भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने 25 फरवरी, 2026 को पटना, बिहार में मीडिया को संबोधित किया और कांग्रेस की ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ राजनीति को लेकर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहते हुए गांधी-नेहरू परिवार ने देशहित से समझौता कर अपने निजी और राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। पंडित नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक कांग्रेस का ‘वंशवाद’ केवल सत्ता का ही नहीं, बल्कि विदेशी प्रभाव, भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय हितों से कॉम्प्रोमाइज का एक अटूट सिलसिला बन चुका है।
श्री नवीन ने कहा कि कांग्रेस की ‘कॉम्प्रोमाइज्ड स्टोरी’ को आज सबके सम्मुख रखना आवश्यक है कि किस तरह से देश की जनता से समझौता करते हुए गांधी परिवार का ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ चलता रहा है और गांधी-नेहरू परिवार केवल अपने निजी हितों की रक्षा के लिए कार्य करता रहा है। एक समय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने स्वयं कहा था कि 45 करोड़ जनता उनके लिए लायबिलिटी है। एक प्रधानमंत्री के रूप में इस प्रकार का वक्तव्य देश की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। विदेशी ताकतों के साथ उनके कैसे संबंध रहे, यह पूरा देश जानता है। आज जो राहुल गांधी बब्बर शेर बन रहे हैं, वो किस तरह से विदेशी ताकतों की कठपुतली बनकर कार्य करते हैं, यह भी देश ने देखा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ के कुछ बड़े उदाहरण इतिहास में दर्ज हैं। इतिहास गवाह है कि पंडित नेहरू का सचिवालय किस तरह सीआईए और अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए खुली किताब की तरह कार्य करता था। 1954 में पंडित नेहरू ने बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकारों को चीन को सौंप दिया था। पंचशील समझौते की आड़ में अक्साई चीन पर चीन के कब्जे को भी स्वीकार कर लिया गया। किस तरह पंडित नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को स्थायी सदस्यता दिए जाने की वकालत की, यह भी देश ने देखा है। इसी तरह इंदिरा गांधी की सरकार के समय के लिए अमेरिकी राजदूत मोयनिहान ने यह स्वीकार किया था कि सीआईए द्वारा कांग्रेस को चुनाव प्रचार के लिए धन दिया गया था। शिमला समझौते में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बिना पीओके पर कब्जा लिए बिना छोड़ देना, यह किस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ के तहत किया गया? इसी तरह कच्चाथीवू द्वीप को उपहार स्वरूप श्रीलंका को सौंप देना भी इंदिरा गांधी के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ की स्टोरी बताता है।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के भी कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन को देखना जरूरी है कि किस तरह से उन्होंने रक्षा सौदों को अपने निजी बैंक अकाउंट को भरने का माध्यम बनाया। बोफोर्स घोटाले में स्वीडिश जांच को प्रभावित करने तथा अपने सहयोगी ओतावियो क्वात्रोची को बचाने का प्रयास किया गया। इसी प्रकार, भोपाल गैस त्रासदी के बाद हजारों भारतीयों के हत्यारे वॉरेन एंडरसन को सरकारी विमान से सुरक्षित देश से बाहर भेजना भी कांग्रेस के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ को दर्शाता है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से ‘सुपर पीएम’ बनकर समानांतर रूप से सरकार और कैबिनेट का संचालन करके कांग्रेस के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम’ के मिशन को पूरा कर रही थीं। इसी कालखंड में राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन की सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली, यह किस कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन के तहत किया गया? कांग्रेस बताये कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कौन सा गुप्त समझौता किया गया? यह घटनाएं कांग्रेस के कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन की झलक प्रस्तुत करती हैं।
श्री नवीन ने कहा कि देश में नेगेटिव पॉलिटिक्स के पोस्टर बॉय राहुल गांधी ने 247 से अधिक विदेशी यात्राएं कीं, लेकिन अधिकांश यात्राओं की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी गई। यह सब किस कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन के तहत हो रहा था? राहुल गांधी का विदेश जाकर भारत विरोधी रुख रखने वाली इल्हान उमर तथा जॉर्ज सोरोस जैसे व्यक्तियों से मुलाकात करना और उनके इशारे पर देश के भीतर राजनीति करना किस मिशन के तहत हो रहा था? लद्दाख के संवेदनशील सीमा क्षेत्र में भी शाकिर मेराली जैसे विदेशी नागरिक के साथ घूमना, जिसकी सोरोस समर्थित पूंजीपतियों के साथ मिलीभगत थी, यह दिखाता है कि राहुल गांधी की पूरी राजनीति कॉम्प्रोमाइज्ड लीगेसी को ही आगे बढ़ाने वाली रही है और राहुल गांधी इस लीगेसी के अंतिम दूत बनकर सामने आए हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी जिस तरह से कांग्रेस की अराजकतावादी मानसिकता को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं, यह राहुल गांधी के कॉम्प्रोमाइज्ड एटीट्यूड को दिखाता है। पहले देशहित से कॉम्प्रोमाइज किया, फिर राजनीतिक दिशा से कॉम्प्रोमाइज किया और अब अपने कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी, युवाओं की सकारात्मक सोच को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। देश की जनता इनके कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन को समझ चुकी है, यह देशहित से किसी भी प्रकार का कॉम्प्रोमाइज्ड कर सकते हैं। आने वाले समय में देश की जनता इन कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन वालों को कड़ा जवाब देगी।
मुख्य बिंदु
कांग्रेस की ‘कॉम्प्रोमाइज्ड स्टोरी’ को आज सबके सम्मुख रखना आवश्यक है कि किस तरह से देश की जनता से समझौता करते हुए, गांधी परिवार का ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ चलता रहा है और गांधी-नेहरू परिवार केवल अपने निजी हितों की रक्षा के लिए कार्य करता रहा है।
इतिहास गवाह है कि 1954 में पंडित नेहरू ने बिना किसी प्रतिफल के तिब्बत में भारत के अधिकारों को किस तरह चीन को सौंप दिया था। किस तरह पंडित नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन को स्थायी सदस्यता दिए जाने की वकालत की, यह भी देश ने देखा है।
कांग्रेस बताये कि सीआईए द्वारा कांग्रेस को चुनाव प्रचार के लिए धन किस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ के तहत दिया गया? शिमला समझौते में 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बिना पीओके पर कब्जा लिए बिना छोड़ देना, यह किस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ के तहत किया गया?
कच्चाथीवू द्वीप को उपहार स्वरूप श्रीलंका को सौंप देना इंदिरा गांधी के किस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ को बताता है?
किस कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन के तहत राजीव गांधी की सरकार ने रक्षा सौदों को अपने निजी बैंक अकाउंट को भरने का माध्यम बनाया। भोपाल गैस त्रासदी के बाद हजारों भारतीयों के हत्यारे वॉरेन एंडरसन को सरकारी विमान से कांग्रेस ने किस ‘कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन’ के तहत सुरक्षित देश से बाहर भेजा था?
क्या सोनिया गांधी, 2004 से 2014 के बीच नेशनल एडवाइजरी काउंसिल के माध्यम से ‘सुपर पीएम’ बनकर कांग्रेस के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम’ के मिशन को पूरा कर रही थीं।
राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन की सरकार और जॉर्ज सोरोस के नेटवर्क से फंडिंग मिली, यह किस कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन के तहत किया गया? कांग्रेस बताये कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कौन सा गुप्त समझौता किया गया?
राहुल गांधी का विदेश जाकर भारत विरोधी रुख रखने वाली इल्हान उमर तथा जॉर्ज सोरोस जैसे व्यक्तियों से मुलाकात करना और उनके इशारे पर देश के भीतर राजनीति करना किस मिशन के तहत हो रहा था?
लद्दाख के संवेदनशील सीमा क्षेत्र में भी शाकिर मेराली जैसे विदेशी नागरिक के साथ घूमना, जिसकी सोरोस समर्थित पूंजीपतियों के साथ मिलीभगत थी, क्या यह compromised mission नहीं है?
राहुल गांधी की पूरी राजनीति कॉम्प्रोमाइज्ड लीगेसी को ही आगे बढ़ाने वाली रही है और राहुल गांधी इस लीगेसी के अंतिम दूत बनकर सामने आए हैं।
कांग्रेस ने पहले देशहित से कॉम्प्रोमाइज किया, फिर राजनीतिक दिशा से कॉम्प्रोमाइज किया और अब अपने कॉम्प्रोमाइज मिशन के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस, युवाओं की सकारात्मक सोच को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
देश की जनता इनके कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन को समझ चुकी है, यह देशहित से किसी भी प्रकार का कॉम्प्रोमाइज्ड कर सकते हैं। आने वाले समय में देश की जनता इन कॉम्प्रोमाइज्ड मिशन वालों को कड़ा जवाब देगी।
भाजपा की कार्यसंस्कृति ‘Nation First, Party Next, Self Last’ की रही है, जहां राष्ट्रहित सर्वोपरि है। वहीं, कांग्रेस की राजनीति ‘Self First, Party Next, Nation Last’ की है, जहां हमेशा राष्ट्रहित से compromise करते हुए व्यक्तिगत स्वार्थ को सर्वोपरि माना जाता रहा है।
एक तरफ आपने कांग्रेस की पूरी लीडरशिप की Compromised Story को देखा। इसके विपरित भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय हित के साथ कभी भी Compromised नहीं किया।

