भारत और नॉर्वे अपने संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के रूप में उन्नत करने पर हुए सहमत

| Published on:

प्रधानमंत्री मोदी जी की नॉर्वे यात्रा

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 18 मई को ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री श्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। भारत और नॉर्वे के बीच घनिष्ठ संबंधों के प्रतीक के रूप में एक विशेष भाव प्रदर्शित करते हुए ओस्लो हवाई अड्डे पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री श्री स्टोर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों के संपूर्ण आयामों की समीक्षा की, जिसमें व्यापार और निवेश, भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर अनुवर्ती कार्रवाई, जलवायु कार्रवाई और ऊर्जा परिवर्तन, ब्लू इकोनॉमी और ओशिन गवर्नेंस, अनुसंधान एवं उच्च शिक्षा, आर्कटिक व ध्रुवीय सहयोग, अंतरिक्ष और टैलेंट मोबिलिटी शामिल रहे। दोनों देश अपने संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के रूप में उन्नत करने पर सहमत हुए, जो सतत विकास और हरित प्रगति के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

2030 तक भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आर्थिक और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने भारत में नॉर्वेजियन उद्यमों द्वारा अधिक निवेश किए जाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने वर्ष 2030 तक भारत और नॉर्वे के बीच वर्तमान व्यापार के मूल्य को दोगुना करने के लक्ष्य को रेखांकित किया और व्यावसायिक प्रतिनिधियों को विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय व्यावसायिक सहयोग की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि टीईपीए के तहत 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता को पूरा किया जा सके और भारत में एक मिलियन रोजगार के अवसरों का सृजन किया जा सके।

दोनों नेताओं ने अपनी टीमों को ब्लू इकोनॉमी में सहयोग को और प्रगाढ़ करने का निर्देश दिया, जिसमें समुद्री इकोसिस्टम का संरक्षण, जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग), पर्यावरण-अनुकूल नौवहन (ग्रीन शिपिंग), टनलिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर, अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, नाविकों (सीफेयरर्स) का प्रशिक्षण, मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर शामिल हैं।

पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को रेखांकित करते हुए दोनों नेताओं ने कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (सीसीयूएस), ऑफशोर विंड जैसी विशिष्ट तकनीकों में अधिक सहयोग करने तथा भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में नॉर्वे द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश किए जाने का आह्वान किया।

दोनों नेताओं ने पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी तौर-तरीकों की पुष्टि करते हुए आर्कटिक में ध्रुवीय अनुसंधान और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, महासागर, जलवायु, स्वास्थ्य, क्रिटिकल मिनरल्स, उभरती प्रौद्योगिकियों और आईटी सहित अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी जी को रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया गया

     प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम ने 18 मई को ओस्लो में आयोजित एक विशेष समारोह में ‘द रॉयल नॉर्वे ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को प्रदान किया जाने वाला यह पुरस्कार नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान है। यह सम्मान नॉर्वे तथा मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में इस सम्मान के लिए नॉर्वे के महामहिम सम्राट हेराल्ड पंचम और नॉर्वे की जनता के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने इस पुरस्कार को भारत और नॉर्वे के बीच ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित करते हुए इसे भारत और नॉर्वे की जनता के बीच साझा की गई अटूट गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह के प्रति श्रद्धांजलि बताया।

यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मौजूद सद्भावना के गहरे बंधन का प्रतीक है और भविष्य में उनकी मित्रता तथा सहयोग की यात्रा का मार्गदर्शन करेगा।