भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर बनी सहमति

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प्रधानमंत्री की स्वीडन यात्रा

स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता

      प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 मई को स्वीडन के गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री श्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस महारानी विक्टोरिया ने भी इस बैठक में भाग लिया और महामहिम राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ और रानी सिल्विया की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, नवाचार, हरित परिवर्तन, उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा और सुरक्षा, डिजिटलीकरण, एसएमई, अंतरिक्ष, अनुसंधान, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी मेलजोल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति को स्वीकार किया। उन्होंने इन संबंधों को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं और नवाचार, स्थिरता तथा आर-एंड-डी संबंधों से प्रेरित हैं।

भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की। यह रणनीतिक साझेदारी चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगी: स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद; अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी; उभरती प्रौद्योगिकियां और विश्वसनीय संपर्क; और साथ मिलकर भविष्य का निर्माण– लोग, ग्रह, स्वास्थ्य और लचीलापन। इस रणनीतिक साझेदारी को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए दोनों नेताओं ने भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 को अपनाया, जो राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा, जलवायु और लोगों के आपसी जुड़ाव के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज़ को किया संबोधित

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 मई को गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज़ (ईआरटी) को संबोधित किया। स्वीडन के प्रधानमंत्री श्री उल्फ क्रिस्टरसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय उद्योग जगत के वरिष्ठ नेता तथा प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इस बातचीत में भाग लिया, जिसकी मेज़बानी वोल्वो ग्रुप द्वारा की गई थी।

श्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में हो रही प्रगति का स्वागत किया, जिसमें ऐतिहासिक भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं का सफल समापन भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को एक परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी बताया, जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं तथा सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं में नए अवसर सृजित करेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत–मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) जैसी संपर्क परियोजनाएं भारत-यूरोप व्यापार साझेदारी में नया मूल्य जोड़ती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जी ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर
ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित

     गोथेनबर्ग में आयोजित एक विशेष समारोह में स्वीडन की महामहिम क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने 17 मई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया। यह स्वीडन के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जिसकी स्थापना 18वीं शताब्दी में की गई थी। यह सम्मान स्वीडन द्वारा विदेशी शासनाध्यक्षों को असाधारण लोक सेवा तथा स्वीडन के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने में योगदान देने के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।

      इस अवसर पर संबोधित करते हुए श्री मोदी ने इस सम्मान के लिए स्वीडन की महामहिम क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया तथा स्वीडन की जनता के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों तथा भारत और स्वीडन के बीच स्थायी मित्रता को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया जाना भारत और स्वीडन के बीच ऐतिहासिक संबंधों एवं सभ्यतागत बंधनों की पुनर्पुष्टि है तथा यह दोनों देशों की जनता को जोड़ने वाली आत्मीयता और स्नेह का सम्मान भी है। उल्लेखनीय है कि श्री मोदी इस सम्मान से सम्मानित होने वाले पहले एशियाई नेता हैं।