सत्र में लोकसभा की 20 और राज्यसभा की 19 बैठकें आयोजित की गईं

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संसद का शीतकालीन सत्र

संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर, 2024 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह सत्र 25 नवंबर, 2024 को शुरू हुआ था और 26 दिनों तक चले सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें और राज्यसभा की 19 बैठकें हुईं।

सत्र के दौरान लोकसभा में 5 विधेयक पेश किए गए और 4 विधेयक लोकसभा द्वारा पारित किए गए तथा 3 विधेयक राज्यसभा द्वारा पारित किए गए। सत्र के दौरान दोनों सदनों द्वारा ‘भारतीय वायुयान विधेयक, 2024’ नामक एक विधेयक पारित किया गया। विधेयक का उद्देश्य विमान अधिनियम, 1934 में समय-समय पर किए गए संशोधनों के कारण होने वाली अस्पष्टता को दूर करने के लिए विमान अधिनियम को फिर से लागू करना है।

हमारे देश ने 26 नवंबर, 2024 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया जो हमारे संविधान को अंगीकार करने की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक थी। उस दिन चार थीमों के तहत साल भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया गया— प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और इसकी महिमा का जश्न मनाना। इस अवसर को मनाने के लिए 26 नवंबर, 2024 को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहां एक स्मारक सिक्के और डाक टिकट के लॉन्च के अलावा ‘भारत के संविधान का निर्माण और इसकी गौरवशाली यात्रा’ और ‘भारत के संविधान का निर्माण: एक झलक’ शीर्षक से दो पुस्तकों का विमोचन भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं, दोनों सदनों के संसद सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया। दुनिया भर में सभी भारतीय राष्ट्रपति के साथ प्रस्तावना पढ़ने में शामिल हुए।

संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के वर्ष भर चलने वाले समारोह के हिस्से के रूप में 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में और 16 और 17 दिसंबर, 2024 को राज्यसभा में ‘भारत के संविधान के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई। लोकसभा में यह चर्चा 15 घंटे 43 मिनट तक चली जिसमें 62 सदस्यों ने भाग लिया और प्रधानमंत्री ने इसका उत्तर दिया। राज्यसभा में यह चर्चा कुल 17 घंटे 41 मिनट तक चली, जिसमें 80 सदस्यों ने भाग लिया और गृह मंत्री ने इसका उत्तर दिया।

हमारे देश ने 26 नवंबर, 2024 को एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया जो हमारे संविधान को अंगीकार करने की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक थी। उस दिन चार थीमों के तहत साल भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया गया— प्रस्तावना, अपने संविधान को जानें, संविधान का निर्माण और इसकी महिमा का जश्न मनाना।

2024-25 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों की पहली शृंखला पर चर्चा की गई और पूर्ण मतदान हुआ तथा संबंधित विनियोग विधेयक को लगभग 7 घंटे 21 मिनट की बहस के बाद 17.12.2024 को लोकसभा में प्रस्तुत कर उस पर चर्चा की गई और उसे पारित किया गया।

दो ऐतिहासिक विधेयक अर्थात् (i) संविधान (एक सौ उनतीसवां) संशोधन विधेयक, 2024 और (ii) केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024, ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के दृष्टिकोण के तहत लोकसभा और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनावों की व्यवस्था को प्रभावी करने के लिए, 17 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में पेश किए गए और 20 दिसंबर, 2024 को संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिए गए।

इस सत्र में लोकसभा में विधायी कार्य लगभग 54.5 प्रतिशत तथा राज्यसभा में लगभग 40 प्रतिशत रहा है।

लोकसभा में प्रस्तुत विधेयक

तटीय नौवहन विधेयक, 2024; मर्चेंट शिपिंग बिल, 2024; संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024; केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024; विनियोग (सं.3) विधेयक, 2024

संसद के सदनों की संयुक्त समिति को भेजे गए विधेयक

1. संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024
2. केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024

लोकसभा द्वारा पारित विधेयक

 बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024; रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024; आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024; विनियोग (सं.3) विधेयक, 2024

राज्यसभा द्वारा पारित विधेयक

 तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक, 2024; भारतीय वायुयान विधायक, 2024; बॉयलर्स विधेयक, 2024

संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक

 भारतीय वायुयान विधेयक, 2024