‘कार्यकर्ता आधारित संस्कृति भाजपा की विशिष्ट पहचान’

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का बिहार प्रवास

     भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन 23 मई, 2026 को पटना में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ के अंतर्गत आयोजित पटना महानगर जिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन समारोह का उद्घाटन किया और उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।

श्री नवीन ने ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान’ के अंतर्गत आयोजित पटना महानगर जिला प्रशिक्षण वर्ग के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। श्री नवीन ने कहा कि यह प्रदर्शनी संगठन को सींचने में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले महान कार्यकर्ताओं के संघर्ष, समर्पण एवं तपस्या की गाथा दर्शाने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में हुए जनकल्याणकारी कार्यों, उपलब्धियों तथा बिहार में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकासात्मक प्रयासों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने वाली है।

मुख्य बिंदु
भाजपा की यात्रा केवल एक राजनीतिक दल के विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि यह राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना, सेवा, संघर्ष और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा है
भाजपा का मूल उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाना है
आपातकाल के दौरान भी हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया, जेल गए, लेकिन राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता नहीं छोड़ी
भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी संगठन की रीढ़ माना जाता है। यही कार्यकर्ता आधारित संस्कृति भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों से अलग पहचान देती है
प्रशिक्षण वर्ग केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि वैचारिक मजबूती, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्र सेवा के संकल्प को और सशक्त बनाने का अवसर है

श्री नवीन ने ‘भाजपा का इतिहास, वैचारिक आधार एवं विकास यात्रा’ विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की यात्रा केवल एक राजनीतिक दल के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना, सेवा, संघर्ष और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा है। भाजपा की वैचारिक नींव डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के राष्ट्रवादी चिंतन और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन पर आधारित है। भाजपा का मूल उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाना है। वर्ष 1951 में स्थापित भारतीय जनसंघ से लेकर आज विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के रूप में स्थापित भाजपा तक की यात्रा संघर्ष, समर्पण और कार्यकर्ताओं की तपस्या का परिणाम है। प्रारंभिक दौर में सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद कार्यकर्ताओं ने विचारधारा से समझौता नहीं किया और संगठन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया।

श्री नवीन ने आपातकाल के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया, जेल गए, लेकिन राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता नहीं छोड़ी। भाजपा की राजनीति सदैव सिद्धांत आधारित रही है। भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति उसका समर्पित कार्यकर्ता है। भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी संगठन की रीढ़ माना जाता है। यही कार्यकर्ता आधारित संस्कृति भाजपा को अन्य राजनीतिक दलों से अलग पहचान देती है। आज भाजपा के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के अवसर, आधारभूत संरचना के विकास, डिजिटल परिवर्तन तथा वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत पहचान भाजपा सरकारों की प्राथमिकता रही है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्षजी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण वर्ग केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि वैचारिक मजबूती, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्र सेवा के संकल्प को और सशक्त बनाने का अवसर है। कार्यकर्ताओं को भाजपा के इतिहास, विचारधारा और संगठनात्मक संस्कृति को समझकर समाज के बीच ले जाना चाहिए। भाजपा की राजनीति केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प से जुड़ी हुई है। श्री नवीन ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा की यात्रा सत्ता प्राप्ति की यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की यात्रा है। यह संघर्ष से सफलता तक की यात्रा है। यह कार्यकर्ता आधारित संगठन की शक्ति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यात्रा है। अंत में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।