भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय

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प्रधानमंत्री की इटली यात्रा

     इटली गणराज्य की मंत्रिपरिषद् की अध्यक्ष (प्रधानमंत्री) सुश्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 19-20 मई को इटली की आधिकारिक यात्रा की। यह यात्रा जून, 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए श्री मोदी की इटली यात्रा और 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री सुश्री मेलोनी की भारत यात्रा के बाद हुई, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की।
श्री मोदी ने 20 मई को रोम में सुश्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ औपचारिक वार्ता की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की मजबूत गति और द्विपक्षीय सहयोग में मज़बूत वृद्धि और विविधीकरण का स्वागत किया। उन्होंने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। दोनो नेताओं ने बहुपक्षीय आयोजनों के दौरान होने वाली बैठकों सहित नेताओं की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ नियमित मंत्रिस्तरीय और संस्थागत स्तर की बैठकों के आयोजन पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक और औद्योगिक सहयोग की बढ़ती गतिशीलता पर संतोष व्यक्त किया, जिसके तहत पिछले वर्ष से अब तक तीन उच्च स्तरीय व्यापार मंच (बिजनेस फोरम) आयोजित किए जा चुके हैं। भारत के तीव्र एवं सतत आर्थिक विकास से पैदा होने वाले अवसरों और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ताओं के सफल समापन के आधार पर दोनों पक्षों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने के साझा लक्ष्य की फिर से पुष्टि की।

दोनों नेताओं ने प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय निवेश में हुई वृद्धि का स्वागत किया और मजबूत आपूर्ति शृंखलाएं विकसित करने के लिए उद्योगों को औद्योगिक और तकनीकी साझेदारियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

‘क्रिटिकल मिनरल्स’ में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ यानी महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने सतत विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं पर विशेष ध्यान देते हुए महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने पुनः पुष्टि की कि नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत-इटली साझेदारी के प्रमुख प्रेरक हैं। उन्होंने भारत में स्थित ‘INNOVIT India’ नामक नवाचार केंद्र की स्थापना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के नवाचार तंत्रों के बीच सहयोग को मजबूत करना, स्टार्टअप कार्यक्रमों, बाजार पहुंच, संयुक्त अनुसंधान, विश्वविद्यालय सहयोग और प्रतिभा गतिशीलता को बढ़ावा देना है।

इतालवी अंतरिक्ष एजेंसी (एएसआई) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच चल रहे सहयोग की सराहना करते हुए दोनों नेताओं ने पृथ्वी अवलोकन (अर्थ ऑब्जर्वेशन), हेलियोफिज़िक्स और अंतरिक्ष अन्वेषण पर साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई, जिसमें केंद्रित विषयगत जुड़ाव शामिल है। साथ ही, अंतरिक्ष तक पहुंच और अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे के संरक्षण पर सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति बनी।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने मंत्रिस्तरीय आदान-प्रदान, सेनाओं के बीच संबंधों, बंदरगाह दौरों सहित रक्षा सहयोग मजबूत होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने संयुक्त आशय घोषणा और रक्षा औद्योगिक रोडमैप को अपनाने का स्वागत किया, जो तकनीकी सहयोग, सह-उत्पादन और सह-विकास परियोजनाओं के लिए साझेदारी को बढ़ावा देगा। दोनों नेताओं ने संस्कृति को द्विपक्षीय संवाद के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया और लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के विकास में इटली की भागीदारी के संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया।

भारत-यूरोपीय संघ संबंध

नेताओं ने 27 जनवरी, 2026 को भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में सहमति व्यक्त किए गए नए संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडे और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ताओं के सफल समापन का स्वागत किया। यह समझौता बाजार पहुंच बढ़ाने, व्यापार बाधाओं को कम करने और विविधीकृत मूल्य शृंखलाओं तथा नए बाजार अवसरों के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा और मजबूती को सुदृढ़ कर संबंधों को नई ऊंचाई देगा।