यंग वॉइस समिट, गांधीनगर (गुजरात)
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 21 फरवरी, 2026 को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित ‘यंग वॉइस समिट’ को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश विश्वकर्मा, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री श्री हर्ष सांगवी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री बी.एल. संतोष, प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री रत्नाकर सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
श्री नवीन ने कहा कि हम यहां उन युवाओं के बीच आए हैं जो गुजरात के विकास के साथ-साथ उसकी समृद्ध विरासत को भी आगे बढ़ा रहे हैं। आज का युवा जहां एक ओर अपने व्यक्तित्व और अपनी पहचान को गढ़ रहा है, वहीं राज्य की छवि को निखारने का भी निरंतर प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रदेश से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश के युवाओं में आशा और विश्वास का वातावरण बनाने का कार्य किया। गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में ‘वाइब्रेंट गुजरात’ और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ जैसे प्रयासों के माध्यम से उन्होंने उद्यमिता और निवेश को सशक्त मंच प्रदान किया। वर्ष 2014 का यह वह समय था, जब युवाओं के बीच स्टार्टअप और स्किल इंडिया जैसे विषयों पर व्यापक
उद्यमियों और युवा स्टार्टअप से यह अपेक्षा है कि वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करेंगे, क्योंकि ‘मेक इन इंडिया’ की पहचान विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता के मानक से होनी चाहिए
चर्चा नहीं होती थी। कोई व्यक्ति अपनी पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाकर व्यवसाय का विस्तार कर सकता था, लेकिन किसी युवा के लिए स्वयं इनोवेशन करने, स्टार्टअप शुरू करने और उसके लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध होने की सोच उस समय व्यापक रूप से विकसित नहीं हुई थी। संभव है कि गुजरात ने इस दिशा में पहल की हो, लेकिन देश स्तर पर इस विषय पर गंभीरता से सोचने की शुरुआत 2014 के बाद ही हुई, यह तथ्य हम सभी को ध्यान में रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें अपने युवाओं और युवा उद्यमियों को अवसर देने की आवश्यकता है, क्योंकि भविष्य उनके हाथ में है। आज गुजरात के युवा टेक्सटाइल, फार्मा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र भी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। फार्मा सेक्टर में गुजरात की कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 33 प्रतिशत है, जो देश के औद्योगिक परिदृश्य में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। टेक्सटाइल उद्योग में भी गुजरात अग्रणी स्थिति में है और इन क्षेत्रों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
श्री नवीन ने कहा कि उद्यमियों और युवा स्टार्टअप से यह अपेक्षा है कि वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करेंगे, क्योंकि ‘मेक इन इंडिया’ की पहचान विश्व स्तर पर उच्च गुणवत्ता के मानक से होनी चाहिए। उद्योग जगत को अपने ब्रांड को इस प्रकार विकसित करना चाहिए कि ‘मेक इन इंडिया’ का अर्थ ही उत्कृष्ट गुणवत्ता सुनिश्चित करना माना जाए। यदि गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए तो भारत प्रत्येक क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा और जिस भी क्षेत्र में भारत कार्य करेगा, वहां वह अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि ‘एआई समिट’ के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को केवल वैश्विक नेतृत्व ही नहीं दिया, बल्कि भविष्य के लिए एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जो एआई के क्षेत्र में भारत की भूमिका को आकार दे रहा है।
श्री नवीन ने कहा कि युवा हमेशा परिवर्तन का वाहक रहा है और यदि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देखा है, तो हमें भी अपने समय का पुरुषार्थ करते हुए देश के विकास में अपना पूर्ण योगदान देना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हमेशा कहते हैं कि ‘विरासत के साथ विकास भी’ होना चाहिए। जिस देश का इतिहास और संस्कृति पर गर्व नहीं होता, उसका भविष्य भी उज्ज्वल नहीं हो सकता। इसी प्रकार आज की युवा पीढ़ी को भी अपने ऊपर विश्वास रखना होगा। ‘अतीत एक खजाना है, इसे संरक्षित किया जाना चाहिए; वर्तमान एक संघर्ष है, इसे जारी रखा जाना चाहिए; और भविष्य एक सपना है, जिसकी प्रतीक्षा करनी चाहिए।’ ये तीन पंक्तियां युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और मुझे व्यक्तिगत रूप से भी मार्गदर्शन देने वाली रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का जो सपना देखा है, उसमें गुजरात के युवा उद्यमियों का महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए।

