भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 10 दिसंबर, 2024 को जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के भारत विरोधी रुख पर गंभीर सवाल उठाये और उनके संगठनों के साथ संबंध रखने के लिए कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना की। इस दौरान श्री नड्डा ने ‘जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस पार्टी के बीच संबंधों’ पर स्पष्टीकरण देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के श्री सोरोस द्वारा वित्तपोषित संगठनों के साथ संबंध हैं और गांधी परिवार भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए ओसीसीआरपी (संगठित अपराध एवं भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना) जैसे समूहों के साथ घनिष्ठ संबंध रखती है। श्री नड्डा ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी के एफडीएल-एपी के साथ संबंध रहे हैं, जिसने कश्मीर को एक ‘स्वतंत्र राष्ट्र’ बनाने के विचार का समर्थन किया है, इस संस्था को भी जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन से धन मिल रहा है।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा ‘संगठित अपराध एवं भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना (ओसीसीआरपी) उन संगठनों में से एक है, जिनके माध्यम से सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। हम सभी जानते हैं कि विपक्ष के नेताओं ने सदन में उन सभी मुद्दों को उठाया है, जिन्हें ओसीसीआरपी ने उठाया था। विपक्षी नेता देश में अस्थिरता लाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के बीच क्या संबंध हैं’?
कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खेल रही है
भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रही विपक्षी पार्टी एवं सोरोस के संबंधों का जिक्र करते हुए श्री नड्डा ने कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के हथियार के रूप में काम करने की बात कही। उन्होंने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी फोरम ऑफ द् डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पैसिफिक फाउंडेशन की सह-अध्यक्ष हैं, जिसे सोरोस फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित किया जाता है। “यह संबंध चिंता का विषय है…’। ‘इससे भारत की छवि खराब हो रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। लोग चिंतित हैं… कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खेल रही है। इसलिए, हम चर्चा चाहते हैं।”
ओसीसीआरपी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अस्थिर करने के लिए प्रयासरत
श्री नड्डा ने कहा, “संगठित अपराध एवं भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग परियोजना (ओसीसीआरपी) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अस्थिर करने के लिए प्रयासरत है। ओसीसीआरपी ने जो कुछ भी रिपोर्ट किया है, उसे लोकसभा में विपक्ष के नेता द्वारा संसद में उठाया है और साबित किया है कि वह बाहरी ताकतों का हथियार बन गये हैं और देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। वे देश में अस्थिरता लाने का प्रयास कर रहे हैं।”
देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए खतरनाक
श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसिफिक के सह-अध्यक्ष हैं। यह संगठन जम्मू-कश्मीर को एक अलग इकाई मानता है। कांग्रेस ऐसे संगठनों के साथ मिली हुई है, जो देश में अस्थिरता लाना चाहते हैं। यह देश की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इस तरह की गतिविधि के लिए जॉर्ज सोरोस द्वारा फंडिंग की जा रही है। मैं जानना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी एवं जॉर्ज सोरोस के बीच क्या संबंध है?
श्री नड्डा ने कहा कि हम जनता के प्रति जवाबदेह हैं, लेकिन वह हमसे पूछ रहे हैं कि क्या हम देश के लिए खड़े हैं। मैं उनसे वादा करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार भारत के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जो लोग अभी भी विदेशी प्रभाव में आकर भारत में बदलाव लाने का सपना देख रहे हैं, वह सफल नहीं होंगे।
भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास
इससे पहले केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने भी सोनिया गांधी एवं जॉर्ज सोरोस के बीच संबंधों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ओपन सोसाइटी फाउंडेशन के संस्थापक जॉर्ज सोरोस प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है।
क्या सोरोस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के लिए पैसे दिए?
भाजपा सांसद श्री निशिकांत दुबे ने 06 दिसंबर को कहा, “कांग्रेस जॉर्ज सोरोस के साथ मिली हुई है, क्या सोरोस ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के लिए पैसे दिए या नहीं? सोरोस ने 1000 भारतीय बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए पैसे दिए और उनमें से कितने कांग्रेस नेताओं के बच्चे हैं?’
क्या कांग्रेस उत्तर दे सकती है?
• ऐसा क्यों होता है कि जब भी संसद का सत्र शुरू होने वाला होता है, ठीक उससे पहले विदेश से कोई न कोई मुद्दा उठाया जाता है और कांग्रेस उसी मुद्दे पर संसद को बाधित करने लग जाती है? क्या यह महज एक संयोग है या फिर व्यवस्थित रूप से भारत विरोधी प्रयोग है?
• मीडिया में विषय आया है कि फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पैसिफिक (FDL-AP) जिसके के प्लेटफ़ॉर्म से जिस तरह की भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थित बातें कही जा रही हैं, उसमें सोनिया गांधी जी सह-अध्यक्ष हैं और भारत विरोधी एजेंडा के सूत्रधार जॉर्ज सोरोस इसे फंड कर रहे हैं।
• भाजपा कांग्रेस और विपक्ष से स्पष्ट रूप से पूछना चाहती है कि FDL-AP से कांग्रेस के और सोनिया गांधी जी के क्या संबंध हैं? सोनिया गांधी ने इस संस्था में सह-अध्यक्ष का पद क्यों स्वीकार किया था?
• FDL-AP के प्लेटफ़ॉर्म से जिस तरह जम्मू-कश्मीर के संबंध में भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में बातें की जा रही हैं, क्या इसमें सह-अध्यक्ष होने के नाते सोनिया गांधी जी की सहमति है?
• भाजपा का स्पष्ट रूप से मानना है कि जॉर्ज सोरोस और उनसे जुड़े संगठन भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और यह साजिश देशद्रोह के समकक्ष है। यदि कांग्रेस का ऐसे लोगों के साथ संबंध है तो कांग्रेस यह बताए कि क्या उनका शीर्ष नेतृत्व देशद्रोहियों के साथ है?
• देशद्रोही शक्तियों के साथ कांग्रेस के लोग पदाधिकारी बने बैठे हैं। जॉर्ज सोरोस जैसे वो लोग जो एलानिया कह रहे हैं कि वो भारत में अस्थिरता लाना चाहते हैं, मोदी सरकार को हटाना चाहते हैं, उनके साथ कांग्रेस की दोस्ती का राज क्या है?
• अफसोस की बात ये है कि देश के ऊपर जो रहस्यपूर्ण प्रश्न बाहर से उठाए जा रहे हैं, कांग्रेस उनका साथ दे रही है। उनका साथ देना एक प्रकार से देशद्रोही शक्तियों के साथ हाथ मिलाने के समान है।
• विदेशी शक्तियों के साथ खड़े रहने का कांग्रेस का इतिहास रहा है। यह वही कांग्रेस है जिसने तेल के बदले कूपन लिए थे और सद्दाम हुसैन से पैसा लिया था जिसका 2005 की वोल्कर रिपोर्ट में खुलासा भी हुआ था।
• कांग्रेस पार्टी पर यह आरोप केवल भारतीय जनता पार्टी के नहीं है बल्कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व विदेश मंत्री ने खुद अपनी किताब में सोनिया गांधी को लिखे पत्र में विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार किया था।
• राजीव गांधी फाउंडेशन को भी सोरोस की संस्था से पैसे मिले थे, जिसकी खबरें मीडिया में पहले से हैं।
भाजपा जानना चाहती है कि सोनिया गांधी का एफडीएल-एपी से क्या संबंध है
भाजपा मुख्यालय (नई दिल्ली) में 09 दिसंबर, 2024 को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ कथित सांठगांठ एवं भारतीय संसद के कामकाज में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि यह पहले भी स्पष्ट हो चुका है कि जब भी संसद का सत्र शुरू होता है, तो कुछ विदेशी रिपोर्ट या घटनाएं घटित होती हैं, जिससे संसद की कार्यवाही बाधित होती है।
•• उदाहरण के तौर पर किसानों से संबंधित रिपोर्ट 3 फरवरी, 2021 को आई थी, जबकि भारतीय संसद का सत्र 29 जनवरी, 2021 को था।
•• पेगासस रिपोर्ट 18 जुलाई, 2021 को आई, जबकि संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई, 2021 को था।
•• हिंडनबर्ग रिपोर्ट 24 जनवरी, 2023 को आई, जब संसद का बजट सत्र 30 जनवरी, 2023 को था।
•• बीबीसी की डाक्यूमेंट्री 17 जनवरी, 2023 को आई, जबकि संसद का सत्र 30 जनवरी, 2023 से शुरू हुआ था।
•• मणिपुर का वीडियो 19 जुलाई, 2023 को रिलीज हुआ, जबकि संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई ,2023 को शुरू हुआ।
•• 10 मई, 2024 को वैक्सीन से संबंधित रिपोर्ट आई, जबकि भारत में लोकसभा चुनाव चल रहे थे।
•• अगस्त, 2024 में सेबी के अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट आई और हाल ही में 25 नवंबर से भारत का संसद सत्र शुरू होने वाला था, लेकिन 20 नवंबर को यूएस में एक रिपोर्ट जारी हो गई।
डॉ. त्रिवेदी ने पूछा, “क्या यह महज संयोग है या कोई सुनियोजित भारत विरोधी प्रयोग है?” उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष एवं कांग्रेस से स्पष्ट रूप से पूछना चाहती है और उनसे जवाब की अपेक्षा करती है –
• कांग्रेस एवं सोनिया गांधी का FDL-AP से क्या संबंध है? FDL-AP के मंच से जिस तरह से भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक बातें कही जा रही हैं, क्या यह कांग्रेस की सहमति से हो रहा है?
• कांग्रेस के लोग देशद्रोही ताकतों के साथ खड़े हैं, जो खुलेआम कहते हैं कि वह भारत में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं, उनसे कांग्रेस का क्या संबंध है?
जॉर्ज सोरॉस और राहुल गांधी एक ही विचारधारा के दो चेहरे हैं
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने 05 दिसंबर, 2024 को भाजपा मुख्यालय (नई दिल्ली) में एक प्रेस वार्ता में फ्रेंच अखबार ‘मीडिया-पार्ट’ में छपे लेख का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले एक त्रिकोण का खुलासा किया, जिसमें अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस, न्यूज पोर्टल ओसीसीआरपी और कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हैं।
• भारतीय वैक्सीन की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए ओसीसीआरपी ने 1 जुलाई को आर्टिकल लिखा और 2 जुलाई को कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार और कोवैक्सीन के खिलाफ अभियान चलाया। यहां पर, निर्देश ओसीसीआरपी का था और राहुल गांधी उस निर्देश का पालन किया।
•• ओसीसीआरपी ने लगातार भारत के बड़े उद्योगपतियों को निशाना बनाया है, उनके विरुद्ध अनर्गल रिपोर्ट पेश की हैं। इसके पीछे एकमात्र उद्देश्य है कि भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे भी डगमगाया जाए और भारत के शेयर मार्केट को गिरा दिया जाए। इसके पीछे छिपे मंशा थी कि जब मार्केट क्रैश करेगा तो आम भारतीय के पैसे डूब जायेंगे और लोग सरकार का विरोध करके सत्ता परिवर्तन करा देंगे।
•• देश पर आघात करने वाली जब भी ऐसी रिपोर्ट सामने आईं, राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देश के भीतर डी-इंडस्ट्रियलाइज़ेशन की बात की है। 18 जुलाई, 2021 को ओसीसीआरपी ने पेगासस रिपोर्ट को उजागर किया था और 19 जुलाई को राहुल गांधी ने इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सदन में हाहाकार मचाया। एक सोची समझी साजिश के तहत संसद सत्र से पहले ही ऐसी रिपोर्ट आती है और सदन में हंगामा करके स्थगित करा दिया जाता था।
•• जुलाई, 2022 में नेशनल हेराल्ड के केस में मां-बेटे से ईडी पूछताछ कर रही थी तो ओसीसीआरपी ने एक आर्टिकल छापा जिसमें लिखा गया कि राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी के खिलाफ चल रही लीगल प्रोसीडिंग राजनीतिक रूप से प्रेरित है। मां-बेटे ने 5 हजार करोड़ रुपये का गबन किया और ओसीसीआरपी ने अमेरिका में बैठकर उन्हें क्लीन चिट दे दी।
•• जब ओसीसीआरपी को कोई नुकसान होता है, तो राहुल गांधी क्यों परेशान हो जाते हैं? जब राहुल गांधी को तकलीफ होती है, तो ओसीसीआरपी क्यों रोने लगती है? ओसीसीआरपी और राहुल गांधी भले ही अलग-अलग दिखते हों, लेकिन उनकी आत्मा एक है। अगर सही मायने में कहा जाए तो जॉर्ज सोरॉस और राहुल गांधी एक ही विचारधारा के दो चेहरे हैं।
•• राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा के दौरान भी वहां राहुल गांधी ने ओसीसीआरपी से जुड़े बांग्लादेशी पत्रकार मुश्फिकुल फजल अंसारी से मुलाकात की थी। अंसारी लंबे समय से भारत विरोधी लेख प्रकाशित करते रहे हैं। जहां देश का अहित हो, वहां राहुल गांधी मौजूद रहते हैं।
•• दिल्ली में 2020 में हुए दंगों के दौरान आनंद मगनाले ने चीन से पैसे लाकर शरजील इमाम को दिए, जो दंगों में शामिल था। आनंद मगनाले ओसीसीआरपी के पत्रकार भी हैं और राहुल गांधी के करीबी आदमी भी हैं। यह केवल एक संयोग नहीं हो सकता।

