पिछले कुछ वर्षों में भारत और श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ हुए

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श्रीलंका के राष्ट्रपति की भारत यात्रा

श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका की 16 दिसंबर को नई दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को अधिक मजबूत प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका की पहली विदेश यात्रा थी। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का विस्तार देना था। दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई, जिसमें पेट्रोलियम पाइपलाइन स्थापित करने और बिजली ग्रिड को जोड़ने जैसे सहयोग को बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से कार्य करने की सहमति बनी

श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री अनुरा कुमारा दिसानायका ने 2022 में अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौरान और उसके बाद श्रीलंका के लोगों को भारत द्वारा दिए गए मजबूत समर्थन की गहरी सराहना की। उन्होंने समृद्ध भविष्य, अधिक अवसरों और निरंतर आर्थिक विकास की श्रीलंकाई जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी गहन प्रतिबद्धता को याद करते हुए इन उद्देश्यों की प्राप्ति में भारत के निरंतर समर्थन की आशा व्यक्त की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘सागर’ दृष्टिकोण में श्रीलंका के विशेष स्थान को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति श्री दिसानायका को इस संबंध में भारत की पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ हुए हैं और इसका श्रीलंका के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों नेताओं ने आगे सहयोग की संभावना पर जोर देते हुए भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की ताकि दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए पारस्परिक रूप से लाभप्रद व्यापक साझेदारी हो सके ।
जनोन्मुखी विकास साझेदारी को और अधिक तीव्र बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए दोनों नेताओं ने इन बिंदुओं पर सहमति व्यक्त की:

 भारतीय आवास परियोजना के चरण III और IV, 3 (तीन) द्वीप हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना और श्रीलंका भर में उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं जैसी चालू परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए मिलकर काम करना
 भारतीय मूल के तमिल समुदाय, पूर्वी प्रांत और श्रीलंका में धार्मिक स्थलों के सौर विद्युतीकरण के लिए परियोजनाओं के समय पर कार्यान्वयन की दिशा में पूर्ण समर्थन प्रदान करना
 श्रीलंका सरकार की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार विकास साझेदारी के लिए नई परियोजनाओं और सहयोग के क्षेत्रों की पहचान

दोनों नेताओं ने क्षमता निर्माण में श्रीलंका को सहायता प्रदान करने में भारत की भूमिका पर बल देते हुए और श्रीलंका में विभिन्न क्षेत्रों में उपयुक्त प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए; भारत में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के माध्यम से पांच वर्षों की अवधि में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 1500 श्रीलंकाई सिविल सेवकों के लिए केंद्रित प्रशिक्षण आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की और श्रीलंका की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अन्य क्षेत्रों के अलावा नागरिक, रक्षा और विधिक क्षेत्रों में श्रीलंकाई अधिकारियों के लिए और अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अवसरों की तलाश करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।

राष्ट्रपति श्री दिसानायका ने आपातकालीन वित्तपोषण और 4 बिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा सहायता सहित अद्वितीय और बहुआयामी सहायता के माध्यम से श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने अधिक संपर्क के महत्व का उल्लेख किया और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के एक-दूसरे के पूरक होने की बात स्वीकार की, जिसका उपयोग दोनों देशों के आर्थिक विकास और प्रगति के लिए किया जा सकता है। इस संबंध में नागपट्टिनम और कांकेसंथुराई के बीच यात्री नौका सेवा की बहाली पर संतोष व्यक्त करते हुए वे इस बात पर सहमत हुए कि अधिकारियों को रामेश्वरम और तलाईमन्नार के बीच यात्री नौका सेवा की शीघ्र बहाली की दिशा में काम करना चाहिए।

दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा हित साझा हैं। उन्होंने द्विपक्षीय रूप से और मौजूदा क्षेत्रीय ढांचे के माध्यम से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।