प्रधानमंत्री मोदी जी की नीदरलैंड यात्रा

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री श्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 16-17 मई को नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा की। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी की नीदरलैंड की दूसरी यात्रा थी।
प्रधानमंत्री श्री जेटन और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद 16 मई की शाम को रात्रिभोज का आयोजन किया गया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों, गहरे जन-संबंधों और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को याद किया और इन बहुआयामी संबंधों को और अधिक गहरा करने की इच्छा व्यक्त की।
रणनीतिक साझेदारी
दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और बढ़ती समानताओं को देखते हुए दोनों नेताओं ने भारत और नीदरलैंड के संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। इस संदर्भ में उन्होंने एक रणनीतिक साझेदारी रोडमैप को अपनाने का स्वागत किया, जिसके तहत दोनों पक्ष राजनीतिक, व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, एआई और क्वांटम सिस्टम सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, विज्ञान एवं नवाचार, स्थिरता, स्वास्थ्य, सतत कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा संक्रमण, सतत परिवहन, समुद्री विकास, शिक्षा, संस्कृति एवं दोनों देशों की जनता के बीच संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में नियमित और सुनियोजित सहयोग के ज़रिए कार्य करने पर सहमत हुए।
दोनों नेताओं ने इस संबंध में दिसंबर, 2025 में विभिन्न प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे रक्षा, सेमीकंडक्टर और संबंधित उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल और साइबरस्पेस में सहयोग बढ़ाने, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों में सहयोग, संयुक्त व्यापार और निवेश समिति की स्थापना, साथ ही लोथल और एम्स्टर्डम के समुद्री संग्रहालयों के बीच सहयोग पर हुए समझौतों का स्वागत किया।
यूक्रेन के मुद्दे पर दोनों पक्षों ने जारी युद्ध पर चिंता जताई, जिसमें भारी तादाद में लोगों को कष्ट झेलने पड़ रहे हैं और जिसके वैश्विक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया/मध्य पूर्व की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई और क्षेत्र तथा व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों का उल्लेख किया, जिनमें भारी मानवीय पीड़ा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क में व्यवधान शामिल हैं।
चोल ताम्रपत्रों की वापसी
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री श्री रॉब जेटन की उपस्थिति में लाइडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय ने 16 मई को 11वीं शताब्दी के चोल ताम्रपत्र भारत सरकार को लौटा दिए।
चोल ताम्रपत्र, जिनमें 21 बड़े ताम्रपत्र और 3 छोटे ताम्रपत्र सम्मिलित हैं, 11वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान चोल राजाओं द्वारा जारी किए गए शाही अभिलेख हैं। ये अभिलेख अनैमंगलम ग्राम को तमिलनाडु के नागपट्टिनम स्थित ‘चूलामणिवर्म-विहार’ नामक बौद्ध विहार को भेंट किए जाने को औपचारिक रूप प्रदान करते हैं। इन ताम्रपत्रों में तमिल तथा संस्कृत भाषाओं में लिखित पाठ अंकित हैं।
श्री मोदी और श्री जेटन की उपस्थिति में 16 मई को गुजरात के धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब को सहयोग प्रदान करने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
श्री मोदी ने इस साझेदारी को देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उल्लेखनीय है कि एएसएमएल एक डच बहुराष्ट्रीय कंपनी है और यह हाई-प्रिसिजन लिथोग्राफी इक्विपमेंट के प्रमुख सप्लायर्स में से एक है, जो सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
अन्य प्रमुख दस्तावेज/समझौते
भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी रोडमैप (2026-2030)
भारत गणराज्य की सरकार और नीदरलैंड सरकार के बीच आवाजाही और प्रवासन पर समझौता ज्ञापन
भारत के खान मंत्रालय और नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता ज्ञापन

